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सीतापुर फोरलेन की मरम्मत के लिए 7.50 करोड़ मंजूर
Updated Mon, 10 Sep 2018 02:18 AM IST
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बरेली। बरेली-सीतापुर फोरलेन की मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 7.50 करोड़ की धनराशि मंजूर कर दी है। फोरलेन प्रोजेक्ट लेने वाली इरा कंपनी के अधूरा काम छोड़ जाने के बाद अब तक एनएचएआई खुद यह काम करा रही थी। बारिश का सीजन खत्म हो रहा है। इसलिए एनएचएआई ने भी मेंटीनेंस की शुरूआत की तैयारी कर दी है। रोड के क्षतिग्रस्त हिस्से को सुधारने के साथ सोबती कंपनी को सड़क सुरक्षा के काम भी कराने होंगे। हालांकि अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए एनएचएआई को अभी नया कांट्रेक्ट देने का काम बाकी है।
करीब 157 किमी लंबी रोड के 2700 करोड़ के फोरलेन के इस प्रोजेक्ट को करीब दो माह पहले इरा इन्फ्रा कंपनी अधूरा छोड़कर भाग गई। अधूरा पड़ा यह हाईवे बारिश से लगातार उधड़ता रहा। एनएचएआई को खुद इस हाईवे की मरम्मत करानी पड़ी, लेकिन इस जोड़तोड़ से से पब्लिक को कोई राहत नहीं मिली। मिट्टी और रेत से भरे जाने वाले गड्ढे बारिश में धुलते रहे। किनारे की मिट्टी बह जाने से सड़क के धंसने का सिलसिला भी नहीं थमा। बारिश का मौसम अब खत्म हो रहा है। लिहाजा एनएचएआई ने खतरे की घंटी बन चुके हाईवे को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सोबती इन्फ्रा को सड़क के दुदर्शाग्रस्त हिस्से को सुधारने का काम दिया है। इससे रोड के गड्ढे भरने और उसे डामर से पक्का करने का काम तो होगा ही, साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए मेटल क्रश बैरियर, डिवाइडर, रेडियम सिग्नल, कैट्स आई सहित कई अन्य काम भी कराए जाएंगे। बता दें कि इस हाईवे का अभी करीब 70 फीसदी काम बकाया है। इसमें सड़क के साथ ब्रिज और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण होने हैं। इसके लिए एनएचआई को करीब 1000 करोड़ और खर्च करने हैं।
बारिश खत्म होने के साथ ही हाईवे पर पैचिंग वर्क और सड़क सुरक्षा के काम होने हैं। इसलिए लिए निजी संस्था को काम दे दिया गया है। कोशिश है कि इसी माह काम शुरू हो जाए। - आकांक्ष, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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करीब 157 किमी लंबी रोड के 2700 करोड़ के फोरलेन के इस प्रोजेक्ट को करीब दो माह पहले इरा इन्फ्रा कंपनी अधूरा छोड़कर भाग गई। अधूरा पड़ा यह हाईवे बारिश से लगातार उधड़ता रहा। एनएचएआई को खुद इस हाईवे की मरम्मत करानी पड़ी, लेकिन इस जोड़तोड़ से से पब्लिक को कोई राहत नहीं मिली। मिट्टी और रेत से भरे जाने वाले गड्ढे बारिश में धुलते रहे। किनारे की मिट्टी बह जाने से सड़क के धंसने का सिलसिला भी नहीं थमा। बारिश का मौसम अब खत्म हो रहा है। लिहाजा एनएचएआई ने खतरे की घंटी बन चुके हाईवे को सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए सोबती इन्फ्रा को सड़क के दुदर्शाग्रस्त हिस्से को सुधारने का काम दिया है। इससे रोड के गड्ढे भरने और उसे डामर से पक्का करने का काम तो होगा ही, साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए मेटल क्रश बैरियर, डिवाइडर, रेडियम सिग्नल, कैट्स आई सहित कई अन्य काम भी कराए जाएंगे। बता दें कि इस हाईवे का अभी करीब 70 फीसदी काम बकाया है। इसमें सड़क के साथ ब्रिज और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण होने हैं। इसके लिए एनएचआई को करीब 1000 करोड़ और खर्च करने हैं।
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बारिश खत्म होने के साथ ही हाईवे पर पैचिंग वर्क और सड़क सुरक्षा के काम होने हैं। इसलिए लिए निजी संस्था को काम दे दिया गया है। कोशिश है कि इसी माह काम शुरू हो जाए। - आकांक्ष, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
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