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अवैध बारात घर प्रकरणः सहालग सिर पर और आफत भी
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:44 PM IST
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सहालग सिर पर और आफत भी। फिर चिंता की बात नहीं। जब अवैध बारातघरों पर कार्रवाई के मामले मेें जब माननीय बारात घर संचाललकों के साथ हैं तो डरने की क्या बात। माननीयों की सिफारिश पर बीडीए की सात अप्रैल को डेड लाइन भी खत्म हो गई, लेकिन 61 बारात घर संचालकों ने ही जुर्माना अदाकर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू कराई। 140 बारात घर संचालक आखिरी तारीख निकल जाने के बाद भी कुंडली मारे बैठे रहे।
सात अप्रैल की की शाम तक 61 बारात घर मालिकों ने बीडीए में 15430000 रुपये जमा कराए। बीडीए में पूरे दिन बारात घर मालिकों और मैनेजरों की भीड़ लगी रही। आठ अप्रैल से अवैध बारातघरों को सील और ध्वस्त करने का अभियान चलना था, लेकिन इस दिन रविवार अवकाश होने की वजह से अब यह अभियान सोमवार से चलेगा। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए बीडीए उपाध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को चिट्ठी लिखी है। बीडीए ने शहर में अवैध बारातघरों को अपने मानचित्र स्वीकृत कराने या निर्धारित जुर्माने की रकम अदाकर कंपाउंडिंग कराने के लिए नोटिस भेजे थे। 23 मार्च इसकी आखिरी तारीख थी। बारातघर मालिकों ने सांसद और विधायकों से मिलकर अभियान न चलाने का दबाव बनाया। मंडलायुक्त ने बारातघर मालिकों की बीडीए के साथ मीटिंग बुलाकर उन पर न केवल जुर्माने की राशि दो लाख तक कम करा दी, बल्कि बारातघर मालिकों को जुर्माना चुकाने के लिए तय समय सीमा भी बढ़ाकर सात अप्रैल कर दी। बीडीए की तय समय सीमा के आखिरी दिन दो सौ से अधिक बारातघरों में से 61 बारातघर मालिकों ने बीडीए दफ्तर पहुंचकर चेक, बैंक ड्राफ्ट और नकदी के रूप में 15430000 रुपये जमा कराए। देर शाम तक बारातघर मालिकों की जुर्माना चुकाने के लिए बीडीए दफ्तर में भीड़ लगी रही।
सोमवार से चलेगा अभियान
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सात अप्रैल तक जिन बारातघर मालिकों ने कंपाउंडिंग शुल्क जमा नहीं कराया है, उनके विरुद्ध सीलिंग और ध्वस्तीकरण का अभियान नौ अप्रैल से चलाया जाएगा। इसके लिए बीडीए सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में दो एक्सईएन, चार एई और 10 जेई की टीम बनाई गई है। अभियान की सफलता के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र लिखकर मजिस्ट्रेट और फोर्स मांगा गया है। उन्होंने बताया कि कंपाउंडिंग केवल उन बारातघरों की ही की जाएगी, जिनमें पार्किंग और सेटबैक छूटे हुए हैं और वह बीडीए के अधिकांश मानक पूरे कर रहे हैं। जिन बारातघरों की कंपाउंडिंग नहीं हो सकती, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जो ध्वस्त होने लायक हैं, उनका ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
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इंजीनियरों को सौंपी जिम्मेदारी
बीडीए उपाध्यक्ष ने शनिवार अपराह्न तीन बजे अधीक्षण अभियंता, दोनों एक्सईएन, एई और जेई की मीटिंग लेकर शहर भर में बने अवैध बारातघरों पर चर्चा की। प्रत्येक अवर अभियंता और सहायक अभियंता को एक दिन में 10 अवैध बारातघर सील करने और जरूरत पड़ने पर उनको ध्वस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी। बीडीए सचिव अवैध बारातघरों के विरुद्ध चलाए गए अभियान की मॉनीटरिंग करेंगे।
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सहालग सिर पर और आफत भी। फिर चिंता की बात नहीं। जब अवैध बारातघरों पर कार्रवाई के मामले मेें जब माननीय बारात घर संचाललकों के साथ हैं तो डरने की क्या बात। माननीयों की सिफारिश पर बीडीए की सात अप्रैल को डेड लाइन भी खत्म हो गई, लेकिन 61 बारात घर संचालकों ने ही जुर्माना अदाकर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू कराई। 140 बारात घर संचालक आखिरी तारीख निकल जाने के बाद भी कुंडली मारे बैठे रहे।
सात अप्रैल की की शाम तक 61 बारात घर मालिकों ने बीडीए में 15430000 रुपये जमा कराए। बीडीए में पूरे दिन बारात घर मालिकों और मैनेजरों की भीड़ लगी रही। आठ अप्रैल से अवैध बारातघरों को सील और ध्वस्त करने का अभियान चलना था, लेकिन इस दिन रविवार अवकाश होने की वजह से अब यह अभियान सोमवार से चलेगा। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए बीडीए उपाध्यक्ष ने डीएम और एसएसपी को चिट्ठी लिखी है। बीडीए ने शहर में अवैध बारातघरों को अपने मानचित्र स्वीकृत कराने या निर्धारित जुर्माने की रकम अदाकर कंपाउंडिंग कराने के लिए नोटिस भेजे थे। 23 मार्च इसकी आखिरी तारीख थी। बारातघर मालिकों ने सांसद और विधायकों से मिलकर अभियान न चलाने का दबाव बनाया। मंडलायुक्त ने बारातघर मालिकों की बीडीए के साथ मीटिंग बुलाकर उन पर न केवल जुर्माने की राशि दो लाख तक कम करा दी, बल्कि बारातघर मालिकों को जुर्माना चुकाने के लिए तय समय सीमा भी बढ़ाकर सात अप्रैल कर दी। बीडीए की तय समय सीमा के आखिरी दिन दो सौ से अधिक बारातघरों में से 61 बारातघर मालिकों ने बीडीए दफ्तर पहुंचकर चेक, बैंक ड्राफ्ट और नकदी के रूप में 15430000 रुपये जमा कराए। देर शाम तक बारातघर मालिकों की जुर्माना चुकाने के लिए बीडीए दफ्तर में भीड़ लगी रही।
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सोमवार से चलेगा अभियान
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सात अप्रैल तक जिन बारातघर मालिकों ने कंपाउंडिंग शुल्क जमा नहीं कराया है, उनके विरुद्ध सीलिंग और ध्वस्तीकरण का अभियान नौ अप्रैल से चलाया जाएगा। इसके लिए बीडीए सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में दो एक्सईएन, चार एई और 10 जेई की टीम बनाई गई है। अभियान की सफलता के लिए जिलाधिकारी और एसएसपी को पत्र लिखकर मजिस्ट्रेट और फोर्स मांगा गया है। उन्होंने बताया कि कंपाउंडिंग केवल उन बारातघरों की ही की जाएगी, जिनमें पार्किंग और सेटबैक छूटे हुए हैं और वह बीडीए के अधिकांश मानक पूरे कर रहे हैं। जिन बारातघरों की कंपाउंडिंग नहीं हो सकती, उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। जो ध्वस्त होने लायक हैं, उनका ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
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इंजीनियरों को सौंपी जिम्मेदारी
बीडीए उपाध्यक्ष ने शनिवार अपराह्न तीन बजे अधीक्षण अभियंता, दोनों एक्सईएन, एई और जेई की मीटिंग लेकर शहर भर में बने अवैध बारातघरों पर चर्चा की। प्रत्येक अवर अभियंता और सहायक अभियंता को एक दिन में 10 अवैध बारातघर सील करने और जरूरत पड़ने पर उनको ध्वस्त करने की जिम्मेदारी सौंपी। बीडीए सचिव अवैध बारातघरों के विरुद्ध चलाए गए अभियान की मॉनीटरिंग करेंगे।