Bareilly Accident: हादसे के बाद जागे जिम्मेदार, 25 वाहनों का चालान, सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सीज
बरेली के भोजीपुरा क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर एंबुलेंस और नर्सिंग कॉलेज की बस समेत एक के बाद एक सात वाहन टकरा गए थे। इस हादसे के बाद परिवहन विभाग ने जिले में कई स्थानों पर अभियान चलाया। बिना रिफ्लेक्टर के दौड़ रहे वाहनों का चालान किया गया।
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बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में नैनीताल हाईवे पर बृहस्पतिवार सुबह घने कोहरे के कारण सात वाहनों की भिड़ंत में 30 लोगों के घायल होने के बाद जिम्मेदारों की नींद टूटी। परिवहन विभाग ने हादसे के बाद जिले में कई स्थानों पर अभियान चलाकर रिफ्लेक्टर लगे बिना 25 वाहनों का चालान किया और ओवरलोडिंग में सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज कर दिया। 30 नवंबर तक यातायात माह चलेगा। यातायात माह के दौरान भी लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। डग्गामारी भी बंद नहीं हो रही।
कई मार्गों पर अनधिकृत वाहन भी दौड़ रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह कोहरे का असर ज्यादा था। इस बीच नैनीताल हाईवे पर एंबुलेंस और नर्सिंग कॉलेज की बस समेत एक के बाद एक सात वाहन टकरा गए। डीएम रविंद्र कुमार ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की फटकार लगाई। इसके बाद 190 वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाने के साथ बिना रिफ्लेक्टर लगे वाहनों का चालान किया गया। जिन सात ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज किया गया है उनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सभी ओवरलोड दौड़ रहे थे।
डिवाइडरों और पुलों पर नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
कोहरे ने दस्तक दे दी है, लेकिन अधिकारी सतर्क नहीं हुए हैं। डिवाइडरों पर और उनके बीच के कट पर साइन बोर्ड और रिफ्लेक्टर टेप तक नहीं लगे हैं। श्यामगंज से किला रोड, सेटेलाइट, स्टेडियम रोड, एसएसपी ऑफिस की सड़क, रोडवेज, कुतुबखाना, बड़ा बाजार जैसे इलाकों में सड़कों के किनारे बनी सफेद पट्टी भी घिसकर गायब हो चुकी है। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। कई जगह पुलिस के डायवर्जन प्लान भी हादसों का सबब बन सकते हैं।
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ट्रैफिक पुलिस ने गांधी उद्यान के सामने बैरिकेडिंग की है। इसकी वजह से कार व अन्य वाहन अर्बन हाट के गेट के सामने से मुड़कर बियावानी कोठी के रास्ते पर निकलते हैं। डिवाइडरों पर रिफ्लेक्टर टेप भी नहीं लगे हैं। उनकी ऊंचाई भी कम है। ऐसे में कई बार कैंट, श्यामगंज और डायवर्ट होकर आ रहे वाहन आमने-सामने आ जाते हैं। कोहरे के सीजन में इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हादसा हो सकता है।
श्यामगंज पुल के दोनों छोर खतरनाक
श्यामगंज पुल के दोनों छोर पर स्थिति खतरनाक है। शुरुआत में ही गहरे गड्ढों के साथ कम ऊंचाई वाले टूटे हुए डिवाइडर हैं। यहां भी कोई रिफ्लेक्टर टेप या साइन बोर्ड नहीं हैं। रात नौ बजे के बाद वनवे खत्म होने पर इस रूट से भारी वाहन भी गुजरते हैं। पुल के ऊपर की सड़क भी खस्ताहाल हो गई है। रिफलेक्टर आदि गायब हो गए हैं। सेटेलाइट और नकटिया पुल की हालत भी ऐसी ही है।
नगर आयुक्त संजीय कुमार मौर्य ने बताया कि जहां भी रिफ्लेक्टर टेप नहीं लगे हैं, उन्हें लगवाया जाएगा। साइन बोर्ड आदि की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर सफेद पट्टी भी बनवाई जाएगी।