Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   BDA demolished portion of three-storey building in Bareilly

बरेली: बीडीए ने अवैध निर्माण किया ध्वस्त, तीन मंजिला भवन पर दिवाली के बाद चलेगा बुलडोजर

Sat, 07 Nov 2026 12:29 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 07 Nov 2026 12:29 PM IST
सार

बरेली में बीडीए ने बृहस्पतिवार को मौलानगर की कृष्णा विहार कॉलोनी में 25 साल पुराने अवैध कब्जे का एक हिस्सा ढहाया। महंत संजीव गौड़ ने 400 वर्ग मीटर पार्क की भूमि पर कब्जा कर पशुशाला बना रखी थी। 70 वर्ग मीटर में बना तीन मंजिला भवन दिवाली के बाद ध्वस्त होगा। 

विज्ञापन
BDA demolished portion of three-storey building in Bareilly
बीडीए ने ध्वस्त किया अवैध निर्माण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने मौलानगर की कृष्णा विहार कॉलोनी में पार्क की भूमि पर 25 साल पुराने अवैध कब्जे के एक हिस्से को बृहस्पतिवार को ढहा दिया। अभी भी 70 वर्ग मीटर में बना तीन मंजिला भवन ध्वस्त किया जाना बाकी है। इस भवन पर कार्रवाई दिवाली के बाद की जाएगी। यह कार्रवाई महंत संजीव गौड़ द्वारा भूमि पर अपना मालिकाना हक साबित न कर पाने के बाद की गई। बीडीए के अनुसार, महंत ने 400 वर्ग मीटर पार्क की भूमि पर कब्जा कर पशुशाला संचालित कर रखी थी।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को बीडीए और प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पशुशाला के टिनशेड और कुछ दीवारों को गिराया। बीडीए ने बताया कि 28 जुलाई 2026 को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। तब महंत संजीव गौड़ ने स्वयं निर्माण हटाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, उन्होंने कब्जा खाली नहीं किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। महंत का दावा है कि उन्होंने यह भूमि काश्तकारों से खरीदी थी, लेकिन वे अदालत में इस बात को साबित नहीं कर सके और मुकदमा हार गए। 
विज्ञापन


अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कई बार हारे संजीव गौड़
कृष्णा विहार वेलफेयर सोसाइटी ने निचली अदालत में मुकदमा दायर किया था। पांच अगस्त 2010 को अदालत ने पार्क की भूमि पर कब्जे के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। महंत संजीव गौड़ ने इस आदेश के खिलाफ आयुक्त न्यायालय में अपील की, जहां 14 मार्च 2013 को आदेश निरस्त हो गया। इसके बाद शासन में की गई अपील भी 15 मई 2015 को निरस्त कर दी गई। 2015 में महंत ध्वस्तीकरण रोकने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

कृष्णा वेलफेयर सोसाइटी ने भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की। उच्च न्यायालय ने 14 मार्च 2017 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया। यह आदेश महंत संजीव गौड़ के खिलाफ आया, जो भूमि पर अपना दावा साबित नहीं कर पाए। बीडीए अब इस आदेश के तहत शेष अवैध निर्माण को हटाने की तैयारी में है।

बीडीए सचिव हिमांशु गुप्ता ने बताया कि अभी भी पार्क की भूमि पर तीन मंजिला भवन बनाकर रखा गया है। जिसको दिवाली के बाद गिराया जाएगा। महंत संजीव गौड़ कई बार कोर्ट में मुकदमा हार चुके हैं। जिसके बाद उनको पार्क की भूमि को कब्जे से खाली करना होगा। कोर्ट व प्रशासन के आदेश पर बीडीए कार्रवाई करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed