फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   किशोर जेल में बेगुनाह की हालत बिगड़ी

किशोर जेल में बेगुनाह की हालत बिगड़ी

Thu, 31 Aug 2017 06:01 PM IST
Updated Thu, 31 Aug 2017 06:01 PM IST
विज्ञापन
किशोर जेल में बेगुनाह की हालत बिगड़ी
किशोर जेल में बेगुनाह की हालत बिगड़ी - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बरेली/नवाबगंज।
विज्ञापन

मुझे ये बता दें, मेरा कसूर क्या है...। क्यों मुल्जिमों की तरह मुझे सलाखों के पीछे फेंक दिया गया। ये सवाल किशोर संप्रेक्षण गृह में बंद नवाबगंज दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस द्वारा पहले जेल भेजे गए बेगुनाह किशोर ने परिवार के सामने रखे। दो दिन पहले उसके माता-पिता मुलाकात के लिए संप्रेक्षण गृह पहुंचे थे। मां ने रोते हुए किशोर को कलेजे से लगाकर आश्वासन दिया था, तुम जल्द बाहर आ जाओगे... तुमने कुछ नहीं किया है। जवाब में किशोर ने पूछा था, अम्मी क्या बकरीद घर पर मना पाऊंगा। इसका जवाब तो किशोर को नहीं मिला पर माता-पिता उसे गले लगाकर रोते रहे।
माता-पिता ने खुलासा किया कि संप्रेक्षण गृह में उनके बेटे को बुखार आ रहा है। उसने बताया कि यूरिनल इंफेक्शन के चलते उसको पेशाब के रास्ते खून आ रहा है। ठीक से इलाज न होने और समय पर खाना नहीं मिलने के चलते वह कमजोर हो गया है। जेल प्रशासन ने अभिभावकों को बताया कि किशोर दवा नहीं ले रहा। उदास मन से सबसे अलग रहता है। खाने के वक्त बुलाने पर भी नहीं आता। समय पर खाना नहीं खाने की वजह से उसकी बीमारी बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


बेटे को नहीं हुआ मां पर यकीन
किशोर की मां के मुताबिक, मुलाकात के दौरान बेटे को समझाने की कोशिश की थी। उसे बताया, असली आरोपी पकड़े जा चुके हैं। सबको पता चल गया है कि तुम बेगुनाह हो, लेकिन किशोर को अपनी मां का यकीन नहीं हुआ। वह यही कहता रहा कि मुझे बहलाने के लिए ऐसा कहा जा रहा है। किशोर कहता रहा कि यहां अच्छा नहीं लगता, मुझे बाहर निकालो। मां ने बताया कि उनका बेटा कार मैकेनिक का काम सीखता था। उसको कबूतरबाजी का शौक भी है। कबूतरों को दाना खिलाए बिना वह कुछ नहीं खाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपों को सही मान भेजा था जेल
किशोर की पैरवी कर रहे वकील मो. ताहिर अंसारी ने बताया कि घटना के बाद एक हिस्ट्रीशीटर के बेटों सहित मोहल्ले के लड़कों को उठा लिया गया था। जुर्म कबूल करवाने के लिए इनकी बुरी तरह पिटाई की गई, बाद में सभी को छोड़ दिया था। पीड़ित परिवार इसके बाद एसएसपी कार्यालय में पेश हुआ और पुलिस पर आरोपियों को छोड़ देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद किशोर को पकड़कर पुलिस ने जेल भेजा। पीड़ित परिवार ने किशोर पर सिर्फ इसलिए शक किया था, क्योंकि वह शाम को उनके घर के पास बैठा करता था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद वह जमानत अर्जी देने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच असली मुल्जिम पकड़े गए। अब पुलिस धारा 169 की कार्रवाई की बात कह रही है।

कोर्ट में 169 की रिपोर्ट दाखिल
नवाबगंज थाने के इंस्पेक्टर गणेश दत्त जोशी ने बताया कि किशोर को संप्रेक्षण गृह से बाहर निकालने के लिए 169 की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है।






 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed