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ये तो ताऊ और भतीजे की लड़ाई है
बरेली
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:02 AM IST
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रामपुर गार्डन में 35यू/4 में रहने वाले अधिवक्ता कमल मोहन सक्सेना और अंबर निगम के बीच असली लड़ाई तो खून के रिश्ते ही है। अंबर उनका भतीजा होने के सबूत पेश कर रहा है तो क मल मोहन उसे भतीजा मानने को तैयार नहीं और इसीलिए भाई (अंबर के पिता) के साथ साझी करोड़ों की जमीन पर अंबर का हक नहीं मानते। इस बीच डीआईजी के निर्देश पर एसएसपी धर्मवीर यादव ने रामपुर गार्डन में बुजुर्ग अधिवक्ता कमल मोहन निगम दंपति की कोठी पर जबरन कब्जा करने के आरोप में डिप्टी सीएमओ दीपा सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं।
कमल मोहन बरेली कॉलेज के कॉमर्स के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट रहे स्वर्गीय हरिहर प्रसाद निगम के बेटे हैं। हरिहर निगम की चार संतानें थीं। सबसे बड़ी बेटी पूर्णिमा निगम हैं। दूसरे नंबर के कमल मोहन, तीसरे नंबर की मधुबाला निगम और चौथे नंबर के दिलीप निगम थे। दिलीप बरेली कारपोरेशन बैंक में कर्मचारी थे। उनकी शादी रेनू से हुई थी। 12 जून 1989 को दिलीप के घर बेटे का जन्म हुआ। जिसका नाम अंबर रखा गया। 29 मई 1991 को बेटी प्रियंका को जन्म देने के बाद रेनू चल बसीं। इसी बीच दिलीप की भी 29 साल की उम्र में मौत हो गई। रामपुर बाग में कमल मोहन सक्सेना और उनके भाई की करोड़ों रुपये की जमीन हैं। कमल मोहन का कहना है कि उनके भाई के बेटे का अपहरण हो गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। कमल मोहन के बहनोई चमन सक्सेना ने बताया कि अंबर निगम जिंदा है। दिलीप ने मां की मौत के बाद उसे पालन-पोषण के लिए उन्हें दे दिया था। उस समय उनके पास कोई संतान नहीं थी। अंबर के पास पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस कई सारे सुबूत हैं।
अधिवक्ता कमल मोहन, पत्नी और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से साथ सोमवार की सुबह डीआईजी आरकेएस राठौर से मिले। उन्होंने कहा कि मेरठ के डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता परमजीत सिंह, उनकी पत्नी डिप्टी सीएमओ दीपा सिंह, महानगर निवासी अंबर निगम, मोहित, विकास और रोहित के साथ नीली बत्ती लगी स्कार्पियो में सवार होकर शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी कोठी पर कब्जा करने के इरादे से घुस आए। आरोप है कि उन्होंने उनका सामान बाहर फेंक दिया और ट्रैक्टर ट्राली में लाया गया अपना सामान घर में रख दिया। विरोध करने पर उन्होंने नोएडा में रहने वाले इकलौते इंजीनियर बेटे को जान से मारने की धमकी दी और पचास हजार रुपये लूट लिए। डिप्टी सीएमओ उनकी पत्नी के करीब पांच लाख रुपये निकाल ले गईं। अधिवक्ता का कहना था कि आरोपी जिसे उनका भतीजा बता रहे हैं, वह है ही नहीं। बचपन में ही उसका अपहरण हो गया था। इस संबंध में उन्होंने मुकदमा भी लिखा रखा है। भतीजी प्रियंका निगम उनके पास रहती है जो इन दिनों नोएडा में नौकरी कर रही है। उन्होंने उसे घटना के बारे में बताया तो उसने ही पुलिस को फोन किया था। डीआईजी ने मुकदमा लिखाने के निर्देश देते हुए अधिवक्ता को एसएसपी के पास भेज दिया था। एसएसपी ने मामले में मुकदमा लिखकर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके विवेचना कराएंगे। उसी हिसाब से कार्रवाई करा दी जाएगी।
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कमल मोहन बरेली कॉलेज के कॉमर्स के हेड ऑफ द डिपार्टमेंट रहे स्वर्गीय हरिहर प्रसाद निगम के बेटे हैं। हरिहर निगम की चार संतानें थीं। सबसे बड़ी बेटी पूर्णिमा निगम हैं। दूसरे नंबर के कमल मोहन, तीसरे नंबर की मधुबाला निगम और चौथे नंबर के दिलीप निगम थे। दिलीप बरेली कारपोरेशन बैंक में कर्मचारी थे। उनकी शादी रेनू से हुई थी। 12 जून 1989 को दिलीप के घर बेटे का जन्म हुआ। जिसका नाम अंबर रखा गया। 29 मई 1991 को बेटी प्रियंका को जन्म देने के बाद रेनू चल बसीं। इसी बीच दिलीप की भी 29 साल की उम्र में मौत हो गई। रामपुर बाग में कमल मोहन सक्सेना और उनके भाई की करोड़ों रुपये की जमीन हैं। कमल मोहन का कहना है कि उनके भाई के बेटे का अपहरण हो गया था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। कमल मोहन के बहनोई चमन सक्सेना ने बताया कि अंबर निगम जिंदा है। दिलीप ने मां की मौत के बाद उसे पालन-पोषण के लिए उन्हें दे दिया था। उस समय उनके पास कोई संतान नहीं थी। अंबर के पास पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस कई सारे सुबूत हैं।
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अधिवक्ता कमल मोहन, पत्नी और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से साथ सोमवार की सुबह डीआईजी आरकेएस राठौर से मिले। उन्होंने कहा कि मेरठ के डिग्री कॉलेज के प्रवक्ता परमजीत सिंह, उनकी पत्नी डिप्टी सीएमओ दीपा सिंह, महानगर निवासी अंबर निगम, मोहित, विकास और रोहित के साथ नीली बत्ती लगी स्कार्पियो में सवार होकर शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी कोठी पर कब्जा करने के इरादे से घुस आए। आरोप है कि उन्होंने उनका सामान बाहर फेंक दिया और ट्रैक्टर ट्राली में लाया गया अपना सामान घर में रख दिया। विरोध करने पर उन्होंने नोएडा में रहने वाले इकलौते इंजीनियर बेटे को जान से मारने की धमकी दी और पचास हजार रुपये लूट लिए। डिप्टी सीएमओ उनकी पत्नी के करीब पांच लाख रुपये निकाल ले गईं। अधिवक्ता का कहना था कि आरोपी जिसे उनका भतीजा बता रहे हैं, वह है ही नहीं। बचपन में ही उसका अपहरण हो गया था। इस संबंध में उन्होंने मुकदमा भी लिखा रखा है। भतीजी प्रियंका निगम उनके पास रहती है जो इन दिनों नोएडा में नौकरी कर रही है। उन्होंने उसे घटना के बारे में बताया तो उसने ही पुलिस को फोन किया था। डीआईजी ने मुकदमा लिखाने के निर्देश देते हुए अधिवक्ता को एसएसपी के पास भेज दिया था। एसएसपी ने मामले में मुकदमा लिखकर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके विवेचना कराएंगे। उसी हिसाब से कार्रवाई करा दी जाएगी।
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हमने डिप्टी सीएमओ दीपा सिंह के साथ एसएसपी से मुलाकात करके अपना पक्ष रखा है। उन्होंने सुबूतों के साथ एसएसपी को बताया कि अंबर प्रॉपर्टी का हकदार है। उसने 180 गज जमीन करीब 80 लाख रुपये में डिप्टी सीएमओ को बेची है। कमल मोहन उसका हिस्सा हड़पना चाहते हैं। एसएसपी ने सीओ सिटी प्रथम को मामले की जांच कराने के बाद मुकदमा लिखाने के आदेश दिए हैं- चमन सक्सेना, अधिवक्ता के बहनोई