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नाइजीरियन ठगी का फंडा
बरेली
Updated Tue, 03 Mar 2015 01:30 AM IST
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इंटरनेट पर लॉटरी निकलने का झांसा देकर ठगी करने वाले नाइजीरियन ठगों के इंटरनेशनल गैंग के मोहरे हशमत अली का एक ही बैंक खाता उसके अपने नाम से निकला। बाकी सभी खाते उसने मोहम्मद अख्तर के फर्जी नाम से खोल रखे हैं। ये खाते खोलने के लिए जाली पैन कार्ड और आईडी का इस्तेमाल किया गया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस गैंग के ठगों ने मोबाइल नंबर भी फर्जी आईडी पर ले रखे हैं ताकि कोई भी उन तक पहुंचने में आसानी से कामयाब न हो सके।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक हशमत से पूछताछ के दौरान उसने अपने खातों के जो नंबर बताए हैं, उनकी तस्दीक कराई जा रही है। इन खातों के गारंटरों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। यह भी छानबीन की जा रही है कि जिन खातों में ठगी का रुपया आता है, उसके अलावा हशमत का कोई और खाता तो नहीं है। बैंकों में मोहम्मद अख्तर के फर्जी नाम से खाते खोलने के लिए हशमत जाली पैन कार्ड और आईडी का इस्तेमाल करता था। इस पैन कार्ड पर फोटो तो उसका लगा है जबकि नाम अख्तर दर्ज था। उसकी वोटर आईडी भी अलग-अलग नामों की हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक हशमत जिस जिले में बैंक खाता खोलता था, उसके लिए वहीं की फर्जी आईडी तैयार कराता था।
पूछताछ में हशमत ने बताया कि गैंग का सरगना किलेमेंट ब्राउन हर किसी के सामने नहीं आता। वह चुनिंदा लोगों से ही मिलता है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि हशमत के खातों की गारंटी लेने वाले भी मुकदमे में शामिल होंगे। हशमत के गांव के दो लड़के और इसी गैंग के सदस्य हैं। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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इन बैंकों में खोले फर्जी खाते
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क्राइम ब्रांच के मुताबिक हशमत से पूछताछ के दौरान उसने अपने खातों के जो नंबर बताए हैं, उनकी तस्दीक कराई जा रही है। इन खातों के गारंटरों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। यह भी छानबीन की जा रही है कि जिन खातों में ठगी का रुपया आता है, उसके अलावा हशमत का कोई और खाता तो नहीं है। बैंकों में मोहम्मद अख्तर के फर्जी नाम से खाते खोलने के लिए हशमत जाली पैन कार्ड और आईडी का इस्तेमाल करता था। इस पैन कार्ड पर फोटो तो उसका लगा है जबकि नाम अख्तर दर्ज था। उसकी वोटर आईडी भी अलग-अलग नामों की हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक हशमत जिस जिले में बैंक खाता खोलता था, उसके लिए वहीं की फर्जी आईडी तैयार कराता था।
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पूछताछ में हशमत ने बताया कि गैंग का सरगना किलेमेंट ब्राउन हर किसी के सामने नहीं आता। वह चुनिंदा लोगों से ही मिलता है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर केपी सिंह ने बताया कि हशमत के खातों की गारंटी लेने वाले भी मुकदमे में शामिल होंगे। हशमत के गांव के दो लड़के और इसी गैंग के सदस्य हैं। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।
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इन बैंकों में खोले फर्जी खाते
हशमत ने मुरादाबाद की प्रथमा बैंक के अलावा पीलीभीत, मेरठ, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर की एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी बैंक में खाते खोले रखे हैं। इन्हीं खातों में लोगों से ठगी गई रकम जमा होती थी जिसे वह अपने सरगना किलेमेंट ब्राउन के खाते में ट्रांसफर कर देता था।