{"_id":"5c5ddfbdbdec224bc356f11a","slug":"21549655997-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेयर के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में मंजूर, नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेयर के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में मंजूर, नोटिस जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मेयर उमेश गौतम के खिलाफ दायर याचिका को हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इसी के साथ अब अंतिम सुनवाई शुरू हो गई है। कोर्ट ने 5 मार्च को सुनवाई की तिथि निर्धारित करने के साथ ही मेयर, नगर आयुक्त व प्रमुख सचिव नगर विकास को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में याचिका मंजूर होने के बाद याचिका दायर करने वालों में खुशी की लहर है।
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी और पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा, पूर्व पार्षद राजेश तिवारी और भाजपा के मौजूदा पार्षद विपुल लाला ने कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि शुक्रवार को याचिका को हाईकोर्ट में स्वीकार करने के लिए सुनवाई हुई। जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी बात रखी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की और मेयर, नगर आयुक्त और प्रमुख सचिव नगर विकास को नोटिस जारी कर लगाए गए आरोपों पर जवाब तलब किया है। इसी के साथ ही, पांच मार्च को होने वाली सुनवाई के लिए दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
यह है मामला
बता दें कि वादी मुनीष शर्मा, विपुल लाला और राजेश तिवारी ने इंवर्टिस यूनिवर्सिटी निर्माण में नगर निगम की करीब 9.5 बीघा जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने वर्ष 2005 में तत्कालीन फरीदपुर के एसडीएम की रिपोर्ट लगाई है, जिसमें अवैध कब्जा की पुष्टि है। रिपोर्ट के बाद इंवर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति उमेश गौतम द्वारा जमीन कब्जाने की सहमति जताते हुए जमीन के बदले रुपये देने की बात कही गई है। इन पुराने दस्तावेज के आधार पर वादी ने संविधान के नियमानुसार मेयर को नगर निगम की जमीन पर अवैध क ब्जा करने का दोषी मानते हुए बर्खास्तगी और सुनवाई के दौरान पद से हटाने की मांग की है।
विज्ञापन
‘हाईकोर्ट से जारी नोटिस अभी प्राप्त नहीं हुआ है। अगर नोटिस जारी हुआ है तो उस पर माननीय हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।’
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
‘हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद याचिका मंजूर हो गई है। पांच मार्च को होने वाली सुनवाई में सभी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया है।’
- मुनीश शर्मा, पूर्व पार्षद
विज्ञापन
पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर के करीबी और पूर्व पार्षद मुनीश शर्मा, पूर्व पार्षद राजेश तिवारी और भाजपा के मौजूदा पार्षद विपुल लाला ने कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि शुक्रवार को याचिका को हाईकोर्ट में स्वीकार करने के लिए सुनवाई हुई। जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी बात रखी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की और मेयर, नगर आयुक्त और प्रमुख सचिव नगर विकास को नोटिस जारी कर लगाए गए आरोपों पर जवाब तलब किया है। इसी के साथ ही, पांच मार्च को होने वाली सुनवाई के लिए दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
यह है मामला
बता दें कि वादी मुनीष शर्मा, विपुल लाला और राजेश तिवारी ने इंवर्टिस यूनिवर्सिटी निर्माण में नगर निगम की करीब 9.5 बीघा जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने वर्ष 2005 में तत्कालीन फरीदपुर के एसडीएम की रिपोर्ट लगाई है, जिसमें अवैध कब्जा की पुष्टि है। रिपोर्ट के बाद इंवर्टिस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति उमेश गौतम द्वारा जमीन कब्जाने की सहमति जताते हुए जमीन के बदले रुपये देने की बात कही गई है। इन पुराने दस्तावेज के आधार पर वादी ने संविधान के नियमानुसार मेयर को नगर निगम की जमीन पर अवैध क ब्जा करने का दोषी मानते हुए बर्खास्तगी और सुनवाई के दौरान पद से हटाने की मांग की है।
विज्ञापन
‘हाईकोर्ट से जारी नोटिस अभी प्राप्त नहीं हुआ है। अगर नोटिस जारी हुआ है तो उस पर माननीय हाईकोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।’
- राजेश कुमार श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
‘हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद याचिका मंजूर हो गई है। पांच मार्च को होने वाली सुनवाई में सभी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया है।’
- मुनीश शर्मा, पूर्व पार्षद