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योगी सरकार का एक साल

Mon, 19 Mar 2018 07:01 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Mon, 19 Mar 2018 07:01 PM IST
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योगी सरकार का एक साल
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योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 19 मार्च 2017 को शपथ ली थी। तब सपा सरकार में बिगड़ी कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, गड्ढामुक्त सड़कों के अलावा पुराने अधूरे पडे़े प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने का संकल्प जताया गया था। सरकार के एक साल के कार्यकाल पर गौर करें तो सपा सरकार में मंजूर श्यामगंज फ्लाईओवर चालू कराने के अलावा सरकार के खाते में कोई ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है, जो धरातल पर दिख रहा हो। ट्रांसपोर्ट नगर, सिविल एन्क्लेव, टेक्सटाइल पार्क पर काम आगे नहीं बढ़ा। जेल की जमीन पर मंत्रियों के दावे हवा-हवाई साबित हुए। सरकार पर बेलगाम नौकरशाही हावी रही। भाजपा सांसद और विधायक के अलावा पार्षद तक विवादों में घिरते नजर आए। कानून व्यवस्था भी पटरी से उतरती दिखी।
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योगी सरकार बनते ही 30 जून तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा किया गया। सरकारी सिस्टम ने जहां-तहां सड़कों को गड्ढामुक्त कर खानापूरी कर शासन को रिपोर्ट भेज दी। एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने के बाद पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, बीडीए, आरईएस, जिला पंचायत, सिंचाई विभाग की सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो पाईं। सांसद और विधायक निधि के काम भी न के बराबर हुए। टेक्सटाइल पार्क, सिविल एन्क्लेव और ट्रांसपोर्ट नगर के अलावा जेल की जमीन पर नया प्रोजेक्ट उतारने की मंशा परवान नहीं चढ़ी। अवैध खनन और ओवरलोडिंग दो से तीन माह बंद होने के बाद फिर शुरू हो गई। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार अधिकांश समय बैक फुट पर ही दिखी। किसानों की आमदनी दो गुनी करने, बेरोजगारी दूर करने समेत तमाम बिंदुओं पर सरकार के काम जमीन पर नहीं दिखे।
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इन कामों में दिखा कुछ सुधार
1- किसानों की धान और गेहूं खरीद में बिचौलियों की भूमिका
2- चीनी मिलों द्वारा किसानों के गन्ना बकाया भुगतान
3- शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति
4- आय, जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों का ऑनलाइन बनना
5- ट्रांसपोर्ट नगर में मैकेनिकों को प्लाट आवंटन प्रक्रिया तेज होना

सरकार के एक साल के काम काज पर प्रतिक्रिया

कानून व्यवस्था ध्वस्त है। व्यापार चौपट हो गया। सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हुईं। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद प्रदेश बर्बादी के कगार पर पहुंच गया। इसके परिणामस्वरूप जनता ने भाजपा की दोनों लोकसभा सीटें भी गड्ढे में डाल दीं। सरकार पूरी तरह फेल रही। रामदेव पांडेय, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
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योगी सरकार ने एक साल में कोई काम नहीं किया। केवल पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कामों का श्रेय लेने की होड़ मची रही। कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट रही। भाजपा के गुंडे थानों में पुलिस को पीटते रहे। पूरे प्रदेश में जंगलराज कायम रहा। शुभलेश यादव, जिलाध्यक्ष सपा

योगी सरकार अपने किसी भी वादे पर खरी नहीं उतरी। क्राइम कंट्रोल नहीं हुआ। भाजपाई ही गुंडागर्दी कर अपनी सरकार की किरकिरी कराते रहे। जनता ने दो उपचुनाव हराकर सरकार को रिटर्न गिफ्ट भी दे दिया है। यही सरकार के कामों पर जनता की मुहर है। राजेश सागर, जिलाध्यक्ष बसपा

योगी सरकार में गुंडागर्दी कम हुई। भयमुक्त वातावरण बना। 24 घंटे बिजली, किसानों को गन्ने का बकाया भुगतान हुए। धान गेहूं खरीद में पारदर्शिता आई। बेरोजगारों के लिए बंपर वैकेंसी सरकार ने निकाली हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बनने की दिशा में चल पड़ा है। रवींद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष भाजपा

योगी सरकार के एक साल के कार्यकाल में आम आदमी को न्याय मिला। सड़कें ठीक हुईं। बिजली में सुधार है। सबसे बड़ी बात है कि किसी के साथ भेदभाव नहीं है। लाल फाटक पुल पर काम बढ़ा है। भ्रष्टाचार की बीमारी लंबी है, यह धीरे-धीरे ठीक होगी। धर्मेंद्र कश्यप, सांसद आंवला

सीएम योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार के मंत्रियों ने एक साल में सिर्फ बातें की हैं। काम कोई नहीं किए। कानून व्यवस्था सबसे खराब हालत में है। सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हुई। चारो ओर गंदगी का साम्राज्य है। जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व सांसद


सीएम योगी आदित्यनाथ कहते थे कि भाजपा की सरकार सबसे अलग है। वह तो कहीं भी नहीं दिखा एक साल में। स्वच्छ भारत मिशन पूरी तरह फेल है। चारो ओर गंदगी है। लोग मूलभूत सुविधाएं न मिलने से परेशान हैं। सरकार हिंदू मुस्लिम का फायदा उठाने में लगी रहती है। सुप्रिया ऐरन, पूर्व मेयर


योगी सरका ने एक साल में कोई काम नहीं कराया। खासतौर से बरेली विकास के मामले में शून्य रहा। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार के मंजूर प्रोजेक्ट शहामतगंज, आईवीआरआई और लालफाटक पुल के निर्माण के लिए सरकार बजट नहीं दे पाई। डा. आईएस तोमर, पूर्व मेयर


किसानों के ऋण माफ हुए। मृदा परीक्षण के काम मेें तेजी आई। गुंडे बदमाशों के इनकाउंटर हो रहे हैं। इससे कानून व्यवस्था में भी सुधार हो रहा है। बिजली, नौकरी भर्ती में पक्षपात नहीं हो रहा। सरकार विकास को गति देने में लगी है। सुभाष पटेल, पूर्व मेयर


भाजपा सरकार ने न कभी पहले काम किया है, न ही आगे करेंगे क्योंकि यह सांप्रदायिक पार्टी है। भाजपा कभी भी विकास के मुद्दे पर न तो चुनाव लड़ती है, न जीतती है। यह झूठे वादे और भावनाएं भड़काकर सत्ता में आते हैं। फिर काम कुछ नहीं करते। वीरपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद सपा


योगी सरकार एक साल तक सिर्फ बातों में जनता को बेवकूफ बनाती रही। इसी का परिणाम है कि गोरखपुर और फूलपुर की लोकसभा सीटों को हराकर जनता ने मुख्यमंत्री और डिप्टी मुख्यमंत्री को आइना दिखाया। जनता का जवाब 2019 में भी मिलेगा। भगवतसरन गंगवार, पूर्व मंत्री सपा



दुर्दांत अपराधी मारे जा रहे हैँ। कानून व्यवस्था सुधर रही है। किसानों को बिजली मिल रही है। सप्ताह भर में गन्ना बकाया भुगतान हो रहा है। बोर्ड परीक्षा में नकल पर लगाम लगी है। योजनाएं ऑनलाइन हो रही हैं, जिससे भविष्य में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। डा. विकास वर्मा, होम्योपैथिक चिकित्सक
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