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रिटायर्ड शिक्षक मौत प्रकरण: आरोपी दरोगा मेरठ से फरार, अब प्रयागराज भेजी गई टीम
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बरेली। भोजीपुरा के रिटायर्ड शिक्षक टीकाराम की पुलिस पिटाई से मौत के मामले में दिखावटी ही सही, लेकिन पुलिस आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मेरठ में उसकी रिश्तेदारी में दबिश दी गई, लेकिन वह नहीं मिला। अब दरोगा की लोकेशन प्रयागराज में मिलने पर भोजीपुरा थाने की टीम वहां भेजी गई है। वहीं परिवारवाले जल्द गिरफ्तारी के लिए एडीजी प्रेम प्रकाश से मिलने की तैयारी में हैं।
भोजीपुरा के गांव इटौआ केदारनाथ में रहने वाले 70 वर्षीय टीकाराम सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुए थे। गांव के देवीदास ने उनके बेटे ताराचंद के खिलाफ भोजीपुरा थाने में मारपीट की तहरीर दी थी। हलका दरोगा हरपत सिंह सिपाहियों के साथ चार जनवरी को प्राइवेट गाड़ी से टीकाराम के घर पहुंचा और उन्हें उठाकर थाने ले आया। परिवार का आरोप है कि दरोगा हरपत ने घर के सामने ही टीकाराम को थप्पड़ मारते हुए गाड़ी में डाला। फिर थाने में भी उनकी पिटाई की। बेटे ताराचंद के थाने पहुंचने के बाद टीकाराम को गंभीर हालत में छोड़ा गया। ताराचंद का शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया गया। टीकाराम घर पहुंचे तो उनके सिर में गंभीर चोटें थीं। इससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई। आखिरकार दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। जिसके बाद भोजीपुरा थाने में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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भोजीपुरा के गांव इटौआ केदारनाथ में रहने वाले 70 वर्षीय टीकाराम सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुए थे। गांव के देवीदास ने उनके बेटे ताराचंद के खिलाफ भोजीपुरा थाने में मारपीट की तहरीर दी थी। हलका दरोगा हरपत सिंह सिपाहियों के साथ चार जनवरी को प्राइवेट गाड़ी से टीकाराम के घर पहुंचा और उन्हें उठाकर थाने ले आया। परिवार का आरोप है कि दरोगा हरपत ने घर के सामने ही टीकाराम को थप्पड़ मारते हुए गाड़ी में डाला। फिर थाने में भी उनकी पिटाई की। बेटे ताराचंद के थाने पहुंचने के बाद टीकाराम को गंभीर हालत में छोड़ा गया। ताराचंद का शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया गया। टीकाराम घर पहुंचे तो उनके सिर में गंभीर चोटें थीं। इससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई। आखिरकार दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। जिसके बाद भोजीपुरा थाने में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
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