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लेखपालों की लापरवाही से कमिश्नर नाराज
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:55 AM IST
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बरेली। समाधान दिवस पर लेखपाल उपस्थित तो होते हैं लेकिन वे एक या दो शिकायतों के निस्तारण को ही जाते हैं, जबकि प्रत्येक गांव से बड़ी तादाद में शिकायतें पहुंचती हैं। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंडल के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है।
कमिश्नर की तरफ से यह आदेश जारी किए गए हैं कि समाधान दिवस के दिन केवल उसी दिन से संबंधित प्रकरणों को ही न लिया जाए, बल्कि तहसील दिवस के लंबित मामलों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए, इसमें पुलिस बल की जरूरत हो। प्रत्येक समाधान दिवस में जितने लेखपाल उपस्थित हों, कम से कम उतने प्रकरणों का निस्तारण तो हो ही जाना चाहिए। पत्र में कमिश्नर ने चकबंदी लेखपालों को भी अपने गांवों के प्रकरण भी समाधान दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं, जिसमें ग्राम समाज की भूमि पर अनधिकृत कब्जे के मामले भी शामिल हों।
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कमिश्नर की तरफ से यह आदेश जारी किए गए हैं कि समाधान दिवस के दिन केवल उसी दिन से संबंधित प्रकरणों को ही न लिया जाए, बल्कि तहसील दिवस के लंबित मामलों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए, इसमें पुलिस बल की जरूरत हो। प्रत्येक समाधान दिवस में जितने लेखपाल उपस्थित हों, कम से कम उतने प्रकरणों का निस्तारण तो हो ही जाना चाहिए। पत्र में कमिश्नर ने चकबंदी लेखपालों को भी अपने गांवों के प्रकरण भी समाधान दिवस में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाएं, जिसमें ग्राम समाज की भूमि पर अनधिकृत कब्जे के मामले भी शामिल हों।
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