फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   MLA Kushagra gets clean chit from the girl

पुलिस के बाद पीड़िता ने भी दी विधायक को क्लीन चिट

Thu, 07 Jun 2018 01:25 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 07 Jun 2018 01:25 AM IST
विज्ञापन
MLA Kushagra gets clean chit from the girl
kushagra sagar
जैसा कि अंदेशा था, वैसा ही हुआ। बिसौली विधायक कुशाग्र सागर पर दुष्कर्म के आरोप लगाने वाली दुष्कर्म पीड़िता ने आखिरकार अपने कदम पीछे खींच लिए। दुष्कर्म के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करके आरोपियों को जेल भेजने वाली पुलिस पहले ही इस मामले में हाथ डालने से बच रही थी। पीड़ितों को बार-बार बयान लेने के बहाने बुलाया जाता रहा, लेकिन नौ दिनों में एक बार भी पुलिस ने विधायक का बयान लेेने की जहमत नहीं उठाई। पुलिस ने यह भी कहा कि पीड़िता बयानों पर कायम नहीं है जबकि पीड़िता ने खुद की सुरक्षा को खतरा होने और धमकी देने का भी आरोप लगाया था।
विज्ञापन

पुलिस ने ग्रीन पार्क के उस घर का मुआयना करने की कोशिश भी नहीं की जहां पीड़िता ने अपने साथ दुष्कर्म की घटना होने की बात कही थी। दुष्कर्म की जांच में पुलिस को मौका मुआयना करके तफ्तीश करनी चाहिए थी मगर ऐसा भी नहीं हुआ। पीड़िता के पहले दिन बयान होने के बाद पुलिस ने कहा कि उसने मोहलत मांगी है, वह तत्काल एफआईआर नहीं करना चाहती है। कार्यालय से बाहर आने के बाद पीड़िता ने अपनी बहन को धमकी मिलने के बयान दिए। पीड़िता का एक ऑडियो भी वायरल हुआ जिसमें उसने आरोप लगाया था कि सीओ तृतीय विधायक के दबाव में जांच कर रही है।
विज्ञापन


युवती का यह है आरोप
पीड़ित युवती ने आरोप लगाया है कि 2012 में जब वह नाबालिग थी, तब कुशाग्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसका विरोध किया तो कुशाग्र सागर और उनके परिवार के लोगों ने बालिग होने पर कुशाग्र से उसकी शादी कराने का आश्वासन दिया, इस पर वह खामोश हो गई, लेकिन अब कुशाग्र कहीं और शादी करने जा रहे हैं। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पिछली शिकायत में समझौता होने के बाद भी कुशाग्र उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। आरोप हैं कि चार अप्रैल को कुशाग्र ने उसके साथ रात भर दुष्कर्म किया। अप्राकृतिक संबंध भी बनाए और फिर उसे धमकी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीड़िता ने शपथपत्र दिया है कि वह गुमराह हो गई थी। विधायक के खिलाफ वह एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहती है जिसके बाद विधायक के खिलाफ जांच खत्म हो जाती है। - नीति द्विवेदी, सीओ तृतीय
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed