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गोमती बायोटेक को कुर्क करने के आदेश
Updated Sat, 10 Jun 2017 01:06 PM IST
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बरेली। तमाम समन वारंट के बाद भी भारत सरकार के उपक्रम हल्द्वानी स्थित गोमती बायोटेक लि. के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव शर्मा के न्यायालय में उपस्थित न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय से गोमती बायोटेक को कुर्की के आदेश जारी किए गए हैं। सुनवाई की अगली तिथि 27 जून नियत की है।
फतेहगंज पूर्वी के महेश गुप्ता ने 22 सितंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हल्द्वानी के संजीव शर्मा उन्हें करीब तीन वर्ष पहले मिले। उन्होंने स्वयं को भारत सरकार के उपक्रम गोमती बायोटेक लि. का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। बायो डीजल के लिए मान्यता प्रपत्र दिखाए। महेश गुप्ता व उसकी भाभी रानी गुप्ता से ढाई लाख रुपये सिक्योरिटी जमा करा कर 23 सितंबर 2009 को लिखित एग्रीमेंट किया। महेश गुप्ता व रानी गुप्ता ने भूमि खरीदने, टंकी, मशीन, जनरेटर व आफिस बनाने में लगभग 12 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन कुछ दिन बाद उप जिला मजिस्ट्रेट फरीदपुर का नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें बिना मान्यता के चल रहे पंप को बंद करने का आदेश दिया गया। संजीव शर्मा को नोटिस दिखाया तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और सिक्योरिटी मनी वापस मांगने पर देने से मना कर दिया। इंस्पेक्टर हल्द्वानी के समक्ष फोन पर सिक्योरिटी वापस करने का आश्वासन देने पर भी धनराशि नहीं लौटायी, बल्कि जान से मारने की धमकी दी। आरोप पत्र आने पर संजीव शर्मा को समन व वारंट भेजे गए, लेकिन कोर्ट में हाजिर न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव ने कुर्की वारंट जारी किया है।
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फतेहगंज पूर्वी के महेश गुप्ता ने 22 सितंबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि हल्द्वानी के संजीव शर्मा उन्हें करीब तीन वर्ष पहले मिले। उन्होंने स्वयं को भारत सरकार के उपक्रम गोमती बायोटेक लि. का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया। बायो डीजल के लिए मान्यता प्रपत्र दिखाए। महेश गुप्ता व उसकी भाभी रानी गुप्ता से ढाई लाख रुपये सिक्योरिटी जमा करा कर 23 सितंबर 2009 को लिखित एग्रीमेंट किया। महेश गुप्ता व रानी गुप्ता ने भूमि खरीदने, टंकी, मशीन, जनरेटर व आफिस बनाने में लगभग 12 लाख रुपये खर्च किए, लेकिन कुछ दिन बाद उप जिला मजिस्ट्रेट फरीदपुर का नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें बिना मान्यता के चल रहे पंप को बंद करने का आदेश दिया गया। संजीव शर्मा को नोटिस दिखाया तो उन्होंने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया और सिक्योरिटी मनी वापस मांगने पर देने से मना कर दिया। इंस्पेक्टर हल्द्वानी के समक्ष फोन पर सिक्योरिटी वापस करने का आश्वासन देने पर भी धनराशि नहीं लौटायी, बल्कि जान से मारने की धमकी दी। आरोप पत्र आने पर संजीव शर्मा को समन व वारंट भेजे गए, लेकिन कोर्ट में हाजिर न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट मृत्युंजय श्रीवास्तव ने कुर्की वारंट जारी किया है।
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