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बरेली से ऐसे गिरफ्तार हुआ आतंकवाद के लिए युवाओं को भड़काने वाला इनामुल, कई महीनों से एटीएस को थी तलाश
Mon, 22 Jun 2020 12:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2020 12:36 PM IST
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कश्मीर में आतंक और देशभर में जिहाद फैलाने वाले इनामुल हक को बरेली से गिरफ्तार किए जाने के बाद लगातार चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। एटीएस के सूत्र बता रहे हैं कि मई में राजपोरा में एक तहसीलदार के घर आतंकियों का ठिकाना पकड़े जाने के साथ ही गजवातुल के एक आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद से ही कई अहम राज सामने आए। इसके बाद कश्मीर के बाहर दूसरे राज्यों में भी गजवातुल के जिहादियों के खिलाफ मुहिम शुरू हुई। बरेली के इनामुल की गिरफ्तारी भी इसी मुहिम का एक कड़ी बन गई।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकियों का सफाया भी शुरू हो गया। कश्मीर में इस दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय आतंकी संगठन अंसार गजवातुल हिंद और हिजबुल मुजाहिदीन सुरक्षा बलों का खासतौर पर निशाना बने। एटीएस सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में शोपियां जिले के जैनापोरा इलाके में एक साथ गजवातुल के चार आतंकियों को मार गिराया गया।
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हफ्ते भर बाद ही गजवातुल का चीफ बुरहान कोका भी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। हालांकि सबसे बड़ी कामयाबी तब मिली जब मई में गजवातुल और हिजबुल मुजाहिदीन के कई आतंकियों की गिरफ्तारी के साथ पुलवामा जिले के राजपोरा में एक तहसीलदार के घर आतंकियों का ठिकाना भी पकड़ा गया।
एटीएस सूत्र बताते हैं कि छानबीन में पता चला कि तमाम आतंकी इसी ठिकाने पर रुकते थे और अपने हथियार भी यहीं छिपाते थे। पकड़े गए आतंकी अपने संगठन में सूचनाएं इधर से उधर करने का काम करने के साथ आतंकियों का इस ठिकाने पर रुकने का इंतजाम करते थे। लिहाजा उनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए।
इसी के बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी इस आतंकी नेटवर्क का पता चला। बरेली के इनामुल की गिरफ्तारी का वाकया भी इसी से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस आतंकी संगठन के लिए बतौर स्लीपिंग मॉड्यूल काम कर रहे तमाम और जिहादियों को चिह्नित किया गया है जिनकी लगातार तलाश भी की जा रही है।
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इसके बाद से ही कई अहम राज सामने आए। इसके बाद कश्मीर के बाहर दूसरे राज्यों में भी गजवातुल के जिहादियों के खिलाफ मुहिम शुरू हुई। बरेली के इनामुल की गिरफ्तारी भी इसी मुहिम का एक कड़ी बन गई।
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकियों का सफाया भी शुरू हो गया। कश्मीर में इस दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय आतंकी संगठन अंसार गजवातुल हिंद और हिजबुल मुजाहिदीन सुरक्षा बलों का खासतौर पर निशाना बने। एटीएस सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में शोपियां जिले के जैनापोरा इलाके में एक साथ गजवातुल के चार आतंकियों को मार गिराया गया।
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हफ्ते भर बाद ही गजवातुल का चीफ बुरहान कोका भी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। हालांकि सबसे बड़ी कामयाबी तब मिली जब मई में गजवातुल और हिजबुल मुजाहिदीन के कई आतंकियों की गिरफ्तारी के साथ पुलवामा जिले के राजपोरा में एक तहसीलदार के घर आतंकियों का ठिकाना भी पकड़ा गया।
एटीएस सूत्र बताते हैं कि छानबीन में पता चला कि तमाम आतंकी इसी ठिकाने पर रुकते थे और अपने हथियार भी यहीं छिपाते थे। पकड़े गए आतंकी अपने संगठन में सूचनाएं इधर से उधर करने का काम करने के साथ आतंकियों का इस ठिकाने पर रुकने का इंतजाम करते थे। लिहाजा उनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ कई अहम दस्तावेज भी बरामद हुए।
इसी के बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी इस आतंकी नेटवर्क का पता चला। बरेली के इनामुल की गिरफ्तारी का वाकया भी इसी से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस आतंकी संगठन के लिए बतौर स्लीपिंग मॉड्यूल काम कर रहे तमाम और जिहादियों को चिह्नित किया गया है जिनकी लगातार तलाश भी की जा रही है।