{"_id":"593985c74f1c1b7d758b4581","slug":"151496942023-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो 36 किलोमीटर रेल मार्ग पर नहीं था कोई रखवाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तो 36 किलोमीटर रेल मार्ग पर नहीं था कोई रखवाला
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपको यह जानकर हैरत होगी कि शाहजहांपुर और बिलपुर स्टेशन के बीच करीब 36 किलोमीटर का रेल ट्रैक किसी भी जीआरपी क्षेत्र में नहीं आता है। मुरादाबाद का एस्कार्ट बिलपुर में उतर जाता है और लखनऊ से चढ़ने वाला स्टाफ शाहजहांपुर तक आता है। जाहिर है कि शाहजहांपुर और बिलपुर के बीच 36 किलोमीटर ट्रेन में सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी की नहीं। पिछले दिनों पुरबिया और पदमावत इसी 36 किलोमीटर क्षेत्र में टिसुआ के पास लुटी तो जांच शुरू हुई। यह भी बड़ी वजह मानी जा रही है कि एस्कोर्ट नहीं था। बुधवार को लखनऊ से यहां पहुंचे एसपी जीआरपी ने समस्या का समाधान ढूंढने के लिए यहां के अफसरों के साथ मीटिंग की। तय किया गया कि अब बरेली का स्टाफ शाहजहांपुर तक जाएगा और लखनऊ का बरेली तक चलेगा।
लखनऊ जीआरपी का कुछ ट्रेनों में चलने वाला एस्कार्ट शाहजहांपुर तक ही आता था। जबकि इधर बरेली जीआरपी का एस्कार्ट बरेली ही रुक जाता था। क्योंकि लखनऊ वाले अपना अनुभाग शाहजहांपुर तक ही मानते हैं और बरेली वाले बिलपुर तक। बरेली और शाहजहांपुर के बीच 80 किलोमीटर की दूरी में कुछ ट्रेनें बिना एस्कार्ट के ही चलती हैं। इसी का फायदा उठाते हुए बदमाश इस क्षेत्र में ही ट्रेनों में अधिकतर घटनाएं करते हैं। पिछले सप्ताह शुक्रवार की रात भी पुरबिया एक्सप्रेस और पद्मावत एक्सप्रेस में इसी क्षेत्र में लूटपाट की घटनाएं हुईं। यह संकट भी अफसरों के संज्ञान में तब आया जब इन बड़ी लूटों पर अफसरों ने मंथन किया।
अब हल ढूंढने की कोशिश, एसपी जीआरपी पहुंचे
पिछले दिनों पुरबिया और पदमावत एक्सप्रेस में हुई लूटपाट इसी ट्रैक पर होना बताया जा रहा है। बुधवार को लखनऊ के एसपी जीआरपी सोमित्र यादव इसी समस्या का हल ढूंढने आए थे जीआरपी थाने में देर रात तक उन्होंने बरेली जीआरपी सीओ जितेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर सुनील दत्त के साथ सुरक्षा को लेकर मंथन किया। तय किया गया है कि सीमाओं को न देखें और लखनऊ का एस्कार्ट बरेली तक और बरेली का एस्कार्ट शाहजहांपुर तक ट्रेन में जाएगा।
विज्ञापन
बिलपुर तक भी नहीं जाती बरेली जीआरपी
सीमा भले ही बिलपुर तक ही लेकिन ट्रेनों में एस्कार्ट करते स्टाफ बिलपुर तक नहीं जाता बल्कि बरेली में ही उतर जाता है। इस तरह करीब अस्सी किलोमीटर क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही होती है।
घुमंतू जाति के कई संदिग्धों को उठाया, नतीजा सिफर
पद्मावत और पुरबिया एक्सप्रेस ट्रेन में हुई लूटपाट की घटना के खुलासे में लगी जीआरपी बरेली ने स्टेशन के आसपास डेरा डालकर रहने वाले घुमंतू जाति के कई संदिग्धों को उठाया और उनसे कड़ी पूछताछ की, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। इसके अलावा जीआरपी ने बरेली के अलावा पीलीभीत, शाहजहांपुर और रामपुर के छोटे, बड़े बदमाशों के घरों में भी दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। पुलिस का मानना है कि बदमाशों से पूछताछ के बाद ही कोई क्लू मिल सकता है।
विज्ञापन
लखनऊ जीआरपी का कुछ ट्रेनों में चलने वाला एस्कार्ट शाहजहांपुर तक ही आता था। जबकि इधर बरेली जीआरपी का एस्कार्ट बरेली ही रुक जाता था। क्योंकि लखनऊ वाले अपना अनुभाग शाहजहांपुर तक ही मानते हैं और बरेली वाले बिलपुर तक। बरेली और शाहजहांपुर के बीच 80 किलोमीटर की दूरी में कुछ ट्रेनें बिना एस्कार्ट के ही चलती हैं। इसी का फायदा उठाते हुए बदमाश इस क्षेत्र में ही ट्रेनों में अधिकतर घटनाएं करते हैं। पिछले सप्ताह शुक्रवार की रात भी पुरबिया एक्सप्रेस और पद्मावत एक्सप्रेस में इसी क्षेत्र में लूटपाट की घटनाएं हुईं। यह संकट भी अफसरों के संज्ञान में तब आया जब इन बड़ी लूटों पर अफसरों ने मंथन किया।
विज्ञापन
अब हल ढूंढने की कोशिश, एसपी जीआरपी पहुंचे
पिछले दिनों पुरबिया और पदमावत एक्सप्रेस में हुई लूटपाट इसी ट्रैक पर होना बताया जा रहा है। बुधवार को लखनऊ के एसपी जीआरपी सोमित्र यादव इसी समस्या का हल ढूंढने आए थे जीआरपी थाने में देर रात तक उन्होंने बरेली जीआरपी सीओ जितेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर सुनील दत्त के साथ सुरक्षा को लेकर मंथन किया। तय किया गया है कि सीमाओं को न देखें और लखनऊ का एस्कार्ट बरेली तक और बरेली का एस्कार्ट शाहजहांपुर तक ट्रेन में जाएगा।
विज्ञापन
बिलपुर तक भी नहीं जाती बरेली जीआरपी
सीमा भले ही बिलपुर तक ही लेकिन ट्रेनों में एस्कार्ट करते स्टाफ बिलपुर तक नहीं जाता बल्कि बरेली में ही उतर जाता है। इस तरह करीब अस्सी किलोमीटर क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही होती है।
घुमंतू जाति के कई संदिग्धों को उठाया, नतीजा सिफर
पद्मावत और पुरबिया एक्सप्रेस ट्रेन में हुई लूटपाट की घटना के खुलासे में लगी जीआरपी बरेली ने स्टेशन के आसपास डेरा डालकर रहने वाले घुमंतू जाति के कई संदिग्धों को उठाया और उनसे कड़ी पूछताछ की, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। इसके अलावा जीआरपी ने बरेली के अलावा पीलीभीत, शाहजहांपुर और रामपुर के छोटे, बड़े बदमाशों के घरों में भी दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। पुलिस का मानना है कि बदमाशों से पूछताछ के बाद ही कोई क्लू मिल सकता है।