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एक बाइक पर चार तक सवार, शहर में जमकर काटा ऊधम
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बरेली। शबे बारात की रात एक ओर जहां कब्रिस्तानों में अपने बुजुर्गों का चिरागा करने और इबादत का दौर चला वहीं बाइकर्स ने शहर में जमकर ऊधम काटा। वे शहर के मेन रास्तों को हाईस्पीड बाइक्स से मथते रहे और पुलिस ने किसी तरह की टोकाटाकी तक नहीं की। अधिकांश स्थानों पर पुलिस दिखी ही नहीं, जहां पुलिस थी वहां उसने बाइकर्स की टोलियों से पूछताछ की जहमत नहीं उठाई।
शबे बारात के बहाने बाइकर्स का स्टाइल शहर की सड़कों पर खौफ का मंजर दिखा गया। पुराना शहर इलाके में सर्वाधिक हुल्लड़ कटा तो सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन जैसे पॉश इलाके भी इससे अछूते न रहे। एक बाइक पर तीन सवार बैठकर उसे सरपट दौड़ाना तो आम रहा पर किसी-किसी बाइक पर चार से पांच तक लड़के सवार थे। इनमें से कई तो बाइक को सड़कों पर लहरा कर चला रहे थे तो कुछ ने अजीबोगरीब तरह के हार्न लगवा रहे थे। टेंपो, ऑटो में भी ऐसे लड़कों का हुजूम शहर की सड़कों पर इधर से उधर चक्कर लगा रहा था। रात नौ बजे शुरू हुआ सिलसिला रात दो बजे तक बदस्तूर चल रहा था। सड़क पर कई जगह लड़के गुट बनाकर भी खड़े थे। इससे इबादत करके राह निकलने वाली महिलाएं खुद को असहज महसूस कर रही थीं। सड़कों से पुलिस नदारद थी।
किसी पर नहीं था हेलमेट
एक बाइक पर तीन या चार सवार बैठने के साथ ही यातायात नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। किसी पर भी हेलमेट नहीं था। वहीं, कई के कान में एयरफोन लगे थे जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के हार्न उन्हें शायद ही सुनाई दे रहे हों। बुजुर्ग इनकी हरकत को देखकर हैरत में थे।
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पेट्रोल पंप हो गए बंद
शहर के कुछ पेट्रोल पंप पूरी रात या करीब दो बजे तक खोले जाते हैं। इनमें से भी अधिकांश पंप रात दस बजे ही बंद कर दिए गए। पिछली वर्षों में पंपों पर ऐसे ही लड़कों से हुए झगड़े की वजह से यह निर्णय लिया गया। प्रभा सिनेमा के सामने वाला पंप ही खुला दिखा जिस पर तेल लेने को मारामारी मची थी।
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शबे बारात के बहाने बाइकर्स का स्टाइल शहर की सड़कों पर खौफ का मंजर दिखा गया। पुराना शहर इलाके में सर्वाधिक हुल्लड़ कटा तो सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन जैसे पॉश इलाके भी इससे अछूते न रहे। एक बाइक पर तीन सवार बैठकर उसे सरपट दौड़ाना तो आम रहा पर किसी-किसी बाइक पर चार से पांच तक लड़के सवार थे। इनमें से कई तो बाइक को सड़कों पर लहरा कर चला रहे थे तो कुछ ने अजीबोगरीब तरह के हार्न लगवा रहे थे। टेंपो, ऑटो में भी ऐसे लड़कों का हुजूम शहर की सड़कों पर इधर से उधर चक्कर लगा रहा था। रात नौ बजे शुरू हुआ सिलसिला रात दो बजे तक बदस्तूर चल रहा था। सड़क पर कई जगह लड़के गुट बनाकर भी खड़े थे। इससे इबादत करके राह निकलने वाली महिलाएं खुद को असहज महसूस कर रही थीं। सड़कों से पुलिस नदारद थी।
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किसी पर नहीं था हेलमेट
एक बाइक पर तीन या चार सवार बैठने के साथ ही यातायात नियमों का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा था। किसी पर भी हेलमेट नहीं था। वहीं, कई के कान में एयरफोन लगे थे जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के हार्न उन्हें शायद ही सुनाई दे रहे हों। बुजुर्ग इनकी हरकत को देखकर हैरत में थे।
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पेट्रोल पंप हो गए बंद
शहर के कुछ पेट्रोल पंप पूरी रात या करीब दो बजे तक खोले जाते हैं। इनमें से भी अधिकांश पंप रात दस बजे ही बंद कर दिए गए। पिछली वर्षों में पंपों पर ऐसे ही लड़कों से हुए झगड़े की वजह से यह निर्णय लिया गया। प्रभा सिनेमा के सामने वाला पंप ही खुला दिखा जिस पर तेल लेने को मारामारी मची थी।