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Bareilly News: हैंडपंप पी गए लाखों का बजट, फिर भी सूखे
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नवाबगंज फोटो 2 हरदुआ गांव में खराब पडा सरकारी हैंड पंप
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नवाबगंज। विकासखंड में सरकारी हैंडपंप खराब होने के बाद रिबोर कराने के नाम पर लाखों रुपये का बंदरबांट हुआ है। इस मामले में ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी और विधायक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इधर, शिकायत मिलने के बाद खंड विकास अधिकारी ने एडीओ पंचायत मुकेश रस्तोगी को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं, विधायक ने बीडीओ महेशचंद्र शाक्य से हैंडपंप रिबोर करने वाले ठेकेदार का भुगतान रोकने को कहा है। इससे ठेकेदारों में हलचल है।
नवाबगंज विकासखंड के वित्तीय वर्ष में 90 ग्राम पंचायतों में खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराया गया। इन हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर कराने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह सरकारी हैंडपंप चंद दिनों में ही खराब हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप रिबोर के नाम पर ग्राम प्रधानों और सचिवों ने लाखों रुपये निकाल कर बंदरबांट कर लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक डॉ. एमपी आर्य ने खंड विकास अधिकारी को जांच कराकर ठेकेदारों का भुगतान रोकने को कहा है। साथ ही जिस क्षेत्र में रिबोर हुए, उन ठेकेदारों और सचिवों से रिकवरी कराने को कहा है।
प्रति रिबोर के लिए मिलते हैं 38 हजार रुपये
बीडीओ के अनुसार एक रिबोर के लिए करीब 38 हजार रुपये मिलते हैं। इसके तहत करीब 220 फुट तक रिबोर किया जाता है। इस तरह से 90 गांवों में एक हैंडपंप के लिए करीब 34 लाख 20 हजार रुपये की निकासी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव ये राशि निकाल कर अपने चहेते ठेकेदारों से रिबोर करवाते हैं। ये ठेकेदार हैंडपंप में मानक से काफी कम पाइप लगाते हैं। 20 से 25 मीटर तो कहीं 40 से 50 मीटर पाइप डालकर हैंडपंप लगा देते हैं, जो कि कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है। इसी तरह से सेंथल क्षेत्र के एक ठेकेदार ने मात्र 20 से 25 मीटर गहरा पाइप डालने के बाद हैंडपंप लगा दिया, जो कि चार से छह दिनों में खराब हो गया।
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गांव में लगे सरकारी हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था, जो कुछ दिन बाद ही खराब हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की थी। बीडीओ से जांच कर कार्रवाई को कहा है।
-डा. एके गंगवार, ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि, नवाबगंज
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सरकारी हैंडपंप रिबोर के मामले में शिकायत मिली है। जांच एडीओ पंचायत को सौंप दी है। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
-- महेश चंद्र शाक्य, बीडीओ
संवाद
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नवाबगंज विकासखंड के वित्तीय वर्ष में 90 ग्राम पंचायतों में खराब पड़े हैंडपंपों को रिबोर कराया गया। इन हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर कराने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन यह सरकारी हैंडपंप चंद दिनों में ही खराब हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि हैंडपंप रिबोर के नाम पर ग्राम प्रधानों और सचिवों ने लाखों रुपये निकाल कर बंदरबांट कर लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक डॉ. एमपी आर्य ने खंड विकास अधिकारी को जांच कराकर ठेकेदारों का भुगतान रोकने को कहा है। साथ ही जिस क्षेत्र में रिबोर हुए, उन ठेकेदारों और सचिवों से रिकवरी कराने को कहा है।
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प्रति रिबोर के लिए मिलते हैं 38 हजार रुपये
बीडीओ के अनुसार एक रिबोर के लिए करीब 38 हजार रुपये मिलते हैं। इसके तहत करीब 220 फुट तक रिबोर किया जाता है। इस तरह से 90 गांवों में एक हैंडपंप के लिए करीब 34 लाख 20 हजार रुपये की निकासी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान और सचिव ये राशि निकाल कर अपने चहेते ठेकेदारों से रिबोर करवाते हैं। ये ठेकेदार हैंडपंप में मानक से काफी कम पाइप लगाते हैं। 20 से 25 मीटर तो कहीं 40 से 50 मीटर पाइप डालकर हैंडपंप लगा देते हैं, जो कि कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है। इसी तरह से सेंथल क्षेत्र के एक ठेकेदार ने मात्र 20 से 25 मीटर गहरा पाइप डालने के बाद हैंडपंप लगा दिया, जो कि चार से छह दिनों में खराब हो गया।
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गांव में लगे सरकारी हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था, जो कुछ दिन बाद ही खराब हो गए। ग्रामीणों ने शिकायत की थी। बीडीओ से जांच कर कार्रवाई को कहा है।
-डा. एके गंगवार, ब्लाॅक प्रमुख प्रतिनिधि, नवाबगंज
सरकारी हैंडपंप रिबोर के मामले में शिकायत मिली है। जांच एडीओ पंचायत को सौंप दी है। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
संवाद