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Bareilly News: किशोरी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद
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- वर्ष 2020 की घटना, सुभाषनगर की नाबालिग को ले गया था दातागंज का युवक
बरेली। किशोरी को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के दोषी युवक को विशेष न्यायाधीश उमाशंकर की अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
सुभाषनगर क्षेत्र की महिला ने 15 अक्तूबर 2020 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी 13 वर्ष की बेटी 13 अक्तूबर 2020 से घर से लापता है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर 17 अक्तूबर 2020 को रौंधी गांव के पास से किशोरी को ढूंढ निकाला। अदालत में किशोरी ने बताया कि बदायूं के दातागंज थानाक्षेत्र के सलेमपुर गांव का शिवशंकर उर्फ शंकरा उसे अपने गांव ले गया था। यहां उसने नशीला लड्डू खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। शंकरा ने उसे तीन दिन तक अपने घर में रखा। पुलिस का दबाव पड़ने पर उसे एक भट्ठे के पास छोड़ गया।
इधर, शंकरा की तरफ से अदालत में कहा गया कि उसके पिता के नाम से तालाब का पट्टा है, जिसमें वह मछली पालन करता है। पिता की मौत के बाद पट्टा उसके नाम आ गया। पुलिस वाले मछली ले जाते थे पर उसके पैसे नहीं देते थे। शंकरा इसका विरोध करता था, इसीलिए उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजीसी राजीव तिवारी ने अभियोजन का पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने सजा सुनाई।
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बरेली। किशोरी को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के दोषी युवक को विशेष न्यायाधीश उमाशंकर की अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है।
सुभाषनगर क्षेत्र की महिला ने 15 अक्तूबर 2020 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसकी 13 वर्ष की बेटी 13 अक्तूबर 2020 से घर से लापता है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर 17 अक्तूबर 2020 को रौंधी गांव के पास से किशोरी को ढूंढ निकाला। अदालत में किशोरी ने बताया कि बदायूं के दातागंज थानाक्षेत्र के सलेमपुर गांव का शिवशंकर उर्फ शंकरा उसे अपने गांव ले गया था। यहां उसने नशीला लड्डू खिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया। शंकरा ने उसे तीन दिन तक अपने घर में रखा। पुलिस का दबाव पड़ने पर उसे एक भट्ठे के पास छोड़ गया।
इधर, शंकरा की तरफ से अदालत में कहा गया कि उसके पिता के नाम से तालाब का पट्टा है, जिसमें वह मछली पालन करता है। पिता की मौत के बाद पट्टा उसके नाम आ गया। पुलिस वाले मछली ले जाते थे पर उसके पैसे नहीं देते थे। शंकरा इसका विरोध करता था, इसीलिए उसे झूठा फंसाया गया है। एडीजीसी राजीव तिवारी ने अभियोजन का पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने सजा सुनाई।
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