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‘कोई परेशान करे तो खामोश तो बिल्कुल न रहें लड़कियां’

Wed, 10 Jul 2019 01:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jul 2019 01:58 AM IST
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‘कोई परेशान करे तो खामोश तो बिल्कुल न रहें लड़कियां’ - फोटो : अमर उजाला, बरेली

अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत डॉ. सुशीला गिरीश गर्ल्स इंटर कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता

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लेख में शोषण के खिलाफ मुखर रहीं छात्राएं

बरेली। अपनी सुरक्षा का जिम्मा हमें खुद उठाना होगा। कोई परेशान करे तो खामोश रहने के बजाए उसका मुंहतोड़ जवाब देना होगा। अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स‘ अभियान के तहत मंगलवार को डॉ. सुशीला गिरीश गर्ल्स इंटर कॉलेज में महिला सशक्तीकरण विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने अपने लेख में मौजूदा दौर में महिलाओं की उपलब्धि के साथ-साथ नारी सुरक्षा के सवाल को प्रमुखता से रेखांकित किया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कक्षा बारह की छात्रा हर्षिता गंगवार ने अपने निबंध में शिक्षित होने का महत्व बताने के साथ आत्मरक्षा के गुर सीखने की बात कही। उन्होंने लिखा कि महिलाएं दिन पर दिन तरक्की कर रही हैं, लेकिन अब भी वे शोषण का शिकार हो जाती हैं। इसके लिए उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए ताकि मौका पड़ने पर वह गलत नीयत रखने वालों का मुंहतोड़ जवाब दे सकें। प्रतियोगिता में द्वितीय रहीं वैशाली गंगवार ने महिला हेल्पलाइन और तकनीक की दुनिया में खुद को कैसे सुरक्षित रखें, पर फोकस किया। उन्होंने लिखा कि सोशल मीडिया के जरिये कई लड़कियां शोषण का शिकार हो जाती हैं। तृतीय स्थान पाने वाली किरन राठौर का मानना है कि दूसरों पर निर्भर रहने के बजाए लड़कियां अपनी सुरक्षा का जिम्मा खुद उठाएं। अगर कोई परेशान करे तो खामोश रहने के बजाए उसका मुंहतोड़ जवाब दें।
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इस मौके पर प्रधानाचार्य प्रीति सक्सेना ने छात्राओं को डायल 100, 181, 1090 हेल्पलाइन की जानकारी दी। साथ ही गुड टच और बैड टच के बारे में बताया। उन्हाेंने कहा कि बेटियां खुद को कभी कमजोर न समझें। नारी से ज्यादा शक्तिशाली इस धरती पर कोई नहीं, बस उसे अपनी शक्ति पहचानने की जरूरत है। प्रतियोगिता कराने में रत्नेश सक्सेना, हरीश गंगवार, शालिनी, प्रेम लता, राजीव गुप्ता, राम मनोहर सक्सेना का सहयोग रहा।
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यह रहे विजेता
प्रथम : हर्षिता वर्मा, कक्षा बारह
द्वितीय : वैशाली गंगवार, कक्षा ग्यारह
तृतीय : किरन राठौर, कक्षा दस
सांत्वना पुरस्कार : अंजलि कक्षा ग्यारह, कहकशां अंसारी कक्षा नौ
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