{"_id":"5d9f98748ebc3e0173477f94","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3796143111","type":"story","status":"publish","title_hn":"काम ठप कर धरने पर बैठे कलक्ट्रेट और तहसील कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काम ठप कर धरने पर बैठे कलक्ट्रेट और तहसील कर्मी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कलक्ट्रेट और तहसील कर्मचारियों ने गुरुवार को कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील में धरना प्रदर्शन किया। राजस्व महासंघ के तत्वावधान में आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि चकबंदी विभाग का राजस्व में विलय क्यों किया जा रहा है और कर्मचारियों की प्रति नियुक्तियां क्यों हो रही हैं। प्रदर्शन के बाद महासंघ के जिलाध्यक्ष व तहसीलदार आशुतोष गुप्ता के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार को ज्ञापन सौंपा। उधर, कलक्ट्रेट और तहसील में काम न होने से दूरदराज से आए लोगों को बैरंग होना पड़ा।
तहसील में धरना देते हुए वक्ताओं ने यह मामले उठाए कि 11 सौ ग्रामों में प्रथम चक्र में चकबंदी न होने से वर्ष 1925 के बंदोबस्त और बंदोबस्ती नक्शों से कार्य कराया जा रहा है। जिन ग्रामों में चकबंदी हो चुकी है वहां अधिकांश गांवों के नक्शे जीर्णशीर्ण हैं। चकबंदी प्रक्रिया के माध्यम से होने वाले भूमि अभिलेख आदि बंद करके मनमाने तरीके से राजस्व विभाग के पदों पर समायोजन ठीक नहीं है।
इस मौके पर यह मामला भी उठा कि राजस्व निरीक्षक के एक हजार, नायब तहसीलदार के करीब साढ़े छह सौ, सहायक भूलेख अधिकारी के 68 सहित मिनिस्ट्रियल के पद रिक्त हैं, उनके लिए पात्र कर्मचारी भी उपलब्ध है, जबकि उनका प्रमोशन नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन के बाद लेखपाल संघ के संजीव सिंह, कलक्ट्रेट संघ के शिवेश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तहसील में धरना देते हुए वक्ताओं ने यह मामले उठाए कि 11 सौ ग्रामों में प्रथम चक्र में चकबंदी न होने से वर्ष 1925 के बंदोबस्त और बंदोबस्ती नक्शों से कार्य कराया जा रहा है। जिन ग्रामों में चकबंदी हो चुकी है वहां अधिकांश गांवों के नक्शे जीर्णशीर्ण हैं। चकबंदी प्रक्रिया के माध्यम से होने वाले भूमि अभिलेख आदि बंद करके मनमाने तरीके से राजस्व विभाग के पदों पर समायोजन ठीक नहीं है।
विज्ञापन
इस मौके पर यह मामला भी उठा कि राजस्व निरीक्षक के एक हजार, नायब तहसीलदार के करीब साढ़े छह सौ, सहायक भूलेख अधिकारी के 68 सहित मिनिस्ट्रियल के पद रिक्त हैं, उनके लिए पात्र कर्मचारी भी उपलब्ध है, जबकि उनका प्रमोशन नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन के बाद लेखपाल संघ के संजीव सिंह, कलक्ट्रेट संघ के शिवेश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट और तहसील के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
विज्ञापन