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एसपी ट्रैफिक के जवाब ने बढ़ा दी कैंट अधिकारियों की चिंता

Fri, 30 Nov 2018 02:12 AM IST
Updated Fri, 30 Nov 2018 02:12 AM IST
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एसपी ट्रैफिक के जवाब ने बढ़ा दी कैंट अधिकारियों की चिंता
बरेली। पिछले दिनों ठेकेदार के ‘अल्टीमेटम’ के बाद कैंट बोर्ड ने प्रशासन और एसपी ट्रैफिक को पत्र लिखकर लाल फाटक पर हुए डायवर्जन की अवधि पूछी थी, जिस पर एसपी ट्रैफिक ने डायवर्जन का निर्धारित समय बताने के बजाय निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पूरा होने तक डायवर्जन बरकरार रखने की बात कही। एसपी ट्रैफिक के इस जवाब ने कैंट बोर्ड के अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार कैंटोनमेंट की आय का अहम जरिया बरेली-बदायूं मार्ग पर गुजरने वाले भारी वाहनों से वसूला जाने वाला टोल टैक्स है। सालाना करीब ढाई करोड़ रुपये की आमदनी बोर्ड को इस टोल से होती थी, लेकिन पिछले करीब दो वर्षों से निर्माणाधीन ओवरब्रिज की वजह से टोल की आमदनी करीब एक करोड़ रुपये तक कम हो चुकी है। वहीं अब बची-खुची आय पर भी एसपी ट्रैफिक के जवाब से संकट मंडराता नजर आ रहा है। क्योंकि टेंडर के निरस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
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कैंट बोर्ड के एई आरके माहेश्वरी ने बताया कि एसपी ट्रैफिक के पत्र को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। जिस पर बोर्ड निर्णय लेगा। ठेके की अवधि बढ़ाने या उसे निरस्त करने का अधिकार कैंट बोर्ड का है। उन्होंने संबंधित ठेकेदार के पत्र पर शुक्रवार को स्थानीय निरीक्षण कर स्थिति के अनुसार रिपोर्ट तैयार कराए जाने की बात कही है।
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कहीं दबाव तो नहीं बना रहा प्रशासन
बता दें कि लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण में बड़ी बाधा रक्षा मंत्रालय से एनओसी न मिलना है। क्योंकि प्रशासन कैंट बोर्ड की शर्त के अनुसार लेने वाली भूमि के बदले उसी लागत की भूमि, आसपास उपलब्ध कराने में असमर्थ है। पूर्व में प्रशासन ने बभिया में जमीन दिखाई थी, लेकिन वह कैंट क्षेत्र से करीब चार किमी. दूर होने की वजह से नकार दी गई। एनओसी मिलने की एक आस धूमिल हो गई। फिर प्रशासन ने मशक्कत शुरू की है, लेकिन कैंट क्षेत्र के आसपास भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन जनहित में कैंट बोर्ड पर टोल के संचालन को ‘ठप’ कराकर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। ताकि नुकसान से बचने के लिए कैंट बोर्ड, प्रशासन की संस्तुति की भूमि को ग्रहण करे और निर्माण के बाबत एनओसी जल्द मिल सके।
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