Jama Masjid vs Neelkanth Temple: बदायूं की जामा मस्जिद की जगह महादेव मंदिर होने का दावा, अगली सुनवाई चार को
वकील असरार अहमद के मुताबिक, उन्होंने अदालत से कहा कि हिंदू महासभा की ओर से दाखिल किए गए प्रपत्रों की अभी तक उनको नकल उपलब्ध नहीं कराई गई है। नियम के अनुसार उन्हें प्रपत्रों की कॉपी दिलाई जाए। यह प्रार्थनापत्र देकर इंतजामिया कमेटी के वकील न्यायालय से बाहर निकल आए।
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जामा मस्जिद के मामले में बृहस्पतिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन विजय कुमार गुप्ता की अदालत में केस की सुनवाई हुई। इंतजामिया कमेटी के वकील असरार अहमद सिद्दीकी ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर हिंदू महासभा की ओर से दायर वादपत्र की नकल देने की मांग की।
दोपहर बाद हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू व अन्य ने प्रतिवादियों को समन तामील कराए जाने की बात रखी। कोर्ट में अब इस बात पर बहस होगी कि मुकदमा चलेगा या नहीं। इसके लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख तय की है।
बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे इंतजामिया कमेटी की ओर से वकील असरार अहमद सिद्दीकी और मोहम्मद जमील अहमद अदालत में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले नकल की मांग करते हुए न्यायालय में एक प्रार्थनापत्र पेश किया।
वकील असरार अहमद के मुताबिक, उन्होंने अदालत से कहा कि हिंदू महासभा की ओर से दाखिल किए गए प्रपत्रों की अभी तक उनको नकल उपलब्ध नहीं कराई गई है। नियम के अनुसार उन्हें प्रपत्रों की कॉपी दिलाई जाए। यह प्रार्थनापत्र देकर इंतजामिया कमेटी के वकील न्यायालय से बाहर निकल आए।
इसके बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल तमाम समर्थकों के साथ न्यायालय पहुंचे। बताते हैं कि न्यायाधीश ने हिंदू महासभा को भोजनावकाश के बाद का समय दिया था। भोजनावकाश के बाद हिंदू महासभा के वकील वेदप्रकाश साहू, ब्रजपाल सिंह, विवेक रैंडर और अर्पित श्रीवास्तव समेत अन्य लोग न्यायालय पहुंचे।
वकील वेदप्रकाश साहू के मुताबिक उन्होंने न्यायालय को बताया कि इस मामले में न्यायालय की ओर से प्रतिवादियों को समन भेजे जा चुके हैं लेकिन जो समन तामील करने के लिए भेजे गए थे, वे अभी तक लौटकर नहीं आए हैं। उन्हें दोबारा समन भेजे जाएं या फिर इस संबंध में गजट कराया जाए। इसके लिए न्यायालय ने अगली सुनवाई के लिए चार अक्तूबर की तारीख लगा दी है। इसके बाद ही तय होगा कि यह मुकदमा आगे चलेगा या नहीं।