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रात में फाइलेरिया मरीजों की शुरु हुई खोज
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बाराबंकी। आगामी फरवरी में प्रस्तावित मास ड्रग एडिमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के नाइट सर्वे का शुभारंभ सोमवार रात पीरबटावन मोहल्ले से किया गया। अभियान के तहत रात को मरीजों के खून की जांच की जाएगी। जिस भी व्यक्ति में माइक्रो फाइलेरिया मिला तो उसका इलाज किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए आगामी माह में जिले की 35 लाख की आबादी को फाइलेरिया से मुक्ति कराने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें 0-2 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओ तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर लोगों का स्क्रीन टेस्ट किया जाएगा।
इसके लिए सोमवार से अभियान की शुरुआत फाइलेरिया निरीक्षक केके गुप्ता के देखरेख में शुरू कराया गया है। पीरबटावन के नई बस्ती में 135 व्यक्तियों को चयनित कर रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। माइक्रो फाइलेरिया पाए जाने पर दवाएं खिलाई जाएगी। वहीं दो से पांच वर्ष तक के बच्चो का एक गोली, 06 से 14 वर्ष तक के बच्चों को दो गोली तथा 15 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लोगों को तीन गोली दी जानी है।
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सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है। यह मादा मच्छर गन्दे पानी में पनपते हैं। इसलिए घर के आस-पास गंदा पानी न इकठ्ठा होने दें।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए आगामी माह में जिले की 35 लाख की आबादी को फाइलेरिया से मुक्ति कराने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें 0-2 वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओ तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर लोगों का स्क्रीन टेस्ट किया जाएगा।
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इसके लिए सोमवार से अभियान की शुरुआत फाइलेरिया निरीक्षक केके गुप्ता के देखरेख में शुरू कराया गया है। पीरबटावन के नई बस्ती में 135 व्यक्तियों को चयनित कर रक्त पट्टिकाएं बनाई गई। माइक्रो फाइलेरिया पाए जाने पर दवाएं खिलाई जाएगी। वहीं दो से पांच वर्ष तक के बच्चो का एक गोली, 06 से 14 वर्ष तक के बच्चों को दो गोली तथा 15 वर्ष व इससे अधिक उम्र के लोगों को तीन गोली दी जानी है।
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सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है। यह मादा मच्छर गन्दे पानी में पनपते हैं। इसलिए घर के आस-पास गंदा पानी न इकठ्ठा होने दें।