शीशगढ़ प्रकरण: बच्चों की कमेंटबाजी से बिगड़ा माहौल, बड़ों ने कर दिया बवाल; 15 आरोपियों को भेजा जेल
शीशगढ़ में आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस ने 30 लोगों को पकड़ा था। चेहरे पहचानने के बाद चार नाबालिगों सहित 19 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इनमें से 15 लोगों को जेल भेज दिया गया।
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बरेली के शीशगढ़ कस्बे में बवाल भले ही भीड़ ने किया, लेकिन माहौल बिगाड़ने में नाबालिग छात्रों की ही भूमिका रही। दोनों छात्रों की चैट वायरल करने वाले और शनिवार को दोबारा भीड़ जुटाने की अपील करने वाले भी नाबालिग छात्र निकले।
शुक्रवार रात आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद पुलिस ने 30 लोगों को पकड़ा था। चेहरे पहचानने के बाद चार नाबालिगों सहित 19 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। इनमें से 15 लोगों को जेल भेज दिया गया। वहीं, चार नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। इनमें वह दोनों छात्र भी शामिल हैं जो एक-दूसरे के धर्मों को लेकर अभद्र टिप्पणी कर रहे थे। जांच में पता लगा कि इन दोनों की निजी चैट को जिस तीसरे शख्स ने वायरल किया, वह भी 10वीं का छात्र है। उसे भी बाल सुधार गृह भेजा गया है।
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इसके साथ ही पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज कर इन्हीं की कक्षा नौ के छात्र को भी बाल सुधार गृह भिजवाया है। शनिवार को भी एक पोस्ट वायरल की गई थी। इसमें समुदाय विशेष के लोगों से रात 10 बजे अड्डे के पास जुटने के लिए कहा गया था। हालांकि, पुलिस की सख्ती से कोई खुराफात नहीं हो सकी।
एसपी देहात ने जांच कराई तो पुष्टि हुई कि यह पोस्ट भी चेयरपर्सन के भतीजे के सहपाठी दोस्त ने की थी। उसे भी पकड़कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे भी बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज व वीडियो के आधार पर लोगों को चिह्नित कर गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
बाजार खुले पर नहीं दिखी रौनक
शीशगढ़ कस्बे में सुरक्षा की दृष्टि से अभी पुलिस तैनात है। कस्बे का बाजार आम दिनों की तरह खुला, लेकिन सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण इलाके के लोग अभी कस्बे में आने से परहेज कर रहे हैं। बवाल में शामिल रहे तमाम लोग पकड़े जाने के डर से घर छोड़कर भाग गए गए हैं।
नेताओं पर भी पुलिस की नजर
शीशगढ़ में बवाल कराने में कुछ नेता भी संदेह के घेरे में आ गए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि बवाल कराने के लिए लोगों को फोन और मेसेज करके बुलाया जा रहा था। नेता व उनके कारिंदे ऐसा करने में जुटे थे। पकड़े गए आरोपियों ने ही पुलिस को ऐसी जानकारी दी है। इसी आधार पर अब पुलिस नेताओं की तलाश में जुट गई है। इनमें से अधिकतर एक विपक्षी दल से जुड़े बताए जा रहे हैं। साथ ही एक समुदाय के धार्मिक स्थलों से जुड़े लोग भी खुराफात को लेकर कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।