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दादी और नानी करेंगी बच्चों की देखभाल
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बरेली। शिशुओं को कुपोषण से मुक्त कराने का जिम्मा अब दादी और नानी संभालेंगी। सरकार ने गांव की बुजुर्ग महिलाओं को मातृ समितियों में शामिल करने की योजना बनाई है। इसमें सात से 12 महिलाएं होंगी। पहले से गठित मातृ समितियों में बदलाव किया जाएगा।
प्रमुख सचिव के पत्र के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले से गठित मातृ समितियों में बदलाव किया जाएगा। नई मातृ समितियां बनेंगी। दादी और नानी काउंसलिंग करके शिशुओं के पोषण में आने वाली दिक्कतों को दूर करेंगी। पोषाहार की नियमित उपलब्धता और भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। अति कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन में भी यह समितियां सहयोग करेंगी। पोषाहार के स्टाक की जांच और सत्यापन का काम भी समितियां करेंगी। बचपन, लाड़ली, ममता, अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई दिवस, किशोर दिवस और सुपोषण दिवस में भी समितियों को शामिल किया जाएगा। टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, प्री स्कूल भेजने में भी इनकी भूमिका होगी।
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प्रमुख सचिव के पत्र के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले से गठित मातृ समितियों में बदलाव किया जाएगा। नई मातृ समितियां बनेंगी। दादी और नानी काउंसलिंग करके शिशुओं के पोषण में आने वाली दिक्कतों को दूर करेंगी। पोषाहार की नियमित उपलब्धता और भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। अति कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन में भी यह समितियां सहयोग करेंगी। पोषाहार के स्टाक की जांच और सत्यापन का काम भी समितियां करेंगी। बचपन, लाड़ली, ममता, अन्नप्राशन दिवस, गोदभराई दिवस, किशोर दिवस और सुपोषण दिवस में भी समितियों को शामिल किया जाएगा। टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, प्री स्कूल भेजने में भी इनकी भूमिका होगी।
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