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फ्लाईओवर के निर्माण में बाधा बनीं दुकानें, हटेंगी
बरेली।
Updated Thu, 02 Mar 2017 01:40 AM IST
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Construction of flyover Obstacle became the shops, Htengi
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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शहामतगंज फ्लाईओवर के निर्माण में डलावघर के निकट की कई दुकानें बाधा बन गईं हैं। इन दुकानों को हटाया जाएगा। दुकानों की जमीन भी अधिग्रहीत की जाएगी। नगर निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम बनने से पहले ये जमीन महानगर पालिका की थी। 1964 में ये जगह रहमत अली के नाम से आवंटित की गई थी। मेयर का कहना है कि तत्कालीन महानगर पालिका की ओर से इस जमीन का आवंटन नियम विरुद्ध था।
शहामतगंज फ्लाईओवर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। शहामतगंज से विकास भवन रोड पर नगर निगम के डलावघर की निकट बनीं दुकानों की जगह का उपयोग नहीं हो पा रहा है। नगर निगम बनने से पहले 410 स्क्वायर मीटर जमीन महानगर पालिका ने रहमत अली के नाम बेची थी। मेयर डॉ. आईएस तोमर के मुताबिक उस समय महानगर पालिका की ओर से ये जमीन नियम विरुद्ध बेची गई थी। इसलिए नगर निगम इस बिल्डिंग समेत इस जमीन का दोबारा अधिग्रहण कर सकता है। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसमें भवन मालिक को पुरानी बिल्डिंग की लागत समेत जमीन की कीमत सर्किल रेट के आधार पर भुगतान की जाएगी। फ्लाईओवर निर्माण के लिए इन दुकानों को तोड़ा जा सकता है। मेयर ने कहा कि शहर में अन्य स्थानों पर भी नियम विरुद्ध बेची गई जमीनों को अधिग्रहीत करने की योजना बनाई जा रही है।
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शहामतगंज फ्लाईओवर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। शहामतगंज से विकास भवन रोड पर नगर निगम के डलावघर की निकट बनीं दुकानों की जगह का उपयोग नहीं हो पा रहा है। नगर निगम बनने से पहले 410 स्क्वायर मीटर जमीन महानगर पालिका ने रहमत अली के नाम बेची थी। मेयर डॉ. आईएस तोमर के मुताबिक उस समय महानगर पालिका की ओर से ये जमीन नियम विरुद्ध बेची गई थी। इसलिए नगर निगम इस बिल्डिंग समेत इस जमीन का दोबारा अधिग्रहण कर सकता है। इसकी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसमें भवन मालिक को पुरानी बिल्डिंग की लागत समेत जमीन की कीमत सर्किल रेट के आधार पर भुगतान की जाएगी। फ्लाईओवर निर्माण के लिए इन दुकानों को तोड़ा जा सकता है। मेयर ने कहा कि शहर में अन्य स्थानों पर भी नियम विरुद्ध बेची गई जमीनों को अधिग्रहीत करने की योजना बनाई जा रही है।
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