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रिटायर्ड तहसीलदार के बेटे की नाले में डूबकर मौत
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बरेली। दुर्गानगर निवासी रिटायर्ड तहसीलदार के बेटे की सतीपुर के बड़े नाले में डूबकर मौत हो गई। वह पड़ोसी की बरात में शामिल होने के लिए घर से बाइक लेकर निकला था और रात में किसी वक्त बाइक समेत नाले में गिर पड़ा। गुरुवार सुबह शव मिलने पर दोपहर में उसकी पहचान हो गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह डूबना ही पुष्ट हुई। चेहरे और ठोड़ी पर चोट थी जो गिरने से बताई गई।
दुर्गानगर कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह इसी साल 31 जनवरी को संभल में तहसीलदार पद से रिटायर हुए हैं। उनके चार बेटों में तीसरे नंबर का बेटा 31 वर्षीय यशवंत था। वह बुधवार रात करीब नौ बजे बीसलपुर रोड के एक बरातघर में पड़ोसी रिटायर्ड दरोगा सुम्मेरीलाल के बेटे की शादी में जाने को बाइक लेकर घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा तो रात में घरवालों ने उसकी तलाश की। सुबह सतीपुर चौराहे से मीरा पैठ रोड पर कब्रिस्तान के नाले में उसका शव मिला। पहले पुलिस शव निकलवा ले गई, बाद में पिता ने यशवंत के रूप में उसकी पहचान की। शुरू में बाइक और मोबाइल फोन न मिलने से हत्या का अंदेशा हुआ। बाद में बाइक भी नाले में मिल गई। तब घरवालों ने भी मान लिया कि नाले में गिरकर उसकी मौत हुई है।
आंधी-बारिश में हादसे की आशंका
यशवंत ग्रेजुएट था और टाइपिंग जानता था। फिलहाल उसके पास कोई काम नहीं था। सुबकते हुए पिता ने स्वीकार किया कि वह कभीकभार शराब पी लेता था। घरवालों के मौसम खराब होने की दुहाई देने के बावजूद वह बाइक ले गया था। बरात में उसके पहुंचने का प्रमाण परिवार को नहीं मिला। इससे अंदाजा लगाया कि जाते वक्त ही वह नशे की वजह से नाले में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भी ऐसी ही स्थिति मानी। एसआई अशोक कुमार ने कहा कि यह पूरी तरह हादसा ही है।
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दुर्गानगर कॉलोनी निवासी राजवीर सिंह इसी साल 31 जनवरी को संभल में तहसीलदार पद से रिटायर हुए हैं। उनके चार बेटों में तीसरे नंबर का बेटा 31 वर्षीय यशवंत था। वह बुधवार रात करीब नौ बजे बीसलपुर रोड के एक बरातघर में पड़ोसी रिटायर्ड दरोगा सुम्मेरीलाल के बेटे की शादी में जाने को बाइक लेकर घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा तो रात में घरवालों ने उसकी तलाश की। सुबह सतीपुर चौराहे से मीरा पैठ रोड पर कब्रिस्तान के नाले में उसका शव मिला। पहले पुलिस शव निकलवा ले गई, बाद में पिता ने यशवंत के रूप में उसकी पहचान की। शुरू में बाइक और मोबाइल फोन न मिलने से हत्या का अंदेशा हुआ। बाद में बाइक भी नाले में मिल गई। तब घरवालों ने भी मान लिया कि नाले में गिरकर उसकी मौत हुई है।
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आंधी-बारिश में हादसे की आशंका
यशवंत ग्रेजुएट था और टाइपिंग जानता था। फिलहाल उसके पास कोई काम नहीं था। सुबकते हुए पिता ने स्वीकार किया कि वह कभीकभार शराब पी लेता था। घरवालों के मौसम खराब होने की दुहाई देने के बावजूद वह बाइक ले गया था। बरात में उसके पहुंचने का प्रमाण परिवार को नहीं मिला। इससे अंदाजा लगाया कि जाते वक्त ही वह नशे की वजह से नाले में गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भी ऐसी ही स्थिति मानी। एसआई अशोक कुमार ने कहा कि यह पूरी तरह हादसा ही है।
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