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पशु तस्करों पर मेहरबानी, ग्रामीणों पर मुकदमा
बरेली
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:43 AM IST
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कल तक पशु तस्करों से मुठभेड़ पर वाहवाही बटोर रही सिरौली पुलिस ने अब मामले को दूसरी तरफ मोड़ दिया है। तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय दो सगे भाइयों समेत चार ग्रामीणों पर पशु लूटने का आरोप लगाकर एफआईआर कर डाली।
रविवार को कुछ लोग बदायूं के एक गांव की बाजार से बैल खरीदकर रामपुर ले जा रहे थे। बैलों को लेकर पृथ्वीपुर और सुनरासी के जंगलों से गुजरते वक्त ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की थी। सफल नहीं हुए तो पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद नवाबपुरा चौकी पुलिस ने घेराबंदी कर दी तो तस्करों ने फायरिंग कर दी और पशु मौके पर छोड़कर भाग गए। सोमवार को थाना सिरौली में शाहबाद (रामपुर) थाना क्षेत्र के रंधोली गांव निवासी अजयपाल सिंह की ओर से पशु लूटने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसमें ग्राम पृथ्वीपुर के नन्हे, ब्योधन निवासी सेंठा उर्फ पिंटू, उसके भाई विपिन कुमार और सुनरासी के करूआ उर्फ धर्मपाल नामजद हैं। लोगों का आरोप है कि सिरौली पुलिस को पशु तस्करी कराने के बदले मोटी रकम मिलती है। तस्करों से मिले कुछ लोग एक हजार रुपये प्रति जोड़ी लेकर संरक्षित पशुओं को पहुंचने का काम करते हैं। सिरौली एसओ अजब सिंह यादव ने बताया कि रामपुर के लोग पशु लेकर बदायूं से लौट रहे थे, जिनसे कुछ ग्रामीणों ने बैल लूट लिए।
ठेके पर हो रही पशु तस्करी
सूत्रों के मुताबिक संरक्षित पशु तस्करी का काम ठेके पर चल रहा है। सिरौली क्षेत्र का एक कथित ठेकेदार पशुओं को बरेली जिले की सीमा के पार पहुंचाता है। इसके बदले कथित ठेकेदार को जोड़ी के हिसाब से रुपये मिलते हैं। वह सिरौली थाना पुलिस को इसका महीना देता है।
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पुलिस संरक्षित पशुओं को कटवाने का काम कर रही है इसलिए दोषियों को बचाने के लिए निर्दोषों पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस यह काम सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर कर रही है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
धर्मपाल सिंह, आंवला विधायक
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रविवार को कुछ लोग बदायूं के एक गांव की बाजार से बैल खरीदकर रामपुर ले जा रहे थे। बैलों को लेकर पृथ्वीपुर और सुनरासी के जंगलों से गुजरते वक्त ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की थी। सफल नहीं हुए तो पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद नवाबपुरा चौकी पुलिस ने घेराबंदी कर दी तो तस्करों ने फायरिंग कर दी और पशु मौके पर छोड़कर भाग गए। सोमवार को थाना सिरौली में शाहबाद (रामपुर) थाना क्षेत्र के रंधोली गांव निवासी अजयपाल सिंह की ओर से पशु लूटने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसमें ग्राम पृथ्वीपुर के नन्हे, ब्योधन निवासी सेंठा उर्फ पिंटू, उसके भाई विपिन कुमार और सुनरासी के करूआ उर्फ धर्मपाल नामजद हैं। लोगों का आरोप है कि सिरौली पुलिस को पशु तस्करी कराने के बदले मोटी रकम मिलती है। तस्करों से मिले कुछ लोग एक हजार रुपये प्रति जोड़ी लेकर संरक्षित पशुओं को पहुंचने का काम करते हैं। सिरौली एसओ अजब सिंह यादव ने बताया कि रामपुर के लोग पशु लेकर बदायूं से लौट रहे थे, जिनसे कुछ ग्रामीणों ने बैल लूट लिए।
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ठेके पर हो रही पशु तस्करी
सूत्रों के मुताबिक संरक्षित पशु तस्करी का काम ठेके पर चल रहा है। सिरौली क्षेत्र का एक कथित ठेकेदार पशुओं को बरेली जिले की सीमा के पार पहुंचाता है। इसके बदले कथित ठेकेदार को जोड़ी के हिसाब से रुपये मिलते हैं। वह सिरौली थाना पुलिस को इसका महीना देता है।
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पुलिस संरक्षित पशुओं को कटवाने का काम कर रही है इसलिए दोषियों को बचाने के लिए निर्दोषों पर कार्रवाई की जाती है। पुलिस यह काम सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर कर रही है। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
धर्मपाल सिंह, आंवला विधायक
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