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Bareilly News: मौसम के हिसाब से खुद को ढालते हैं एथलेटिक्स खिलाड़ी
Tue, 16 Dec 2025 01:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 16 Dec 2025 01:25 AM IST
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बरेली। खेलों की दुनिया में एथलेटिक्स ऐसा खेल है, जिसमें शरीर की छोटी-सी चूक भी प्रदर्शन पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है। यहां सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि मौसम के अनुसार सही ट्रेनिंग और अनुशासित दिनचर्या ही सफलता की असली कुंजी मानी जाती है। जैसे-जैसे मौसम बदलता है, वैसे-वैसे एथलीट्स को अपनी ट्रेनिंग, वर्कआउट और डाइट में भी जरूरी बदलाव करने पड़ते हैं। खासतौर पर सर्दी और गर्मी के मौसम में एथलेटिक्स खिलाड़ियों की तैयारी का तरीका पूरी तरह अलग हो जाता है।
सर्दियों का मौसम एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी भरा माना जाता है। ठंड और कोहरे के कारण शरीर जल्दी एक्टिव नहीं हो पाता। एथलेटिक्स प्रशिक्षक अजय कश्यप बताते हैं कि फॉग (कोहरा) का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे सांस फूलती है और दौड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। इस दौरान हार्ट रेट भी सामान्य से अधिक हाई रहता है।
उनके अनुसार सर्दियों में मांसपेशियां स्टिफ हो जाती हैं और जल्दी हीट अप नहीं होतीं। अगर खिलाड़ी बिना पर्याप्त वार्म-अप के रनिंग या स्पीड वर्क शुरू कर दें, तो चोटिल होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों में एथलीट्स को सही मात्रा में वार्म-अप, स्ट्रेचिंग और हल्का जॉगिंग करना बेहद जरूरी होता है। इसके बाद ही स्पीड रन, एंड्योरेंस रन या टेक्निकल ड्रिल्स करानी चाहिए।
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- धूप में अभ्यास है जरूरी
अजय कश्यप बताते हैं कि सर्दियों में सुबह बहुत जल्दी अभ्यास करने से बेहतर है कि धूप निकलने के बाद ट्रेनिंग की जाए। धूप में अभ्यास करने से शरीर जल्दी गर्म होता है, रक्त संचार बेहतर रहता है और मसल्स भी सही तरीके से काम करती हैं। साथ ही वे यह भी कहते हैं कि सर्दियों में ओवरट्रेनिंग से बचना चाहिए।
- डाइट का भी मौसम से होता है जुड़ाव
एथलेटिक्स में डाइट की भूमिका उतनी ही अहम है जितनी ट्रेनिंग की। सर्दियों में खिलाड़ियों को गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। अंडा, मौसमी फल और सूखे मेवे ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहती है।
यह हैं खिलाड़ियों के विचार-
मैं सर्दियों में ट्रेनिंग से पहले कम से कम 25-30 मिनट वार्म-अप जरूर करती हूं। ठंड में सीधे स्पीड रन से मसल्स में खिंचाव आ जाता था। अब धूप में अभ्यास और सही स्ट्रेचिंग से मेरी स्पीड और टाइमिंग दोनों बेहतर हुई हैं। - अनुष्का, खिलाड़ी
सर्दियों में मेरी ट्रेनिंग प्लानिंग बदल जाती है। मैं प्रतिदिन दौड़ लगाती हूं और पानी व डाइट पर खास ध्यान देती हूं। मौसम के हिसाब से खुद को ढालना भी एथलेटिक्स के खिलाड़ी को सफलता हासिल करने में सहायक होता है। - इरम, खिलाड़ी
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सर्दियों का मौसम एथलेटिक्स खिलाड़ियों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी भरा माना जाता है। ठंड और कोहरे के कारण शरीर जल्दी एक्टिव नहीं हो पाता। एथलेटिक्स प्रशिक्षक अजय कश्यप बताते हैं कि फॉग (कोहरा) का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे सांस फूलती है और दौड़ने की क्षमता प्रभावित होती है। इस दौरान हार्ट रेट भी सामान्य से अधिक हाई रहता है।
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उनके अनुसार सर्दियों में मांसपेशियां स्टिफ हो जाती हैं और जल्दी हीट अप नहीं होतीं। अगर खिलाड़ी बिना पर्याप्त वार्म-अप के रनिंग या स्पीड वर्क शुरू कर दें, तो चोटिल होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए सर्दियों में एथलीट्स को सही मात्रा में वार्म-अप, स्ट्रेचिंग और हल्का जॉगिंग करना बेहद जरूरी होता है। इसके बाद ही स्पीड रन, एंड्योरेंस रन या टेक्निकल ड्रिल्स करानी चाहिए।
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- धूप में अभ्यास है जरूरी
अजय कश्यप बताते हैं कि सर्दियों में सुबह बहुत जल्दी अभ्यास करने से बेहतर है कि धूप निकलने के बाद ट्रेनिंग की जाए। धूप में अभ्यास करने से शरीर जल्दी गर्म होता है, रक्त संचार बेहतर रहता है और मसल्स भी सही तरीके से काम करती हैं। साथ ही वे यह भी कहते हैं कि सर्दियों में ओवरट्रेनिंग से बचना चाहिए।
- डाइट का भी मौसम से होता है जुड़ाव
एथलेटिक्स में डाइट की भूमिका उतनी ही अहम है जितनी ट्रेनिंग की। सर्दियों में खिलाड़ियों को गुनगुने पानी का सेवन करना चाहिए। अंडा, मौसमी फल और सूखे मेवे ज्यादा मात्रा में लेने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहती है।
यह हैं खिलाड़ियों के विचार-
मैं सर्दियों में ट्रेनिंग से पहले कम से कम 25-30 मिनट वार्म-अप जरूर करती हूं। ठंड में सीधे स्पीड रन से मसल्स में खिंचाव आ जाता था। अब धूप में अभ्यास और सही स्ट्रेचिंग से मेरी स्पीड और टाइमिंग दोनों बेहतर हुई हैं। - अनुष्का, खिलाड़ी
सर्दियों में मेरी ट्रेनिंग प्लानिंग बदल जाती है। मैं प्रतिदिन दौड़ लगाती हूं और पानी व डाइट पर खास ध्यान देती हूं। मौसम के हिसाब से खुद को ढालना भी एथलेटिक्स के खिलाड़ी को सफलता हासिल करने में सहायक होता है। - इरम, खिलाड़ी