फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   authorities slams official on shoe scam

जूता घोटाले को लेकर शासन ने लगाई फटकार

Mon, 09 Apr 2018 06:26 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Mon, 09 Apr 2018 06:26 PM IST
विज्ञापन
authorities slams official on shoe scam

परिषदीय स्कूलों के बच्चों को भेजे गए सात करोड़ के जूतों में से केवल पचास फीसदी का ही वितरण को सका है। दरअसल, जूनियर हाईस्कूल के बच्चों के लिए भी प्राइमरी स्कूल के बच्चों के पैरों की माप के जूते खरीद लिए गए, लिहाजा वे जूते अब स्कूलों में पड़े कंडम हो रहे हैं। इनकी रिपोर्ट अब तक नहीं दी गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस मामले को दबा लिया है। इससे जूते और बस्तों को सप्लायर को वापस नहीं भेजा जा सका है। इस लापरवाही पर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने बीएसए को कड़ी फटकार लगाई है।

विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा एक से आठ तक के करीब तीन लाख बच्चों के लिए दिसंबर में सात करोड़ रुपये के जूते भेजे गए थे। इनमें करीब 50 प्रतिशत जूते इसलिए नहीं बंटे सके, क्योंकि उनके साइज गड़बड़ थे और बच्चों के पैरों में न आने से वे स्कूलों में डंप हैं। इसके साथ ही विभाग ने बच्चों को स्कूल बैग भी बांटे थे। इनकी क्वालिटी इतनी घटिया था कि वे सालभर के गारंटी पीरियड में ही फट गए। यही हाल बच्चों को दिए गए मोजों का भी रहा। कई करोड़ से खरीदे गए जूतों के साथ ही बैग और मोजों को आपूर्ति करने वाली संस्था को वापस भेजने के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को ही दबाने की कोशिश की। इससे करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शासन की बच्चों को राहत देने की मंशा पूरी नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों की यह लापरवाही उजागर होने के बार शासन ने बीएसए को कड़ी फटकार लगाई है। शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने इस पर नाराजगी जाहिर की है कि परिषदीय स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए मुफ्त में जूते, मोजे और बस्ते दिए गए थे लेकिन वारंटी पीरियड में जूते खराब हो गए हैं। साथ ही स्कूलों में डंप जूते भी वापस सप्लायर को न भेजने से सरकारी रकम का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने छह अप्रैल तक इन मामलों की विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदना राम इकबाल यादव को दिए हैं।
विज्ञापन


लापरवाही बरतने वाले बीईओ पर लटकी तलवार
50 फीसदी जूतेे स्कूलों में पड़े कंडम होने के मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों ने बड़ी लापरवाही की। उन्होंने जूतों का सत्यापन करना तो दूर उनके उपयोग की रसीद भी नहीं ली है। बच्चों के अभिभावकों ने जूतों के साइज को लेकर शिकायतें भी कीं। इसके बावजूद कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। अब यह मामला शासन में पहुंच जाने से लापरवाही बरतने वाले बीईओ पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चों के जूते न बंटने और उन्हें आपूर्ति करने वाली संस्था को वापस न भेजने के साथ ही गारंटी पीरियड में बस्ता फटने के मामले गंभीर है। इन मामलों को लेकर बीएसए को पहले ही आदेशित किया जा चुका है कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। - सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed