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65 करोड़ के गोलमाल में प्रशासन को उलझाकर पॉवर कॉरपोरेशन बेखबर
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प्रमुख सचिव के आदेश पर भी बकायादारों के आरसी में दर्ज गलत नाम-पते महीने भर बाद भी नहीं किया दुरुस्त
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सहगल का दोबारा दौरा तय होने के बाद अफसरों को डीएम ने किया तलब
बरेली। पॉवर कॉरपोरेशन में बकायेदारों से वसूली के लिए जारी होने वाले रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) में गलत नाम-पते दर्ज करने का खेल बंद नहीं हो पा रहा है। 21 नवंबर को प्रमख सचिव जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने समीक्षा बैठक में यह मामला उठा था। इसके बाद पॉवर कारपोरेशन और प्रशासन के अधिकारियों के आपसी समन्वय से इस गड़बड़ी को दूर किया जाना था लेकिन यह गड़बड़ी अब तक ठीक नहीं हुई है। लिहाजा करीब 64 करोड़ की वसूली नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को डीएम ने कलक्ट्रेट में पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को तलब कर लिया है। अफसरों का कहना है कि उनके ऑनलाइन पोर्टल में यही नाम हैं। इन्हें शासन की मदद से ही ठीक किया जा सकता है।
शासन स्तर पर 16 नवंबर को विद्युत देयों की बकाया वसूली की समीक्षा की गई तो पता चला कि राजस्व परिषद के पोर्टल पर ज्यादातर गलत आंकड़े अपलोड हैं। बिजली विभाग की ओर से जो आरसी जारी की गई हैं, उनमें से ज्यादातर पर उपभोक्ताओं के नाम, पिता का नाम, मकान संख्या, कनेक्शन नंबर और मोबाइल नंबर जैसा अधिकांश ब्योरा या तो गलत दर्ज है या अधूरा है। इस गड़बड़ी से वसूली के लिए तहसीलों में भेजी गईं सैकड़ों आरसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वसूली के बजाय ज्यादातर आरसी तहसीलों में वापस आ गई हैं। 21 नवंबर को प्रमुख सचिव नोडल अधिकारी नवनीत सहगल के सामने यह मामला उठा तो उन्होंने खासी नाराजगी जताई। इसके बाद तय हुआ कि पॉवर कॉरपोरेशन और प्रशासन के अधिकारी आपसी सहयोग से इस त्रुटि को दूर करेंगे, लेकिन ये अब तक ठीक नहीं हो सकी है। चूंकि 18 दिसंबर को प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का फिर दौरा है। इसे देखते हुए डीएम नितीश कुमार ने शुक्रवार को पॉवर कारपोरेशन के अफसरों और एडीएम (वित्त) मनोज कुमार पांडेय को बुलाकर समीक्षा की। पॉवर कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि उनके ऑनलाइन डाटा के हिसाब से ही आरसी भेजी गई हैं। इनमें शासन स्तर से ही सुधार हो सकता है।
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सबसे ज्यादा खराब वसूली के बावजूद नहीं बदला ढर्रा
पॉवर कॉरपोरेशन के बकाया राजस्व की वसूली में बरेली की स्थिति पूरे में मंडल में सबसे ज्यादा खराब है। पॉवर कॉरपोरेशन को जिले में करीब 75 करोड़ राजस्व की वसूली करनी है लेकिन सरकारी खजाने में अब तक सिर्फ पांच करोड़ ही जमा हो सके हैं। एडीएम ने डीएम को बताया कि 69 करोड़ की वसूली डंप थी। अभी केवल पांच करोड़ ही वसूले जा सके हैं।
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इस मामले को लेकर पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों के साथ हर सोमवार को बैठक होनी थी, लेकिन कुछ बैठकों में ही पॉवर कॉरपोरेशन के अफसर आए। इस समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। डीएम ने इस संबंध में कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की है। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त
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सहगल का दोबारा दौरा तय होने के बाद अफसरों को डीएम ने किया तलब बरेली। पॉवर कॉरपोरेशन में बकायेदारों से वसूली के लिए जारी होने वाले रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) में गलत नाम-पते दर्ज करने का खेल बंद नहीं हो पा रहा है। 21 नवंबर को प्रमख सचिव जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल ने समीक्षा बैठक में यह मामला उठा था। इसके बाद पॉवर कारपोरेशन और प्रशासन के अधिकारियों के आपसी समन्वय से इस गड़बड़ी को दूर किया जाना था लेकिन यह गड़बड़ी अब तक ठीक नहीं हुई है। लिहाजा करीब 64 करोड़ की वसूली नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को डीएम ने कलक्ट्रेट में पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को तलब कर लिया है। अफसरों का कहना है कि उनके ऑनलाइन पोर्टल में यही नाम हैं। इन्हें शासन की मदद से ही ठीक किया जा सकता है।
शासन स्तर पर 16 नवंबर को विद्युत देयों की बकाया वसूली की समीक्षा की गई तो पता चला कि राजस्व परिषद के पोर्टल पर ज्यादातर गलत आंकड़े अपलोड हैं। बिजली विभाग की ओर से जो आरसी जारी की गई हैं, उनमें से ज्यादातर पर उपभोक्ताओं के नाम, पिता का नाम, मकान संख्या, कनेक्शन नंबर और मोबाइल नंबर जैसा अधिकांश ब्योरा या तो गलत दर्ज है या अधूरा है। इस गड़बड़ी से वसूली के लिए तहसीलों में भेजी गईं सैकड़ों आरसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वसूली के बजाय ज्यादातर आरसी तहसीलों में वापस आ गई हैं। 21 नवंबर को प्रमुख सचिव नोडल अधिकारी नवनीत सहगल के सामने यह मामला उठा तो उन्होंने खासी नाराजगी जताई। इसके बाद तय हुआ कि पॉवर कॉरपोरेशन और प्रशासन के अधिकारी आपसी सहयोग से इस त्रुटि को दूर करेंगे, लेकिन ये अब तक ठीक नहीं हो सकी है। चूंकि 18 दिसंबर को प्रमुख सचिव नवनीत सहगल का फिर दौरा है। इसे देखते हुए डीएम नितीश कुमार ने शुक्रवार को पॉवर कारपोरेशन के अफसरों और एडीएम (वित्त) मनोज कुमार पांडेय को बुलाकर समीक्षा की। पॉवर कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि उनके ऑनलाइन डाटा के हिसाब से ही आरसी भेजी गई हैं। इनमें शासन स्तर से ही सुधार हो सकता है।
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सबसे ज्यादा खराब वसूली के बावजूद नहीं बदला ढर्रा
पॉवर कॉरपोरेशन के बकाया राजस्व की वसूली में बरेली की स्थिति पूरे में मंडल में सबसे ज्यादा खराब है। पॉवर कॉरपोरेशन को जिले में करीब 75 करोड़ राजस्व की वसूली करनी है लेकिन सरकारी खजाने में अब तक सिर्फ पांच करोड़ ही जमा हो सके हैं। एडीएम ने डीएम को बताया कि 69 करोड़ की वसूली डंप थी। अभी केवल पांच करोड़ ही वसूले जा सके हैं।
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इस मामले को लेकर पॉवर कारपोरेशन के अधिकारियों के साथ हर सोमवार को बैठक होनी थी, लेकिन कुछ बैठकों में ही पॉवर कॉरपोरेशन के अफसर आए। इस समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। डीएम ने इस संबंध में कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक की है। -मनोज कुमार पांडेय, एडीएम वित्त