फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   तेंदुए की दहशत में ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना छोड़ा

तेंदुए की दहशत में ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना छोड़ा

Mon, 03 Jun 2019 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 02:10 AM IST
विज्ञापन
तेंदुए की दहशत में ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना छोड़ा
हाफिजगंज। बढ़ेपुरा में तेंदुआ देखे जाने के दावे से ही ग्रामीणों में दहशत है। हालात यह है कि ग्रामीण अपने खेतों की ओर जाने तक से कतराने लगे हैं। हालांकि ग्रामीणों के दावे की तहकीकात को रविवार को वन विभाग की टीम ने इलाके में कॉबिंग की। इसके बाद टीम ने क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन एहतियातन रात में ग्रामीणों से अकेले घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। हालांकि ग्रामीण वन विभाग के दावे से सहमत नहीं हैं।
विज्ञापन

ग्रामीणों का दावा है कि शुक्रवार व शनिवार को गांव बढे़पुरा के आसपास कुछ ग्रामीणों ने तेंदुए को चहलकदमी करते देखा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना भी वन विभाग को दी थी। जिसके बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में कांबिंग कर तेंदुए के पदचिह्न देखने का प्रयास किया। जिससे उसकी इलाके में मौजूदगी की पुष्टि हो सके, लेकिन वन विभाग की टीम को ऐसे कोई पगचिह्न नहीं मिले। वन विभाग के टीम प्रभारी चंद्रशेखर ने बताया कि रविवार को टीम बनाकर बहगुल नदी के साथ ही आसपास की कई नदियों के पास कांबिंग कर तेंदुए की तलाश की गई, लेकिन कहीं भी उसके पगचिह्न नहीं मिले। जो पगमार्क मिले वह तेंदुए के नहीं किसी अन्य जीव के मिले हैं। ंउन्होंने बताया कि फिर भी लोगों को एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों से रात में अकेले खेतों की ओर जाने से मना किया गया है। उनसे समूह में ही मसाल लेकर रात में निकलने को कहा गया है। तेंदुआ देखे जाने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ की टीम भी लगातार मामले की रिपोर्ट मांग रही है। जिस पर उसे जानकारी दी जा रही है। वन विभाग भले ही क्षेत्र में तेंदुए की मौैजूदगी से इंकार कर रहा हो, लेकिन ग्रामीणों के दिल में तेंदुए की दहशत बरकरार है। इसके चलते ग्रामीण अपने खेतों में काम करने जाने तक से कतराने लगे हैं।
विज्ञापन


जुगनूनागर में फिर दिखे बाघ के पगचिह्न, दहशत
बहेड़ी। बार्डर के गांव जुगनूनागर व भाटिया फार्म के आस- पास बाघ चहलकदमी कर रहा है। ग्रामीणों ने बकायदा इसके पगचिह्न भी देखे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना भी वन विभाग की टीम को दी, लेकिन टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद ग्रामीण देर रात विधायक से बहेडी आकर मिले और पूरा मामले की जानकारी दी। विधायक ने इस मामले में डीएम को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दे दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अब से करीब दो माह पहले भी जुगनूनागर व भाटिया फार्म के इलाके में बाघ के मूवमेंट की सूचना मिली थी। ग्रामीणों के काफी हंगामे के बाद वन विभाग की टीम गांव गई थी। दो माह बाद फिर बाघ का मूवमेंट हुआ है। पिछले चार दिनों से दो किलोमीटर क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी के पगचिह्न देखे गए हैं। भाटिया फार्म के मालिक व आरएसएस के जिला संघ चालक शशांक भाटिया ने अपने खेतों में बाघ के पदचिह्न देखे जाने की पुष्टि की। गांव के एक युवक द्वारा बाघ को किच्छा नदी में पानी पीते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई है। उधर सूचना के बावजूद वन विभाग ने इस पर ध्यान नही दिया। इसके बाद देर रात ग्रामीण, विधायक छत्रपाल सिंह से मिले। विधायक ने डीएम को फोन पर बाघ के मूवमेंट के कारण ग्रामीणों में दहशत होने की बात कही। डीएम ने इस मामले में डीएफओ से बात कर वन विभाग द्वारा तत्काल एक्शन लिए जाने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed