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सूद धर्मकांटा मालिक के घर गैंगस्टर करता रहा नौकरी, दस लाख और कार लेकर फरार
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:40 PM IST
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सूद धर्मकांटा मालिक के कार्यालय में प्रेमनगर थाने का गैंगस्टर नौकरी करता रहा, लेकिन व्यापारी को भनक तक नहीं लगी। शनिवार को व्यापारी ने उसे दस लाख रुपये और कार देकर पीलीभीत के एक व्यवसायी को भुगतान देने भेजा। इसके बाद वह गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद जब नौकर का सुराग नहीं मिला तो व्यापारी रिपोर्ट दर्ज कराने प्रेमनगर थाने पहुंचे। जहां मालूम हुआ कि जो शख्स नौ माह से उनके यहां नौकरी कर रहा था वह प्रेमनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
सूद धर्मकांटा के मालिक गौरव सूद लल्ला मार्केट, भूड़ में रहते हैं। शहर में उनके पांच धर्मकांटा हैं। उनके मुताबिक शाहजहांपुर के मदनापुर में रहने वाले पंकज शर्मा को नौ महीने पहले काम पर रखा था। उसका व्यवहार भी ठीक था। शनिवार दोपहर 1.30 बजे पंकज को एक स्विफ्ट कार और दस लाख रुपये देकर पीलीभीत में एक व्यवसायी पिंटु गोस्वामी को भुगतान देने भेजा। पंकज वहां नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू की। उसका मोबाइल भी बंद बताता रहा। उसके घर पर जानकारी करने की कोशिश, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद प्रेमनगर थाने में संपर्क करने पर उन्हें मालूम हुआ कि पंकज के खिलाफ गैंगस्टर खुली हुई है। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने पंकज की खोजबीन शुरू कर दी है। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर बलवीर सिंह के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम और डीसीआरबी को जानकारी दी गई है। हाईवे पर दिल्ली की तरफ जाने की बात सामने आई है।
पुलिस सत्यापन जरूर कराएं
घर और कार्यालय में नौकरी करने वालों का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं। संगीन अपराधों में कई बार घर और कार्यालय में काम करने वाले नौकरों का ही हाथ सामने आता है। सूद धर्मकांटा मालिक ने भी पंकज का नौ महीने के लंबा अंतराल बीतने पर भी सत्यापन नहीं कराया था।
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ऐसा पहली बार नहीं था कि पंकज के हाथ से पार्टी को भुगतान भेजा गया हो। इससे पहले 15 से 20 लाख रुपये तक वह लेकर जा चुका है, लेकिन कभी घालमेल नहीं हुआ। हम लोग खुद भी हैरत में हैं कि ऐसा कैसे हुआ। उसका परिचय हमारे साढू भाई के ड्राइवर ने कराया था। जिसके बाद हमने उसके बारे में ज्यादा पता नहीं किया था। - गौरव सूद, धर्मकांटा मालिक
वारदातों में नौकरों की भूमिका पहले भी रही संदिग्ध
- परसाखेड़ा में उद्योगपति दंपति की हत्या में नौकरानी अंजू और उसका आशिक कारण बने थे।
- चार अप्रैल, 2018 को किला के सर्राफ सचिन अग्रवाल की तीस किलो चांदी लेकर उनका नौकर भागा था।
- 7 नवंबर, 2017 में जनलक्ष्मी फाइनेंस में नौकरी से बाहर निकाले जाने पर नौकर वेद प्रकाश ने लूट कराई थी।
- ढाई करोड़ की लूट में भी सराफ अभिलाष का नौकर ही मास्टर माइंड था। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया था।
यह है क्रिमिनल रिकार्ड
गौरव सूद ने बताया कि परिवार से संपर्क करने के बाद उन्हें पता चला कि पंकज के खिलाफ जानलेवा हमला की धारा में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वह चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस पर गैंगस्टर में पुलिस ने कार्रवाई की गई थी।
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सूद धर्मकांटा के मालिक गौरव सूद लल्ला मार्केट, भूड़ में रहते हैं। शहर में उनके पांच धर्मकांटा हैं। उनके मुताबिक शाहजहांपुर के मदनापुर में रहने वाले पंकज शर्मा को नौ महीने पहले काम पर रखा था। उसका व्यवहार भी ठीक था। शनिवार दोपहर 1.30 बजे पंकज को एक स्विफ्ट कार और दस लाख रुपये देकर पीलीभीत में एक व्यवसायी पिंटु गोस्वामी को भुगतान देने भेजा। पंकज वहां नहीं पहुंचा तो खोजबीन शुरू की। उसका मोबाइल भी बंद बताता रहा। उसके घर पर जानकारी करने की कोशिश, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद प्रेमनगर थाने में संपर्क करने पर उन्हें मालूम हुआ कि पंकज के खिलाफ गैंगस्टर खुली हुई है। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने पंकज की खोजबीन शुरू कर दी है। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर बलवीर सिंह के मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम और डीसीआरबी को जानकारी दी गई है। हाईवे पर दिल्ली की तरफ जाने की बात सामने आई है।
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पुलिस सत्यापन जरूर कराएं
घर और कार्यालय में नौकरी करने वालों का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं। संगीन अपराधों में कई बार घर और कार्यालय में काम करने वाले नौकरों का ही हाथ सामने आता है। सूद धर्मकांटा मालिक ने भी पंकज का नौ महीने के लंबा अंतराल बीतने पर भी सत्यापन नहीं कराया था।
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ऐसा पहली बार नहीं था कि पंकज के हाथ से पार्टी को भुगतान भेजा गया हो। इससे पहले 15 से 20 लाख रुपये तक वह लेकर जा चुका है, लेकिन कभी घालमेल नहीं हुआ। हम लोग खुद भी हैरत में हैं कि ऐसा कैसे हुआ। उसका परिचय हमारे साढू भाई के ड्राइवर ने कराया था। जिसके बाद हमने उसके बारे में ज्यादा पता नहीं किया था। - गौरव सूद, धर्मकांटा मालिक
वारदातों में नौकरों की भूमिका पहले भी रही संदिग्ध
- परसाखेड़ा में उद्योगपति दंपति की हत्या में नौकरानी अंजू और उसका आशिक कारण बने थे।
- चार अप्रैल, 2018 को किला के सर्राफ सचिन अग्रवाल की तीस किलो चांदी लेकर उनका नौकर भागा था।
- 7 नवंबर, 2017 में जनलक्ष्मी फाइनेंस में नौकरी से बाहर निकाले जाने पर नौकर वेद प्रकाश ने लूट कराई थी।
- ढाई करोड़ की लूट में भी सराफ अभिलाष का नौकर ही मास्टर माइंड था। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया था।
यह है क्रिमिनल रिकार्ड
गौरव सूद ने बताया कि परिवार से संपर्क करने के बाद उन्हें पता चला कि पंकज के खिलाफ जानलेवा हमला की धारा में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वह चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस पर गैंगस्टर में पुलिस ने कार्रवाई की गई थी।