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अहसन मियां धमकी देना बंद करें, वरना उसी भाषा में देंगे जवाब
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बरेली। दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में नातख्वा से मारपीट के बाद शुरू हुआ विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को नबीरे आला हजरत उस्मान रजा खां अंजुम मियां ने फिर बयान जारी कर आरोप लगाया कि सज्जादानशीन अहसन रजा खां बेवजह बयानबाजी करके दरगाह की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्हें इस बात का भी इल्म नहीं है कि इस बयानबाजी से मसलके आला हजरत को कितना नुकसान पहुंच रहा है। उन्हें गुमराह कुन और भ्रमित करने वाली बातें करने के साथ उनके और उनके बच्चों पर इल्जाम तराशी की आदत पड़ गई है।
अंजुम मियां ने कहा कि अहसन रजा खां उन्हें धमकी देना बंद करें वर्ना वह भी उसी भाषा में बात करना जानते हैं। उनका हमेशा मामूल रहा है कि इस तरह के विवाद को अवाम के दरम्यान मंजरे आम पर न लाया जाए। अपने तमाम दोस्तों और मुरीदीन को भी वह नसीहत करते हैं कि घर के मामलात घर में ही सुलझाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर रोज-रोज की बयानबाजी का सिलसिला नहीं थमा तो वह भी जुबान रखते हैं और तुर्की-बतुर्की जवाब देना भी जानते हैं। कहा, अगर उन पर लगाए जा रहे आरोपों का सिलसिला बंद नहीं हुआ तो वह तमाम खानदान के जिम्मेदारान और उलमा इकराम की एक टीम लेकर देश भर में घूम-घूम कर उनके कारनामे बताएंगे। उनके तमाम चैलेंज को कबूल करने को भी तैयार हैं। अगर वह उनके एक सवाल का जवाब दें कि पूरे रमजान में पांच वक्त की नमाज रजा मस्जिद में कितनी बार पढ़ी और कितनी तराबी की नमाज पढ़ी, अगर ये साबित कर दें तो मैं उनके हर चैलेंज को जहां कहेंगे, वहीं कबूल करने के लिए तैयार हूं।
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अंजुम मियां ने कहा कि अहसन रजा खां उन्हें धमकी देना बंद करें वर्ना वह भी उसी भाषा में बात करना जानते हैं। उनका हमेशा मामूल रहा है कि इस तरह के विवाद को अवाम के दरम्यान मंजरे आम पर न लाया जाए। अपने तमाम दोस्तों और मुरीदीन को भी वह नसीहत करते हैं कि घर के मामलात घर में ही सुलझाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर रोज-रोज की बयानबाजी का सिलसिला नहीं थमा तो वह भी जुबान रखते हैं और तुर्की-बतुर्की जवाब देना भी जानते हैं। कहा, अगर उन पर लगाए जा रहे आरोपों का सिलसिला बंद नहीं हुआ तो वह तमाम खानदान के जिम्मेदारान और उलमा इकराम की एक टीम लेकर देश भर में घूम-घूम कर उनके कारनामे बताएंगे। उनके तमाम चैलेंज को कबूल करने को भी तैयार हैं। अगर वह उनके एक सवाल का जवाब दें कि पूरे रमजान में पांच वक्त की नमाज रजा मस्जिद में कितनी बार पढ़ी और कितनी तराबी की नमाज पढ़ी, अगर ये साबित कर दें तो मैं उनके हर चैलेंज को जहां कहेंगे, वहीं कबूल करने के लिए तैयार हूं।
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