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नहर से किसान को किस दिन पानी मिलेगा, तय करेंगी समितियां
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:45 AM IST
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सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह
- फोटो : google
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किस किसान के खेत में नहर से सप्ताह में किस दिन कितना पानी मिलेगा, अब यह सींचपाल नहीं, समितियां तय करेंगी। इनका गठन सहकारिता की तर्ज पर चुनाव कराकर किया जाएगा। तीन तरह की समितियों में एक अध्यक्ष होगा और सात सदस्य। पहली बार समितियों के गठन के लिए दिसंबर 2018 में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव में वह किसान मतदाता वोट डालेंगे, जो अपने खेत की सिंचाई नहर से करते हैं।
प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग के नहर डिवीजन में प्रदेश के सभी 75 जिलों में सहकारिता की तर्ज पर रजबहा समिति, कोलावा समिति और अलविका समितियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक समिति में वोटर नहरों से खेतों की सिंचाई करने वाले किसान होंगे। प्रत्येक समिति में एक अध्यक्ष होगा और सात सदस्य। दिसंबर 2018 में पहला चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची बनाने के निर्देश दे दिए गए है। मतदाता सूचियां बनाई जा रही हैँ। सिंचाई मंत्री ने कहा कि किस किसान का नहर से सिंचाई का दिन सोमवार होगा, किसका मंगलवार, यह अफसर या कर्मचारी तय नहीं करेंगे, बल्कि समिति का अध्यक्ष तय करेगा। नहरों में पानी नहीं आ रहा या टेल तक नहीं पहुंच रहा, उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत भी समिति का अध्यक्ष कर सकेगा और उनको उसकी बात मानकर नहर में पानी छोड़ना पड़ेगा। अगर किसी नहर की जमीन पर अतिक्रमण है या किसी ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है तो समिति का अध्यक्ष उसे हटवाने के लिए विभाग में पैरवी कर सकेगा।
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प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सिंचाई विभाग के नहर डिवीजन में प्रदेश के सभी 75 जिलों में सहकारिता की तर्ज पर रजबहा समिति, कोलावा समिति और अलविका समितियां गठित की जाएंगी। प्रत्येक समिति में वोटर नहरों से खेतों की सिंचाई करने वाले किसान होंगे। प्रत्येक समिति में एक अध्यक्ष होगा और सात सदस्य। दिसंबर 2018 में पहला चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची बनाने के निर्देश दे दिए गए है। मतदाता सूचियां बनाई जा रही हैँ। सिंचाई मंत्री ने कहा कि किस किसान का नहर से सिंचाई का दिन सोमवार होगा, किसका मंगलवार, यह अफसर या कर्मचारी तय नहीं करेंगे, बल्कि समिति का अध्यक्ष तय करेगा। नहरों में पानी नहीं आ रहा या टेल तक नहीं पहुंच रहा, उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत भी समिति का अध्यक्ष कर सकेगा और उनको उसकी बात मानकर नहर में पानी छोड़ना पड़ेगा। अगर किसी नहर की जमीन पर अतिक्रमण है या किसी ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है तो समिति का अध्यक्ष उसे हटवाने के लिए विभाग में पैरवी कर सकेगा।
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