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एडमिशन फॉर्म में देना होगा आधार नंबर और ई-मेल
बरेली।
Updated Sat, 03 Jun 2017 01:07 AM IST
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adhar number and e mail aderss will be asked in filling of admission form
- फोटो : adhar number and e mail aderss will be asked in filling of admission form
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय की एडमिशन की केंद्रीकृत व्यवस्था में छात्रों को भी तकनीकी रूप से तैयार रहना होगा। पंजीकरण फार्म पर आधार नंबर देना होगा और साथ ही छात्र को अपना ईमेल भी देना होगा। आधार नंबर से छात्रों का डाटा विवि के पास सेंट्रल डाटा के तौर पर रहेगा। ई- मेल होने से छात्रों को तमाम जानकारी ई-मेल के माध्यम से दी जा सकेगी। छात्रों को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के लिए यह एक पहल भी है। पंजीकरण व्यवस्था दस जून से शुरू हो सकती है। इसके लिए फीस निर्धारित करने पर माथापच्ची चल रही है। विवि प्रशासन पंजीकरण शुल्क सौ रुपये निर्धारित करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, कुल सचिव साहब लाल मौर्या का कहना है कि यह निर्धारित नहीं है, लेकिन शुल्क नाममात्र ही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यूपी बोर्ड का परिणाम नौ जून को जारी हो जाता है तो दस जून से आवेदन प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
सेक्शन के साथ अनुमोदित शिक्षक जरूरी
नई व्यवस्था से कई कॉलेजों को करारा झटका लगता है। विवि द्वारा दिए गए सेक्शन के मुताबिक शिक्षक भी हैं और सुविधाएं भी हैं, अगर शिक्षक विवि से अनुमोदित नहीं हैं तो उनको छात्रों का आवंटन नहीं होगा। उनकी सीटें खाली रह सकती हैं। कुल सचिव साहब लाल मौर्या कह दिया है कि अगर अनुमोदित शिक्षक नहीं है तो वह तुरंत अनुमोदन करा लें। इसके लिए शिक्षक का आधार लिंक कराना होगा ताकि वह दूसरे कॉलेज से अनुमोदित न हो सके।
छात्रों की जेब पर बढ़ सकता है बोझ
विवि आवेदन फीस 100 से 150 रुपये के बीच निर्धारित करता है तब भी छात्रों की जेब पर भार बढ़ेगा। कॉलेज भी अपनी एडमिशन फीस वसूलेगा। एक कॉलेज संचालक के अनुसार वह हर साल 500 रुपये का प्रास्पेक्टस देता है उसी में एडमिशन फार्म भी होता है। कुछ तो सिर्फ एडमिशन फार्म देते हैं और छात्रों से 300 से 500 रुपये लेते हैं। बरेली कॉलेज ही आवेदन के 100 और एडमिशन फार्म की फीस लेता है। अब छात्र विवि की वेबसाइट पर आवेदन करेगा और कॉलेज में भी फीस चुकाएगा। यानी डबल फीस अब भी चुकानी होगी।
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सेक्शन के साथ अनुमोदित शिक्षक जरूरी
नई व्यवस्था से कई कॉलेजों को करारा झटका लगता है। विवि द्वारा दिए गए सेक्शन के मुताबिक शिक्षक भी हैं और सुविधाएं भी हैं, अगर शिक्षक विवि से अनुमोदित नहीं हैं तो उनको छात्रों का आवंटन नहीं होगा। उनकी सीटें खाली रह सकती हैं। कुल सचिव साहब लाल मौर्या कह दिया है कि अगर अनुमोदित शिक्षक नहीं है तो वह तुरंत अनुमोदन करा लें। इसके लिए शिक्षक का आधार लिंक कराना होगा ताकि वह दूसरे कॉलेज से अनुमोदित न हो सके।
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छात्रों की जेब पर बढ़ सकता है बोझ
विवि आवेदन फीस 100 से 150 रुपये के बीच निर्धारित करता है तब भी छात्रों की जेब पर भार बढ़ेगा। कॉलेज भी अपनी एडमिशन फीस वसूलेगा। एक कॉलेज संचालक के अनुसार वह हर साल 500 रुपये का प्रास्पेक्टस देता है उसी में एडमिशन फार्म भी होता है। कुछ तो सिर्फ एडमिशन फार्म देते हैं और छात्रों से 300 से 500 रुपये लेते हैं। बरेली कॉलेज ही आवेदन के 100 और एडमिशन फार्म की फीस लेता है। अब छात्र विवि की वेबसाइट पर आवेदन करेगा और कॉलेज में भी फीस चुकाएगा। यानी डबल फीस अब भी चुकानी होगी।
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