फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   हनुमान-भरत की भक्ति का मर्म समझाया

हनुमान-भरत की भक्ति का मर्म समझाया

Thu, 02 May 2019 01:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 02 May 2019 01:45 AM IST
विज्ञापन
हनुमान-भरत की भक्ति का मर्म समझाया
बरेली। त्रिवटीनाथ मंदिर कमेटी की ओर से त्रिवटीनाथ मंदिर परिसर स्थित रामालय में बुधवार को मानस कथा ज्ञान यज्ञ ‘श्रीरामचरितमानस’ कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथाव्यास पं. उमाशंकर व्यास ने बताया कि श्रीरामचरितमानस कथा श्रवण मात्र से प्राणियों में भगवान राम जैसी मर्यादा का समावेश शुरू हो जाता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा, रामचरित मानस के पठन पाठन से प्राणियों में नम्रता, भक्ति और प्रेम जागृत होता है। भक्त भरत और हनुमान की यात्रा का वर्णन करते हुए बताया कि दोनों श्री राम के भक्त रहे और उनका लक्ष्य भगवत प्राप्ति था। लेकिन दोनों में अंतर भी था। भरत समाज को लेकर आगे बढ़े, जबकि हनुमान समूह के साथ बढ़े और अकेले श्री राम के पास पहुंचे। उन्होंने लंका को मोह की नगरी बताया। कहा, लंका सिर्फ हनुमान ही पहुंच सकते थे। क्योंकि उनमें मोह, माया का आकर्षण नहीं था। कथा विश्राम से पहले आरती और प्रसाद वितरित हुआ। इस दौरान प्रताप चंद सेठ, हरिओम अग्रवाल, संजीव औतार अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed