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बरेली: कलाकारों ने भारतीय संगीत और कला का जलवा बिखेरा
Fri, 10 Feb 2023 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 10 Feb 2023 01:35 AM IST
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बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा के दूसरे स्थापना दिवस पर बुधवार को कथक प्रख्यात नृत्यांगना कमलिनी समेत अन्य कलाकारों ने भारतीय संगीत और कला का जलवा बिखेरा। नृत्य प्रस्तुत कर कलाकारों ने वाहवाही लूटी। संस्थापक देवमूर्ति ने स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व मंत्री समाजसेवी श्रीराम मूर्ति को याद किया। उन्होंने कहा कि उनकी 113वीं जयंती है, संगीत के प्रति बाबूजी के लगाव से प्रेरित होकर दो वर्ष पहले उनकी याद में नृत्य, संगीत, कला, अभिनय को समर्पित इस संस्थान की स्थापना की गई। खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से मान्यता हासिल करने वाला यह संस्थान भारतीय संगीत और कला को संरक्षित करने में अपना अप्रतिम योगदान दे रहा है।
मुख्य अतिथि कथक नृत्यांगना कमलिनी ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में वो अपनी परफॉर्मेंस दे रहीं हों, लेकिन उसमें बरेली जितना आनंद नहीं आता। इसकी वजह बरेली अपना शहर होना है। कमलिनी के शिष्य विश्वदीप शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यमन राग पर कथक के विद्यार्थियों ने भी प्रस्तुति दी। राग जोक पर रिद्धिमा के गायन और इंस्ट्रुमेंटल गुरुओं ने प्रस्तुति दी। कथक गुरु देवाज्योति नस्कर और रियाश्री चटर्जी, भरतनाट्यम गुरु अंबाली प्रहराज ने शिष्यों के साथ प्रस्तुति दी। गायन में आयुषि मजूमदार, शिवांगी मिश्रा और स्नेह आशीष दुबे ने दादरा प्रस्तुत किया। अंत में स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम मूर्ति को समर्पित नाटक संस्कार का मंचन हुआ।
समारोह में आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, श्यामल गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुरेश सुंदरानी, डॉ. एसबी गुप्ता, डॉ. आरपी सिंह, एयर मार्शल डॉ. एमएस भटोला सहित शहर के गणमान्य उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि कथक नृत्यांगना कमलिनी ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में वो अपनी परफॉर्मेंस दे रहीं हों, लेकिन उसमें बरेली जितना आनंद नहीं आता। इसकी वजह बरेली अपना शहर होना है। कमलिनी के शिष्य विश्वदीप शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यमन राग पर कथक के विद्यार्थियों ने भी प्रस्तुति दी। राग जोक पर रिद्धिमा के गायन और इंस्ट्रुमेंटल गुरुओं ने प्रस्तुति दी। कथक गुरु देवाज्योति नस्कर और रियाश्री चटर्जी, भरतनाट्यम गुरु अंबाली प्रहराज ने शिष्यों के साथ प्रस्तुति दी। गायन में आयुषि मजूमदार, शिवांगी मिश्रा और स्नेह आशीष दुबे ने दादरा प्रस्तुत किया। अंत में स्वतंत्रता सेनानी श्रीराम मूर्ति को समर्पित नाटक संस्कार का मंचन हुआ।
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समारोह में आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, श्यामल गुप्ता, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुरेश सुंदरानी, डॉ. एसबी गुप्ता, डॉ. आरपी सिंह, एयर मार्शल डॉ. एमएस भटोला सहित शहर के गणमान्य उपस्थित रहे।
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