फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Admission to nursery schools Ongoing open-ended

स्कूलों में नर्सरी के एडमिशन  के लिए चल रही मनमर्जी

Mon, 23 Jan 2017 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली Updated Mon, 23 Jan 2017 12:33 AM IST
विज्ञापन
Admission to nursery schools Ongoing open-ended
Admission to nursery schools Ongoing open-ended - फोटो : बरेली, अमर उजाला
नर्सरी के एडमिशन कांवेंट स्कूलों में शुरू हो गए हैं और इसी के साथ शुरू हो गई है मनमानी। छोटे बच्चाें के एडमिशन के लिए धड़ाधड़ टेस्ट हो रहे हैं और अभिभावकाें के इंटरव्यू भी लिए जा रहे हैं। यह सीधे तौर पर आरटीई का उल्लंघन है। इसको लेकर शिकायतें भी बेसिक शिक्षा विभाग के दफ्तर में पहुंचने लगी हैं। विभाग स्कूलाें से जवाब मांगने की तैयारी में है।
विज्ञापन

स्टेडियम रोड स्थित एक कांवेंट स्कूल में राजेंद्रनगर के अभिभावक ने अपने बेटे का एडमिशन नर्सरी में कराना चाहा तो आवेदन कर दिया। जब एडमिशन की बारी आई तो अभिभावकाें से पूछताछ हुई और बच्चे को भी अलग कमरे में ले जाकर उससे बातचीत की गई। इस दौरान उससे कुछ पढ़ाया भी गया। हालांकि बच्चा पहले से ही एक प्ले स्कूल में पढ़ता है इसलिए अभिभावकाें को इससे फर्क नहीं पड़ा, लेकिन जब सूची निकली तो उसमें बच्चे का नाम नहीं था। इसी तरह सिविल लाइंस स्थित एक स्कूल में दो बेटियाें के एडमिशन के लिए भी नर्सरी में टेस्ट लिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय महानगर में ऐसी शिकायताें से अधिकारी भी हैरान हैं। वे स्कूलों से जवाब मांगने की तैयारी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


ऐसे तो बच्चाें का एडमिशन नहीं हो पाएगा 
हालांकि अधिकतर कांवेंट स्कूलाें में एडमिशन के लिए जो अभिभावक आते हैं वे पढ़े लिखे होते हैं और अपने बच्चाें को प्ले स्कूल में दाखिला करा देते हैं। प्ले स्कूल में पढ़े बच्चे टेस्ट में कुछ जवाब दे देेते हैं, लेकिन अगर अभिभावक सीधे नर्सरी में एडमिशन चाहे तो बिना पढ़े बच्चाें का एडमिशन हो ही नहीं सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहता है नियम 
पैरेंट्स फोरम के संयोजक मोहम्मद खालिद जीलानी कहते हैं कि आरटीई में बच्चाें का टेस्ट, अभिभावकाें का इंटरव्यू और स्क्र ीनिंग करने पर रोक लगाई गई है। एडमिशन रेंडम चयन विधि से या फिर ऑनलाइन किया जाए। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को गाइड लाइन जारी करके कहा है कि एडमिशन में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। उन्होंने इंटरव्यू और टेस्ट को आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 13 (2) के क्लॉब बी के तहत उल्लंघन माना है, जिसके तहत 25 से 50 हजार रुपये का जुर्माना है। 


अगर बच्चाें के एडमिशन में टेस्ट और इंटरव्यू लिया जा रहा है तो यह गलत है। आरटीई उल्लंघन के तहत स्कूलाें पर कार्रवाई हो सकती है। कई अभिभावकाें की शिकायतें आई हैं, लेकिन इनमें नाम नहीं है। स्कूलाें से जवाब मांगा जाएगा। 
- नरेंद्र सिंह पवार, प्रभारी बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed