{"_id":"329c20f562028c7f4d7f98acb5a710f2","slug":"solar-light-scam-probe-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोलर लाइट घोटाले की जांच के आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सोलर लाइट घोटाले की जांच के आदेश
बाराबंकी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैदरगढ़ कस्बे में रोशनी के लिए लगाई गई सोलर लाइट खरीद में धांधली की जांच छह माह बाद कराने के निर्देश शासन ने दिए हैं। तीन माह पहले लगी लाइटों की कीमत का ढाई से तीन गुना तक भुगतान निकाले जाने की शिकायत की गई थी। कुल 150 सोलर लाइटों के लिए लगभग 85 लाख का भुगतान हुआ था। इसके साथ ही कस्बे में लगी एलईडी लाइटों की कीमत से कई गुना अधिक भुगतान किए जाने को भी जांच के दायरे में लिया गया है। अपर जिलाधिकारी ने शिकायत को सही बताते हुए एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
मालूम हो कि कस्बे को रोशन करने के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 के अंत में करीब डेढ़ सौ सोलर लाइट का तोहफा चेयरमैन ने कस्बावासियों को दिया था। इससे पहले कस्बे के चौराहों पर 17 एलईडी लाइट लगवाई गई थीं। कस्बावासियों के अनुसार दोनों लाइटों की खरीद में व्यापक धांधली कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है तथा लगाई गई घटिया लाइटों में कई खराब हो गई हैं। लाइट खरीद के इसी गड़बड़झाले के कारण नगर पंचायत को बजट पास कराने के लिए सभासदों की काफी मान मनौव्वल करनी पड़ी तथा मार्च से शुरू भ्रम जून में सभासदों की बजट पर सहमति के साथ समाप्त हुआ लेकिन कस्बे के ठठराही वार्ड के निवासी मनोज कुमार तिवारी एडवोकेट ने इसकी शिकायत डीएम समेत शासन में की तो लाइटों का मुद्दा एक बार फिर कस्बे के लोगों की चर्चा में शामिल हो गया है।
इनके अनुसार कस्बे लगी सोलर लाइट में पांच प्लेट की ल्यूमिनस की बैटरी की कीमत बाजार में अधिकतम 4500 रुपये और बजाज का 75 वाट का पैनल बाजार में चार हजार का है। इसके अलावा नौ वाट की बजाज की लाइट एक हजार, दस फिट लोहे का पोल आठ सौ तथा एंगिल, आठ सौ मीटर तार, बैटरी बक्सा, योेजना का नाम लिखी प्लेट की कीमत कुल 1700 रुपए होती है। पोल लगाने में लेबर सीमेंट मौरंग की कीमत को जोड़ लें तो एक सोलर लाइट की कुल कीमत 13 हजार से अधिक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि कस्बे को रोशन करने के लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 के अंत में करीब डेढ़ सौ सोलर लाइट का तोहफा चेयरमैन ने कस्बावासियों को दिया था। इससे पहले कस्बे के चौराहों पर 17 एलईडी लाइट लगवाई गई थीं। कस्बावासियों के अनुसार दोनों लाइटों की खरीद में व्यापक धांधली कर सरकारी धन की बंदरबांट की गई है तथा लगाई गई घटिया लाइटों में कई खराब हो गई हैं। लाइट खरीद के इसी गड़बड़झाले के कारण नगर पंचायत को बजट पास कराने के लिए सभासदों की काफी मान मनौव्वल करनी पड़ी तथा मार्च से शुरू भ्रम जून में सभासदों की बजट पर सहमति के साथ समाप्त हुआ लेकिन कस्बे के ठठराही वार्ड के निवासी मनोज कुमार तिवारी एडवोकेट ने इसकी शिकायत डीएम समेत शासन में की तो लाइटों का मुद्दा एक बार फिर कस्बे के लोगों की चर्चा में शामिल हो गया है।
विज्ञापन
इनके अनुसार कस्बे लगी सोलर लाइट में पांच प्लेट की ल्यूमिनस की बैटरी की कीमत बाजार में अधिकतम 4500 रुपये और बजाज का 75 वाट का पैनल बाजार में चार हजार का है। इसके अलावा नौ वाट की बजाज की लाइट एक हजार, दस फिट लोहे का पोल आठ सौ तथा एंगिल, आठ सौ मीटर तार, बैटरी बक्सा, योेजना का नाम लिखी प्लेट की कीमत कुल 1700 रुपए होती है। पोल लगाने में लेबर सीमेंट मौरंग की कीमत को जोड़ लें तो एक सोलर लाइट की कुल कीमत 13 हजार से अधिक नहीं है।
विज्ञापन