बरेली में सियासी घमासान: अब ब्राह्मण समाज के नेता बोले- कुर्मी तीन लाख तो हमारे समाज का भी इतने ही वोट
बरेली में सियासी घमासान जारी है। सांसद संतोष गंगवार के समर्थन में कुर्मी समाज की प्रेसवार्ता के बाद अब ब्राह्मण समाज के नेताओं ने प्रेसवार्ता की। सुशील पाठक ने कहा कि संगठन से बड़ा व्यक्ति नहीं हो सकता। जिसे इस बात पर घमंड है, उसे अगला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़कर देख लेना चाहिए।
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बरेली में मेयर उमेश गौतम के कथित ऑडियो को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत सेवा ट्रस्ट पर सांसद संतोष गंगवार के समर्थन में कुर्मी समाज की प्रेसवार्ता के बाद अब ब्राह्मण समाज के कई लोगों के साथ सांई मंदिर पर पंडित सुशील पाठक ने प्रेसवार्ता की। वक्ताओं ने इशारों में संतोष गंगवार को अगला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ने की चुनौती दे डाली। बयानबाजी करने वाले कुर्मी समाज के कथित नेताओं पर कार्रवाई की मांग कर दी।
पंडित सुशील पाठक ने कहा कि लगभग 18 लाख कुल मतदाता बरेली लोकसभा में हैं। इनमें अगर कुर्मी तीन लाख हैं तो तीन लाख ब्राह्मण वोटर भी हैं। कुल मिलाकर सनातनी वोटर इतने हैं जो किसी भी दल को जिताने के लिए सक्षम हैं। ब्राह्मणों ने हमेशा सनातन विचारधारा का साथ दिया है।
उन्होंने कहा कि एक ऑडियो को लेकर चर्चा हो रही है। उस ऑडियो में कहीं किसी व्यक्ति या दल का नाम नहीं है। फिर कुछ लोग महापौर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अड़े हैं, जब ऑडियो में कोई तथ्य ही नहीं हैं तो माफी या इस्तीफे की का सवाल नहीं उठता है। महापौर और सांसद दोनों एक ही मंच पर आकर भाजपा प्रत्याशी का चुनाव लड़ा रहे हैं तो उनमें विवाद के बहाने विपक्षी दलों की शह पर ब्राह्मणों के बारे में अपशब्द कहने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
ब्राह्मणों ने समाज को शिक्षित किया- पाठक
सुशील पाठक ने कहा कि संगठन से बड़ा व्यक्ति नहीं हो सकता। जिसे इस बात पर घमंड है, उसे अगला विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़कर देख लेना चाहिए, औकात पता चल जाएगी। जमानत जब्त न हो जाए तो मैं अपना नाम बदल दूंगा। ब्राह्मण समाज के अपमान पर कहा कि भिक्षा मांगने का नहीं, बल्कि शिक्षा देने का काम ब्राह्मणों ने किया है। अगर किसी को ब्राह्मणों से समस्या है तो वह अपने घरों में वैवाहिक व अन्य संस्कार खुद कर लें।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा की मंडल अध्यक्ष नीलिमा पाठक ने कहा कि क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। ब्राह्मणों का अपमान करने वालों को नहीं पता कि स्वतंत्रता की अलख मंगल पांडेय ने ही जगाई थी। कहा कि यह समय जातियों में बंटकर काम करने का नहीं बल्कि सनातन धर्म को मजबूत करने का काम करना चाहिए।
'जाति के आधार पर वैमनस्यता फैलाना गलत'
भारत सेवा ट्रस्ट पर हुई प्रेस वार्ता में कुर्मी बिरादरी के नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर सर्व समाज के लोगों ने आपत्ति जताई है। शुक्रवार को दुनका गांव में बैठक कर जाति के आधार पर वैमनस्यता फैलाने को गलत बताया। कहा कि पार्टी किसी को भी टिकट दे हम हमेशा पार्टी के साथ रहेंगे। व्यक्ति विशेष के लिए पार्टी को दरकिनार करना गलत है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड कार्यवाह रहे डॉ. वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं तो कुछ लोगों ने इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा का नारा दिया था, तो क्या कांग्रेस खत्म हो गई? पार्टी किसी व्यक्ति विशेष से नहीं चलती। एक बड़े वर्ग के समर्थन से ही चुनाव में कोई प्रत्याशी विजेता बनता है।
तेज बहादुर गंगवार, अरविंद गंगवार, सतीश चंद्र गंगवार, सर्वेश गंगवार, लक्ष्मीकांत गंगवार आदि ने कहा हम सभी भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। पार्टी ने जिसे भी टिकट दिया उसे विजेता बनाने के लिए सभी मेहनत करेंगे। बैठक में रामबहादुर कश्यप, केवल राम, राकेश कुमार, होरी लाल, बाबू राम आदि मौजूद रहे।