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आज से चलेगा अवैध बारातघरों पर बुलडोजर
Updated Mon, 26 Mar 2018 12:51 AM IST
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बरेली।
बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध रूप से बने बारात घर और बैंक्वेट हाल के विरुद्ध बीडीए का सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान आज से शुरू होगा। मंडलायुक्त ने इस संबंध में सोमवार को बीडीए अफसरों और बारातघर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मीटिंग बुलाई है। अभियान शुरू होने से पहले इस मीटिंग में बारातघरों की कंपाउंडिंग या नक्शा मंजूर कराकर राजस्व वसूली का मामला तय होगा। अगर बीडीए और बैंक्वट हाल एसोसिएशन के बीच सहमति नहीं बनी तो प्रशासन और पुलिस की मदद से सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शहर में लगभग दो सौ बारातघर हैं, इनमें 90 फीसदी से ज्यादा के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं। हालांकि बारात घर एसोसिएशन में करीब 100 बारातघर ही शामिल हैं। बीडीए ने वर्ष 2011 में भी अवैध बारातघरों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया था, मगर अफसरों की साठगांठ के चलते बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बार ई-टेंडरिंग और रेरा लागू होने से बीडीए में ले-आउट कम पास हो रहे हैं, इसलिए राजस्व वसूली भी कम है। लिहाजा बीडीए अपनी आमदनी बढ़ाने में लगा है। इसके चलते ही प्रथम चरण में 83 अवैध बारातघरों को नोटिस भेजकर उनके मालिकों को मानचित्र दिखाने या उचित फीस जमाकर कंपाउंडिंग कराने को कहा गया है। 10 बारात घर मालिकों ने करीब 30 लाख रुपये का राजस्व जमा कर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू भी करा दी है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जब बारातघर मालिक सीजन में अपना व्यवसाय कर पैसा कमा रहे हैं, तो नक्शा स्वीकृत कराकर फीस जमा करने में क्या परेशानी है। वह सरकारी राजस्व का नुकसान क्यों करना चाहते हैं। मंडलायुक्त की बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा के बाद अभियान पर निर्णय होगा।
एसोसिएशन ने जताया विरोध
बरेली। बैंक्वेट हाल एसोसिएशन ने सोमवार से शुरू होने वाले ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान का विरोध किया है। बैंक्वेट हाल एसोसिएशन प्रतिनिधिमंडल इस मामले में कमिश्नर से मिलेगा। एक बैंक्वेट हाल में हुई प्रेसवार्ता में एसोसिएशन अध्यक्ष गोपेश अग्रवाल ने कहा कि बीडीए का नोटिस 21 मार्च को मिला। इसमें बारातघरों का निर्माण अवैध बताकर ध्वस्त या सील करने की बात कही गई है। इस तरह का ध्वस्तीकरण आदेश 12 अक्तूबर, 2011 को भी पारित किया गया था, मगर उस समय कोई बारातघर ध्वस्त नहीं किया गया। अब बारातघर मालिकों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा हम अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन 15 अप्रैल से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है। तीन महीने पहले बुकिंग हो चुकी है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। वार्ता में संरक्षक वाईपी सहगल, कोषाध्यक्ष लईक खां, महामंत्री अतीत गुप्ता सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
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बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध रूप से बने बारात घर और बैंक्वेट हाल के विरुद्ध बीडीए का सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान आज से शुरू होगा। मंडलायुक्त ने इस संबंध में सोमवार को बीडीए अफसरों और बारातघर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मीटिंग बुलाई है। अभियान शुरू होने से पहले इस मीटिंग में बारातघरों की कंपाउंडिंग या नक्शा मंजूर कराकर राजस्व वसूली का मामला तय होगा। अगर बीडीए और बैंक्वट हाल एसोसिएशन के बीच सहमति नहीं बनी तो प्रशासन और पुलिस की मदद से सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
शहर में लगभग दो सौ बारातघर हैं, इनमें 90 फीसदी से ज्यादा के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं। हालांकि बारात घर एसोसिएशन में करीब 100 बारातघर ही शामिल हैं। बीडीए ने वर्ष 2011 में भी अवैध बारातघरों के खिलाफ ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया था, मगर अफसरों की साठगांठ के चलते बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बार ई-टेंडरिंग और रेरा लागू होने से बीडीए में ले-आउट कम पास हो रहे हैं, इसलिए राजस्व वसूली भी कम है। लिहाजा बीडीए अपनी आमदनी बढ़ाने में लगा है। इसके चलते ही प्रथम चरण में 83 अवैध बारातघरों को नोटिस भेजकर उनके मालिकों को मानचित्र दिखाने या उचित फीस जमाकर कंपाउंडिंग कराने को कहा गया है। 10 बारात घर मालिकों ने करीब 30 लाख रुपये का राजस्व जमा कर कंपाउंडिंग प्रक्रिया शुरू भी करा दी है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जब बारातघर मालिक सीजन में अपना व्यवसाय कर पैसा कमा रहे हैं, तो नक्शा स्वीकृत कराकर फीस जमा करने में क्या परेशानी है। वह सरकारी राजस्व का नुकसान क्यों करना चाहते हैं। मंडलायुक्त की बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा के बाद अभियान पर निर्णय होगा।
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एसोसिएशन ने जताया विरोध
बरेली। बैंक्वेट हाल एसोसिएशन ने सोमवार से शुरू होने वाले ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान का विरोध किया है। बैंक्वेट हाल एसोसिएशन प्रतिनिधिमंडल इस मामले में कमिश्नर से मिलेगा। एक बैंक्वेट हाल में हुई प्रेसवार्ता में एसोसिएशन अध्यक्ष गोपेश अग्रवाल ने कहा कि बीडीए का नोटिस 21 मार्च को मिला। इसमें बारातघरों का निर्माण अवैध बताकर ध्वस्त या सील करने की बात कही गई है। इस तरह का ध्वस्तीकरण आदेश 12 अक्तूबर, 2011 को भी पारित किया गया था, मगर उस समय कोई बारातघर ध्वस्त नहीं किया गया। अब बारातघर मालिकों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा हम अवैध निर्माण के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन 15 अप्रैल से शादियों का सीजन शुरू हो रहा है। तीन महीने पहले बुकिंग हो चुकी है। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। वार्ता में संरक्षक वाईपी सहगल, कोषाध्यक्ष लईक खां, महामंत्री अतीत गुप्ता सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
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