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जिंदा जले दंपती और बच्चे: दो घंटे बाद कमरे में मिलीं चाबियां; पुलिस सही या परिजन... तकनीकी जांच रिपोर्ट पर नजर
Mon, 29 Jan 2024 12:15 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 29 Jan 2024 12:15 PM IST
सार
बरेली से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां सदिग्ध हालत में हलवाई और उसके परिवार की जलकर मौत हो गई। हादसे में पति-पत्नी और तीन बच्चों की मौत हुई है। जिस कमरे में परिवार था, उस कमरे में बाहर ताला लगा था।
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Bareilly Fire News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के फरीदपुर में कमरे में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस हादसे की कहानी गढ़ रही है। वहीं, परिजन कमरे के बाहर ताला लगा होने से हत्या की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल दोनों ही बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अब सबकी नजर तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट पर टिकी है। इसी से तय होगा कि पुलिस सही है या परिजन।
फॉरेंसिक टीम को जांच में कमरे में हीटर और ब्लोअर मिले हैं जो कि प्लग में लगे थे, उनमें सप्लाई भी जारी थी। हीटर लगभग नष्ट हो चुका है पर ब्लोअर आधा बचा है। सीएफओ व विद्युत विभाग के एक्सईएन ने भी जांच पड़ताल की है। हालांकि किसी को भी हत्या व हादसे का स्पष्ट कारण समझ नहीं आया।
पुलिस दे रही ये तर्क
पुलिस मान रही है कि यह हादसा है। अधिकारियों का कहना है कि कमरे के दरवाजे में अंदर से लगाने के लिए कुंडी नहीं थी। दरवाजा ढीला था जिसके दोनों पट आपस में बंद करने के बाद भी वह कुछ खुला रहता था और हवा अंदर आती थी। इसीलिए परिजन बाहर से ताला लगाकर गेट को जोर से भिड़ाकर बंद कर लेते थे। अंदर से डंडा लगाकर गेट बंद हो जाता था। परिवार काफी गरीब था और इसी तरह गुजारा कर रहा था।
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इन अफसरों ने भी किया मुआयना: एडीएम प्रशासन दिनेश कुमार मिश्रा, एसपी ग्रामीण मुकेश चंद्र मिश्र, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एसडीएम फरीदपुर निधि डोंडवाल, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक तिवारी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम, विद्युत विभाग के एक्सईएन समेत फॉरेंसिक टीम, क्राइम ब्रांच व सर्विलांस टीम ने जांच पड़ताल की।
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फॉरेंसिक टीम को जांच में कमरे में हीटर और ब्लोअर मिले हैं जो कि प्लग में लगे थे, उनमें सप्लाई भी जारी थी। हीटर लगभग नष्ट हो चुका है पर ब्लोअर आधा बचा है। सीएफओ व विद्युत विभाग के एक्सईएन ने भी जांच पड़ताल की है। हालांकि किसी को भी हत्या व हादसे का स्पष्ट कारण समझ नहीं आया।
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पुलिस दे रही ये तर्क
पुलिस मान रही है कि यह हादसा है। अधिकारियों का कहना है कि कमरे के दरवाजे में अंदर से लगाने के लिए कुंडी नहीं थी। दरवाजा ढीला था जिसके दोनों पट आपस में बंद करने के बाद भी वह कुछ खुला रहता था और हवा अंदर आती थी। इसीलिए परिजन बाहर से ताला लगाकर गेट को जोर से भिड़ाकर बंद कर लेते थे। अंदर से डंडा लगाकर गेट बंद हो जाता था। परिवार काफी गरीब था और इसी तरह गुजारा कर रहा था।
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इन अफसरों ने भी किया मुआयना: एडीएम प्रशासन दिनेश कुमार मिश्रा, एसपी ग्रामीण मुकेश चंद्र मिश्र, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एसडीएम फरीदपुर निधि डोंडवाल, तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक तिवारी, सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम, विद्युत विभाग के एक्सईएन समेत फॉरेंसिक टीम, क्राइम ब्रांच व सर्विलांस टीम ने जांच पड़ताल की।
दो घंटे बाद कमरे में मिलीं दोनों चाबियां
मेन गेट और कमरे के बाहर लगे तालों की चाबियां अंदर फ्रिज पर रखे एक बॉक्स में मिलीं। फॉरेंसिक टीम काफी समय तक कमरे के अंदर चाबियां तलाशती रही। करीब दो घंटे बाद उस जले हुए बॉक्स के तले में यह चाबियां चिपकी हुई मिलीं। तब दोनों तालों को इनसे खोलकर देखा गया। ताले खुल गए तो यह स्पष्ट हुआ कि परिवार ने ही दोनों तालों को लगाकर चाबियां अंदर रखी होंगी।
पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी
कमरे के अंदर आग से पूरा परिवार जिंदा जलता रहा लेकिन पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। मासूम बच्चों सहित परिवार के पांचों सदस्य जैसे लेटे थे, वैसे ही लेटे रह गए और जिंदा जल गए। शनिवार रात किस वक्त यह हादसा हुआ? ये किसी पड़ोसी को नहीं पता। घर के तीन तरफ मकान बने हुए हैं।
उन मकानों में लोग रहते हैं फिर भी पांच जिंदगियां जलकर खत्म हो गईं और रविवार सुबह आठ बजे लोगों को पता चल सका। पुलिस का मानना है कि शॉर्ट सर्किट आदि से पहले आग लगी और धुआं सांसों में भर जाने से परिवार उठ नहीं सका। सीएफओ चंद्रमोहन शर्मा ने भी इसी तरह की आशंका जताई पर यह भी कहा कि विस्तृत जांच के बाद ही घटना की सही वजह पता चल पाएगी।