{"_id":"59420e344f1c1bbb128b4577","slug":"171497501236-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब कुछ ऑनलाइन तो पीएचडी के आवेदन ऑफलाइन क्यों?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब कुछ ऑनलाइन तो पीएचडी के आवेदन ऑफलाइन क्यों?
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:13 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय अब ई-विश्वविद्यालय बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है, ऐसे में पीएचडी के ऑफलाइन आवेदन ने विवि प्रशासन की टांग खिंचाई शुरू करा दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब एंट्रेंस से लेकर मुख्य परीक्षा फार्म सब ऑनलाइन हैं, तो पीएचडी के आवेदन ऑफलाइन क्यों मांगे जा रहे हैं। इसमें अभ्यर्थी को ज्यादा परेशानी का भी सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ विवि प्रशासन इसकी वाजिब वजह नहीं बता पाया।
मंगलवार से विवि ने पीएचडी की रिक्त सीटों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी। सैकड़ों अभ्यर्थी विवि की वेबसाइट पर फार्म भरने का लिंक खोजते रहे। निर्देशों की लंबी फेहरिस्त में विवि ने प्रारूप जारी किया है। अभ्यर्थी पंजीकृत डाक से आवेदन विवि को भेजेगा। इसमें बैंक ड्राफ्ट लगाएगा। सब कुछ ऑनलाइन होने के बावजूद विवि ऑफलाइन मोड में आ गया, जबकि सारी व्यवस्थाएं थीं। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर ऑनलाइन होता तो न बैंक के चक्कर लगाने होते और न डाकघर के। सीधे वेबसाइट से फार्म और आवेदन जमा कर सकते थे। वहीं कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने बताया कि व्यवस्था नहीं हो पाई इसलिए ऑफलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
विज्ञापन
रुहेलखंड विश्वविद्यालय अब ई-विश्वविद्यालय बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है, ऐसे में पीएचडी के ऑफलाइन आवेदन ने विवि प्रशासन की टांग खिंचाई शुरू करा दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब एंट्रेंस से लेकर मुख्य परीक्षा फार्म सब ऑनलाइन हैं, तो पीएचडी के आवेदन ऑफलाइन क्यों मांगे जा रहे हैं। इसमें अभ्यर्थी को ज्यादा परेशानी का भी सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी तरफ विवि प्रशासन इसकी वाजिब वजह नहीं बता पाया।
मंगलवार से विवि ने पीएचडी की रिक्त सीटों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी। सैकड़ों अभ्यर्थी विवि की वेबसाइट पर फार्म भरने का लिंक खोजते रहे। निर्देशों की लंबी फेहरिस्त में विवि ने प्रारूप जारी किया है। अभ्यर्थी पंजीकृत डाक से आवेदन विवि को भेजेगा। इसमें बैंक ड्राफ्ट लगाएगा। सब कुछ ऑनलाइन होने के बावजूद विवि ऑफलाइन मोड में आ गया, जबकि सारी व्यवस्थाएं थीं। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर ऑनलाइन होता तो न बैंक के चक्कर लगाने होते और न डाकघर के। सीधे वेबसाइट से फार्म और आवेदन जमा कर सकते थे। वहीं कुलसचिव साहब लाल मौर्या ने बताया कि व्यवस्था नहीं हो पाई इसलिए ऑफलाइन आवेदन मांगे गए हैं।
विज्ञापन