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इमरजेंसी में मांस व शराब के मामले में शुरू हुई लीपापोती
Updated Thu, 29 Jun 2017 12:21 AM IST
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इमरजेंसी में मांस व शराब के मामले में शुरू हुई लीपापोती
बाराबंकी। शराब व मांस का दौर चलाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के मामले में विभाग व प्रशासनिक अमला लीपापोती में जुटा है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम रामसनेहीघाट मौके पर तो गए। मगर, दोषियों से बयान दर्ज करने की बजाय कार्यालय में तलब कर लिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के दो आला अधिकारियों के बयान पर नजर डाले तो वह दोषी मानते हुए भी मातहतों पर कार्रवाई के मुद्दे पर अलग-अलग बयानबाजी कर रहे हैं।
मामला दरियाबाद थाना क्षेत्र के सीएचसी मथुरानगर का है। सोमवार की रात सीएचसी की इमरजेंसी में स्वास्थकर्मियों द्वारा मांस पकाने व चिकित्सकों के साथ शराब पीने का दौर चल रहा था। जिसका वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और मीडिया कर्मियों को इसकी सूचना दी थी। बुधवार को मामला सुर्खियों में आने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंचे। एसडीएम ने मामले की पड़ताल की और आरोप लगाने वाले लोगों के बयान दर्ज किये। वहीं चिकित्सक व कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए एसडीएम ने गुरूवार को अपने कार्यालय बुलाया। उधर स्वास्थ्य विभाग के दो आला अधिकारी इमरजेंसी में हुए इस कृत्य को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को दोषी जरूर मानते हैं। मगर, कार्रवाई के मुद्दे पर अलग-अलग बयान चौंका रहे हैं। एडिशनल सीएमएओ आईपी वर्मा का कहना है कि इस मामले की जांच एडिशनल सीएमओ जेता सिंह को दी गई है। मगर, जेता सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। सीएचसी के चिकित्सक व कर्मचारी दोषी हैं। मगर, अभी इस मामले की जांच उन्हें नहीं मिली है। उधर, इस बारे में उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट राहुल यादव ने बताया कि जांच शुरू की गई है। नगरवासियो के बयान दर्ज किए गए है। स्वास्थ केंद्र के दोषी लोगों को गुरुवार को बयान के लिए बुलाया गया है। बयान लेने के बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।
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बाराबंकी। शराब व मांस का दौर चलाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के मामले में विभाग व प्रशासनिक अमला लीपापोती में जुटा है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम रामसनेहीघाट मौके पर तो गए। मगर, दोषियों से बयान दर्ज करने की बजाय कार्यालय में तलब कर लिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग के दो आला अधिकारियों के बयान पर नजर डाले तो वह दोषी मानते हुए भी मातहतों पर कार्रवाई के मुद्दे पर अलग-अलग बयानबाजी कर रहे हैं।
मामला दरियाबाद थाना क्षेत्र के सीएचसी मथुरानगर का है। सोमवार की रात सीएचसी की इमरजेंसी में स्वास्थकर्मियों द्वारा मांस पकाने व चिकित्सकों के साथ शराब पीने का दौर चल रहा था। जिसका वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाया और मीडिया कर्मियों को इसकी सूचना दी थी। बुधवार को मामला सुर्खियों में आने के बाद जिलाधिकारी के आदेश पर उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र पहुंचे। एसडीएम ने मामले की पड़ताल की और आरोप लगाने वाले लोगों के बयान दर्ज किये। वहीं चिकित्सक व कर्मचारियों को बयान दर्ज कराने के लिए एसडीएम ने गुरूवार को अपने कार्यालय बुलाया। उधर स्वास्थ्य विभाग के दो आला अधिकारी इमरजेंसी में हुए इस कृत्य को लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों को दोषी जरूर मानते हैं। मगर, कार्रवाई के मुद्दे पर अलग-अलग बयान चौंका रहे हैं। एडिशनल सीएमएओ आईपी वर्मा का कहना है कि इस मामले की जांच एडिशनल सीएमओ जेता सिंह को दी गई है। मगर, जेता सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है। सीएचसी के चिकित्सक व कर्मचारी दोषी हैं। मगर, अभी इस मामले की जांच उन्हें नहीं मिली है। उधर, इस बारे में उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट राहुल यादव ने बताया कि जांच शुरू की गई है। नगरवासियो के बयान दर्ज किए गए है। स्वास्थ केंद्र के दोषी लोगों को गुरुवार को बयान के लिए बुलाया गया है। बयान लेने के बाद जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।
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