{"_id":"5ccca42cbdec2207626c35bf","slug":"51556915244-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज है शनिश्चरी अमावस्या, आयुष्मान योग में पूजन का कई गुना मिलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज है शनिश्चरी अमावस्या, आयुष्मान योग में पूजन का कई गुना मिलेगा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। इस वर्ष वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की दूसरी शनिश्चरी अमावस्या विशेष है, क्योंकि इस दिन आश्विनी नक्षत्र अपराह्न 03:47 बजे तक रहेगा। इसमें आयुष्मान योग पूरे दिन रात रहेगा। शनिश्चरी अमावस्या चार मई को पड़ रही है। इस दिन आयुष्मान योग में पूजा पाठ का कई गुना फल मिलता है। वृश्चिक, धनु एवं मकर राशि साढ़े साती के प्रभाव में रहेंगे, वहीं वृष, कन्या राशि के जातकों पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा के अनुसार वर्ष 2019 के अन्त तक शनिदेव गुरु देव की राशि धनु में भ्रमण करते रहेंगे। यह शनिवार, पौष माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को पूर्व में उदित होकर गतिशील रहेगा। शुक्रवार 03 अप्रैल 2019 मंगलवार को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की वरूथिनी एकादशी से शनि वक्त्रस्ी होकर 18 सितंबर 2019 बुद्धवार से आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मार्गी होकर गतिशील रहेंगे। इसके बाद 26 दिसंबर 2019 पौष कृष्ण पक्ष की अमावस्या खंडग्रास सूर्य ग्रहण के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर 28 दिसंबर पौष शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पश्चिम में अस्त होंगे।
इसलिए विशेष है शनिश्चरी अमावस्या
इस वर्ष 04 मई वैशाख माह के शनिवार के दिन आश्विनी नक्षत्र एवं आयुष्मान योग होने के कारण सोम योग का बनना अतिशुभ रहेगा। पौराणिक मान्यताओें के अनुसार शनिदेव का जन्म शनिवार को अमावस्या तिथि में हुआ था। इसलिए भी शनिवारी अमावस्या का विशेष महत्व है। अमावस्या तिथि कार्य सिद्ध करने वाली मानी जाती है।
विज्ञापन
इस बार इस अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस वर्ष के राजा भी शनि हैं। गोचर ग्रहों के अनुसार इस दिन धनु राशि में शनि के साथ केतु का विशेष योग बन रहा है।
धनु राशि में शनि के भ्रमण का राशियों पर प्रभाव
मेष: नौवां शनि पुरानी कष्टकारी स्थितियों को दूर करेगा। आध्यात्मिक प्रवृत्ति बनेगी।
वृष: आठवां शनि कष्टकारी रहेगा। विघ्न बाधा बनी रहेगी। देरी से सफलता मिलेगी।
मिथुन: लेन-देन में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें, दूसरों से मधुर संबंध बनेंगे।
कर्क: मनोरंजन एवं सृजनात्मक और प्रेम के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं।
सिंह: शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। जमीन जायदाद संबंधी विवाद से बचें।
कन्या: शनि की ढैय्या के प्रभाव में आएंगे। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी।
तुला: जमीन जायदाद के मामलों और आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत बनने के योग हैं।
वृश्चिक: शनि की साढ़े साती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ इच्छा शक्ति से सफलता मिलेगी।
धनु: शनि की मध्य साढ़े साती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ता से काम लेकर सफलता के योग हैं।
मकर: साढ़े साती का प्रथम चरण शुरू होगा। बिगड़े संबंध बनाने व बढ़ाने पर ध्यान दें।
कुंभ: व्यवसाय में बदलाव होने की संभावना रहेगी। कार्यों में अच्छी शुरूआत होगी।
मीन: उन्नति के योग बनेंगे, यात्रा से लाभ होगा। विदेश से संबंध बनने के योग हैं।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य पंडित नीरज शर्मा के अनुसार वर्ष 2019 के अन्त तक शनिदेव गुरु देव की राशि धनु में भ्रमण करते रहेंगे। यह शनिवार, पौष माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को पूर्व में उदित होकर गतिशील रहेगा। शुक्रवार 03 अप्रैल 2019 मंगलवार को वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की वरूथिनी एकादशी से शनि वक्त्रस्ी होकर 18 सितंबर 2019 बुद्धवार से आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मार्गी होकर गतिशील रहेंगे। इसके बाद 26 दिसंबर 2019 पौष कृष्ण पक्ष की अमावस्या खंडग्रास सूर्य ग्रहण के दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश कर 28 दिसंबर पौष शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पश्चिम में अस्त होंगे।
विज्ञापन
इसलिए विशेष है शनिश्चरी अमावस्या
इस वर्ष 04 मई वैशाख माह के शनिवार के दिन आश्विनी नक्षत्र एवं आयुष्मान योग होने के कारण सोम योग का बनना अतिशुभ रहेगा। पौराणिक मान्यताओें के अनुसार शनिदेव का जन्म शनिवार को अमावस्या तिथि में हुआ था। इसलिए भी शनिवारी अमावस्या का विशेष महत्व है। अमावस्या तिथि कार्य सिद्ध करने वाली मानी जाती है।
विज्ञापन
इस बार इस अमावस्या का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस वर्ष के राजा भी शनि हैं। गोचर ग्रहों के अनुसार इस दिन धनु राशि में शनि के साथ केतु का विशेष योग बन रहा है।
धनु राशि में शनि के भ्रमण का राशियों पर प्रभाव
मेष: नौवां शनि पुरानी कष्टकारी स्थितियों को दूर करेगा। आध्यात्मिक प्रवृत्ति बनेगी।
वृष: आठवां शनि कष्टकारी रहेगा। विघ्न बाधा बनी रहेगी। देरी से सफलता मिलेगी।
मिथुन: लेन-देन में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें, दूसरों से मधुर संबंध बनेंगे।
कर्क: मनोरंजन एवं सृजनात्मक और प्रेम के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं।
सिंह: शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलेगी। जमीन जायदाद संबंधी विवाद से बचें।
कन्या: शनि की ढैय्या के प्रभाव में आएंगे। पारिवारिक सुख प्राप्त होगा। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी।
तुला: जमीन जायदाद के मामलों और आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत बनने के योग हैं।
वृश्चिक: शनि की साढ़े साती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ इच्छा शक्ति से सफलता मिलेगी।
धनु: शनि की मध्य साढ़े साती के प्रभाव में रहेंगे। दृढ़ता से काम लेकर सफलता के योग हैं।
मकर: साढ़े साती का प्रथम चरण शुरू होगा। बिगड़े संबंध बनाने व बढ़ाने पर ध्यान दें।
कुंभ: व्यवसाय में बदलाव होने की संभावना रहेगी। कार्यों में अच्छी शुरूआत होगी।
मीन: उन्नति के योग बनेंगे, यात्रा से लाभ होगा। विदेश से संबंध बनने के योग हैं।