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दिन भर यात्री रहे परेशान, मुरादाबाद दिशा को नहीं गई ट्रेनें
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बरेली। ब्लॉक के चलते रोजा से लक्सर तक छह घंटे ट्रेनें मुरादाबाद दिशा की ओर नहीं गई। इससे मुरादाबाद, दिल्ली, देहरादून की ओर जाने वाले यात्री दिन भर ट्रेनों का इंतजार करते रहे। वहीं प्लेटफॉर्म पर कई स्टालों पर खानपान का सामान भी खत्म हो गया। रह-रह कर यात्री रेलवे को कोसते रहे। उनका कहना था कि कब पटरियों की मरम्मत होगी।
शनिवार को रोजा से लक्सर तक ब्लॉक लेकर इंजीनियरिंग अनुभाग ने पूर्वान्ह 11.05 बजे से पटरियों, स्लीपर और ओएचई मेंटिनेंस को बदलने का काम किया। सबसे ज्यादा दिक्कत बरेली तक आने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस के यात्रियों को हुई। यह ट्रेन साढ़े चार घंटे देरी से शाम पांच बजे जंक्शन पहुंचकर टनकपुर रवाना हुई। इसके अलावा अवध-असम एक्सप्रेस सात, कुंभ एक्सप्रेस सवा छह और मुगलसराय एक्सप्रेस सात घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। दिन भर यात्री ट्रेनों का इंतजार करते रहे। वह रह-रह कर रेलवे को कोसते रहे। बता दें कि रोजा से लक्सर तक पूर्वान्ह 11.05 से शाम 5.20 बजे तक ट्रेनों का संचालन नहीं हुआ। प्लेटफॉर्म दो और तीन के स्टालों पर खाने पीने का सामान भी खत्म हो गया। गोरखपुर-सीतापुर-शाहजहांपुर पैसेंजर को रोजा जंक्शन से आगे रद्द कर वापस भेज दिया गया।
15 से रद्द ट्रेनें चलाने की है तैयारी
बरेली। चार महीने से निरस्त चल रहीं नौ जोड़ी ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू करने को लेकर रेलवे ने ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस के साथ स्लीपर बदलने को शनिवार को अलग-अलग सेक्शन में अलग-अलग समय पर मेगा ब्लॉक लिए। इन ट्रेनों को 15 नवंबर 2018 से 15 फरवरी 2019 तक के लिए निरस्त किया गया था। बाद में निरस्तीकरण आगे बढ़ाया गया। ट्रेनों का संचालन एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन ट्रेनों का निरस्तीकरण फिर से 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि नौ जोड़ी निरस्त ट्रेनों का संचालन शुरू करने से पहले मेंटिनेंस के कामों को पूरा किया जा रहा है।
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गरीब नवाज निरस्त, नौचंदी, सत्याग्रह देरी से
बरेली। गरीब नवाज एक्सप्रेस शनिवार को निरस्त रही। वहीं नौचंदी और सत्याग्रह एक्सप्रेस ने शुक्रवार/शनिवार रात यात्रियों को इंतजार कराया। नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे की देरी से शनिवार तड़के करीब पांच बजे और सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे की देरी से रात सुबह साढ़े पांच बजे पहुंची। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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शनिवार को रोजा से लक्सर तक ब्लॉक लेकर इंजीनियरिंग अनुभाग ने पूर्वान्ह 11.05 बजे से पटरियों, स्लीपर और ओएचई मेंटिनेंस को बदलने का काम किया। सबसे ज्यादा दिक्कत बरेली तक आने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस के यात्रियों को हुई। यह ट्रेन साढ़े चार घंटे देरी से शाम पांच बजे जंक्शन पहुंचकर टनकपुर रवाना हुई। इसके अलावा अवध-असम एक्सप्रेस सात, कुंभ एक्सप्रेस सवा छह और मुगलसराय एक्सप्रेस सात घंटे देरी से जंक्शन पहुंची। दिन भर यात्री ट्रेनों का इंतजार करते रहे। वह रह-रह कर रेलवे को कोसते रहे। बता दें कि रोजा से लक्सर तक पूर्वान्ह 11.05 से शाम 5.20 बजे तक ट्रेनों का संचालन नहीं हुआ। प्लेटफॉर्म दो और तीन के स्टालों पर खाने पीने का सामान भी खत्म हो गया। गोरखपुर-सीतापुर-शाहजहांपुर पैसेंजर को रोजा जंक्शन से आगे रद्द कर वापस भेज दिया गया।
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15 से रद्द ट्रेनें चलाने की है तैयारी
बरेली। चार महीने से निरस्त चल रहीं नौ जोड़ी ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू करने को लेकर रेलवे ने ट्रैक, ओएचई मेंटिनेंस के साथ स्लीपर बदलने को शनिवार को अलग-अलग सेक्शन में अलग-अलग समय पर मेगा ब्लॉक लिए। इन ट्रेनों को 15 नवंबर 2018 से 15 फरवरी 2019 तक के लिए निरस्त किया गया था। बाद में निरस्तीकरण आगे बढ़ाया गया। ट्रेनों का संचालन एक अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन ट्रेनों का निरस्तीकरण फिर से 15 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि नौ जोड़ी निरस्त ट्रेनों का संचालन शुरू करने से पहले मेंटिनेंस के कामों को पूरा किया जा रहा है।
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गरीब नवाज निरस्त, नौचंदी, सत्याग्रह देरी से
बरेली। गरीब नवाज एक्सप्रेस शनिवार को निरस्त रही। वहीं नौचंदी और सत्याग्रह एक्सप्रेस ने शुक्रवार/शनिवार रात यात्रियों को इंतजार कराया। नौचंदी एक्सप्रेस ढाई घंटे की देरी से शनिवार तड़के करीब पांच बजे और सत्याग्रह एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे की देरी से रात सुबह साढ़े पांच बजे पहुंची। इससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।