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योगी के सामने तमाम योजनाओं पर होगी अफसरों की अग्निपरीक्षा
बरेली।
Updated Fri, 19 May 2017 12:48 AM IST
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योगी के सामने तमाम योजनाओं पर होगी अफसरों की अग्निपरीक्षा
- फोटो : योगी के सामने तमाम योजनाओं पर होगी अफसरों की अग्निपरीक्षा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से पहले सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। बरेली मंडल की समीक्षा बैठक का कार्यक्रम आते ही मीटिंगों का दौर शुरू हो गया है। कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने आईजी, डीएम, एसएसपी, सीडीओ के साथ बैठकर सुरक्षा और विकास कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने सुबह छह बजे जिले के 45 विभागों के अफसरों की अचानक मीटिंग बुलाकर प्राइमरी जूनियर स्कूल के अलावा पीएचसी सीएचसी केंद्रों की चेकिंग कराकर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने की कोशिश की। कानून व्यवस्था, जिला अस्पताल, बिजली, पीने के पानी, गड्ढामुक्त सड़क, स्वच्छ भारत मिशन, शौचालय निर्माण की स्थिति, ट्रांसपोर्ट नगर, पीएम आवास योजना की प्रगति पर सीएम की खास नजर रहेगी। इन योजनाओं में अगर मौके पर प्रगति नहीं मिली तो संबंधित अफसर फंस सकते हैं।
गड्ढामुक्त सड़क :
ये काम मुख्यमंत्री के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी ने 1128 किलोमीटर सड़कें गड्ढायुक्त चिह्नित की हैं। इनमें 888 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। बाकी सड़कें आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग, मंडी समिति, गन्ना परिषद की हैं। पीडब्ल्यूडी को छोड़कर बाकी किसी विभाग ने अभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर काम शुरू नहीं किया है। जिला पंचायत और आरईएस ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की। इन विभागों के अफसरों को जवाब देना भारी पड़ सकता है।
कानून व्यवस्था :
बरेली में बीते दो महीनों में रेप, छेड़छाड़, हत्या, चोरी, डकैती की घटनाएं बढ़ी हैं। सीएम आपराधिक गतिविधियों पर जीरो टारलेंस की नीति लागू करना चाहते हैं। अपराध समीक्षा में कागजी आंकड़ों के अलावा मुख्यमंत्री कोतवाली, कैंट या बारादरी थाना मौके पर जाकर चेक कर सकते हैं। अगर थाने में व्यवस्था, लंबित जांचों की संख्या ज्यादा मिली तो संबंधित पुलिस अफसरों पर शामत आ सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग :
सबसे ज्यादा खराब हालत स्वास्थ्य विभाग की है। जिला अस्पताल में सीएमएस डा. केएस गुप्ता समेत अधिकांश व्यवस्था समेत ज्यादातर डॉक्टरों का मरीजों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक के निरीक्षण में भी ये बात सामने आई थी। अस्पताल में दवाओं के डायलिसस के इंतजाम नहीं हैं। डॉक्टरों की भी कमी है। साफ सफाई को लेकर भी उठे सवालों का जवाब देना पड़ेगा। सीएचसी, पीएचसी केंद्रों की अव्यवस्थाओं पर सीएमओ डा. विजय यादव से सवाल जवाब हो सकते हैं।
बिजली :
सीएम ने शहरी में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लोकल ट्रिपिंग, कटौती के चलते गड़बड़ाई हुई है। आए दिन ट्रांसफार्मर खराबी तो कही ओवरलोडिंग का बहाना बनाकर पावर कारपोरेशन के इंजीनियर अपना बचाव कर लेते हैं। समीक्षा में बिजली इंजीनियरों को जवाब देना भारी पड़ सकता है।
पेयजल :
शहरी क्षेत्र में नगर निगम की पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। पंप खराब होने और पाइप लाइन फटने से मढ़ीनाथ समेत एक दर्जन कालोनियों में पेयजल सप्लाई ठप हो गई थी। यहां जनरेटर से सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल निगम की पेयजल परियोजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हैं। अधिकांश परियोजनाओं से पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही।
पीएम आवास :
प्रधानमंत्री आवास योजना में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं लेकिन अब तक किसी को आवास नहीं मिले। डीआरडीए के एई जेई ने अब तक आवेदकों का कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया है। पीएम आवास योजना में प्रगति शून्य है। लोहिया आवास और इंदिरा आवास योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति भी केवल फाइलों में है। अधिकांश समूह काम नहीं कर रहे हैं।
सिंचाई :
बरेली की 140 नहरों में बहेड़ी की नहरें सूखी हैं। नवाबगंज और फरीदपुर की नहरों में जरूरत से बहुत कम पानी आ रहा है। इससे गन्ना के अलावा जायद की फसलें भी सूख रही हैं। नहरों की सफाई भी अधर में फंसी हुई है। सिंचाई विभाग ने 20 करोड़ से नहरों की सफाई कराने के प्रस्ताव भेजे थे। नहरों की सफाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें रही हैं।
कमिश्नर बोले- सीएम दौरे में न हो कोई चूक
बरेली। कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री का 21 मई को बरेली आ रहे हैं। इसके दृष्टिगत शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। बरेली मंडल की समीक्षा बैठक के साथ मुख्यमंत्री किसी भी अस्पताल, गेहूं खरीद केंद्र, मलिन बस्ती, निर्माणाधीन बडे़ प्रोजेक्ट स्थल, नगर क्षेत्र, थाना, कस्तूरबा बालिका विद्यालय में जा सकते हैं। इसलिए ऐसे संभावति इलाकों के रुटों व एरिया आदि को कानून व्यवस्था की दृष्टि से चुस्त दुरुस्त रखने की रणनीति अभी से बना लें। कमिश्नर ने नगर आयुक्त को शहर की बेहतर तरीके से साफ-सफाई कराने को कहा। मुख्यमंत्री का मिनट टू मिनट कार्यक्रम प्राप्त होते ही व्यवस्थाएं उसी हिसाब से करनी हैं। विभिन्न स्थलों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की रुपरेखा बनायी गई। बैठक में आईजी एसके भगत, डीएम डा. पिंकी जोवल, एसएसपी जोगेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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गड्ढामुक्त सड़क :
ये काम मुख्यमंत्री के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी ने 1128 किलोमीटर सड़कें गड्ढायुक्त चिह्नित की हैं। इनमें 888 किलोमीटर सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। बाकी सड़कें आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग, मंडी समिति, गन्ना परिषद की हैं। पीडब्ल्यूडी को छोड़कर बाकी किसी विभाग ने अभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने पर काम शुरू नहीं किया है। जिला पंचायत और आरईएस ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की। इन विभागों के अफसरों को जवाब देना भारी पड़ सकता है।
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कानून व्यवस्था :
बरेली में बीते दो महीनों में रेप, छेड़छाड़, हत्या, चोरी, डकैती की घटनाएं बढ़ी हैं। सीएम आपराधिक गतिविधियों पर जीरो टारलेंस की नीति लागू करना चाहते हैं। अपराध समीक्षा में कागजी आंकड़ों के अलावा मुख्यमंत्री कोतवाली, कैंट या बारादरी थाना मौके पर जाकर चेक कर सकते हैं। अगर थाने में व्यवस्था, लंबित जांचों की संख्या ज्यादा मिली तो संबंधित पुलिस अफसरों पर शामत आ सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग :
सबसे ज्यादा खराब हालत स्वास्थ्य विभाग की है। जिला अस्पताल में सीएमएस डा. केएस गुप्ता समेत अधिकांश व्यवस्था समेत ज्यादातर डॉक्टरों का मरीजों के प्रति व्यवहार ठीक नहीं है। प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक के निरीक्षण में भी ये बात सामने आई थी। अस्पताल में दवाओं के डायलिसस के इंतजाम नहीं हैं। डॉक्टरों की भी कमी है। साफ सफाई को लेकर भी उठे सवालों का जवाब देना पड़ेगा। सीएचसी, पीएचसी केंद्रों की अव्यवस्थाओं पर सीएमओ डा. विजय यादव से सवाल जवाब हो सकते हैं।
बिजली :
सीएम ने शहरी में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था लोकल ट्रिपिंग, कटौती के चलते गड़बड़ाई हुई है। आए दिन ट्रांसफार्मर खराबी तो कही ओवरलोडिंग का बहाना बनाकर पावर कारपोरेशन के इंजीनियर अपना बचाव कर लेते हैं। समीक्षा में बिजली इंजीनियरों को जवाब देना भारी पड़ सकता है।
पेयजल :
शहरी क्षेत्र में नगर निगम की पेयजल व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। पंप खराब होने और पाइप लाइन फटने से मढ़ीनाथ समेत एक दर्जन कालोनियों में पेयजल सप्लाई ठप हो गई थी। यहां जनरेटर से सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जल निगम की पेयजल परियोजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हैं। अधिकांश परियोजनाओं से पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही।
पीएम आवास :
प्रधानमंत्री आवास योजना में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं लेकिन अब तक किसी को आवास नहीं मिले। डीआरडीए के एई जेई ने अब तक आवेदकों का कोई भौतिक सत्यापन नहीं किया है। पीएम आवास योजना में प्रगति शून्य है। लोहिया आवास और इंदिरा आवास योजनाएं भ्रष्टाचार की शिकार हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति भी केवल फाइलों में है। अधिकांश समूह काम नहीं कर रहे हैं।
सिंचाई :
बरेली की 140 नहरों में बहेड़ी की नहरें सूखी हैं। नवाबगंज और फरीदपुर की नहरों में जरूरत से बहुत कम पानी आ रहा है। इससे गन्ना के अलावा जायद की फसलें भी सूख रही हैं। नहरों की सफाई भी अधर में फंसी हुई है। सिंचाई विभाग ने 20 करोड़ से नहरों की सफाई कराने के प्रस्ताव भेजे थे। नहरों की सफाई में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें रही हैं।
कमिश्नर बोले- सीएम दौरे में न हो कोई चूक
बरेली। कमिश्नर पीवी जगनमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री का 21 मई को बरेली आ रहे हैं। इसके दृष्टिगत शांति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। बरेली मंडल की समीक्षा बैठक के साथ मुख्यमंत्री किसी भी अस्पताल, गेहूं खरीद केंद्र, मलिन बस्ती, निर्माणाधीन बडे़ प्रोजेक्ट स्थल, नगर क्षेत्र, थाना, कस्तूरबा बालिका विद्यालय में जा सकते हैं। इसलिए ऐसे संभावति इलाकों के रुटों व एरिया आदि को कानून व्यवस्था की दृष्टि से चुस्त दुरुस्त रखने की रणनीति अभी से बना लें। कमिश्नर ने नगर आयुक्त को शहर की बेहतर तरीके से साफ-सफाई कराने को कहा। मुख्यमंत्री का मिनट टू मिनट कार्यक्रम प्राप्त होते ही व्यवस्थाएं उसी हिसाब से करनी हैं। विभिन्न स्थलों पर मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों की तैनाती की रुपरेखा बनायी गई। बैठक में आईजी एसके भगत, डीएम डा. पिंकी जोवल, एसएसपी जोगेंद्र कुमार मौजूद रहे।