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मां का साथ मिले तो हर बेटी बन सकती है अपराजिता

Sat, 07 Sep 2019 02:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2019 02:13 AM IST
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मां का साथ मिले तो हर बेटी बन सकती है अपराजिता - फोटो : अमर उजाला, बरेली

अमर उजाला अपराजिता अभियान के तहत क्रिएटिव राइटिंग में छात्राओं ने बेबाकी से रखी अपनी बात

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बरेली। अमर उजाला अपराजिता ‘100 मिलिनयन स्माइल्स’ के तहत शुक्रवार को किला स्थित द्रौपदी कन्या इंटर कॉलेज में ‘हमारे गुरु हमारी प्रेरणा’ विषय पर क्रिएटिव राइटिंग का आयोजन हुआ। इसमेें छात्राओं ने प्रथम गुरु ‘मां’ को माना और उनके सहयोग से अपराजिता बनने की बात कही। कहा, एक मां ही बच्चों की प्रथम गुरु होती है। खासकर बेटियों को अनुशासन, मान सम्मान और समस्या से संघर्ष करने का जज्बा मां ही जगाती है। ऐसे में अगर मां चाहे तो हर बेटी अपराजिता बन सकती है।
‘कर्ता करे न कर सके, गुरु करे सब होय’ इन्हीं पंक्तियों से प्रतिभाग करने वाली छात्राओं ने मां के महत्व को जाहिर किया। लिखा कि बेटा हो या बेटियां उनके परवरिश में मां का अहम रोल होता है। बेटियां अगर आज के दौरान में आत्मनिर्भर हो रही हैं और परिवार और समाज के विकास में सहायक बन रही हैं तो यह मां की ही प्रेरणा और उनके दिए संस्कारों के चलते है। क्योंकि बच्चों की प्रथम गुरु मां ही होती है और उम्र के पांच वर्षों तक मां के ही सानिध्य मेें बच्चे का विकास होता है। मां बेटियों को कुशल गृहणी बनने की सीख समेत पढ़ा लिखाकर उन्हें समाज में खड़े होने के काबिल बनाती है। इन्हीं सब के बीच किशोरावस्था की तमाम समस्याओं को भी मां ही सुलझाती है।
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छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सबसे पहले बेटियां मां को ही बताती हैं। ऐसे में अगर मां चाहे तो बेटी को खामोश रहने या विरोध करने की सीख दे सकती है। अगर विरोध के बाद होने वाले संघर्ष से निपटने में मां का साथ मिले तो बेटियां भी किसी बेटे से कम नहीं रहेंगी। क्योंकि चुप्पी सिर्फ अराजक तत्वों को मौका देता है, जबकि विरोध उन्हें सबक सिखाता है, बशर्ते यह विरोध सही दिशा में हो।
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इन्हें मिला सम्मान

विषय आधारित क्रिएटिव राइटिंग में बेहतर लेखन पर 10वीं की काजल भट्ट को प्रथम, 12वीं की मिष्ठी शुक्ला द्वितीय, 11वीं की शिवांगी यादव तृतीय, 12वीं की उपासना को चौथे और 11वीं की पायल को पांचवें स्थान पर रहीं। सभी विजेताओं को अमर उजाला की ओर से प्रोत्साहन प्रमाण पत्र से नवाजा गया। वहीं, मानसी भट्ट और भावना पाल को सांत्वना प्रमाण पत्र दिया गया। यहां कॉलेज प्रधानाचार्य राम श्री ने छात्राओं को अपनी समस्याएं गुरुजनों से शेयर करने का सुझाव दिया।
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