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बफर गोदामों में भरी है यूरिया, फिर भी भटक रहे किसान

Fri, 21 Aug 2020 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 11:46 PM IST
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Urea is filled in buffer warehouses, yet the farmers are wandering
कैलाश। - फोटो : BANDA
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में प्री-पोस्टिंग (रबी मौसम के लिए डंप खाद) का पर्याप्त स्टॉक होने के बाद भी किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। पीसीएफ के बफर गोदाम में लगभग 52 हजार मीट्रिक टन खाद डंप है, लेकिन खरीफ की फसल के लिए यूरिया देने से हाथ खड़े कर रहा है। नतीजतन कोआपरेटिव समितियों में खाद के लाले हैं। खरीफ मौसम में धान की रोपाई के बाद यूरिया खाद की जरूरत होती है। समय से खाद न मिलने पर उत्पादन में कमी आ सकती है।
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कृषि विभाग के मुताबिक मंडल में इस वर्ष धान की रोपाई का लक्ष्य 58,466 हेक्टेयर है। इसके सापेक्ष चारों जिलों में 51,100 हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई, जो लक्ष्य का करीब 87 फीसदी है। अब किसानों को यूरिया खाद की जरूरत है, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है।
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किसान समितियों में चक्कर लगाकर बैरंग घर लौट रहे हैं। इस वर्ष मंडल में खरीफ के लिए यूरिया का सरकारी लक्ष्य 9242 मीट्रिक टन (एमटी) निर्धारित है, लेकिन 5233 (69 फीसदी) मीट्रिक खाद ही उपलब्ध हो सकी। अभी किसानों को 4009 मीट्रिक खाद की और आवश्यकता है। उधर, पीसीएफ के बफर गोदामों में रबी मौसम में बांटने के लिए प्री-पोस्टिंग की 52,576 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक है, लेकिन विभाग शासन की गाइड लाइन का हवाला देते हुए प्री-पोस्टिंग की खाद सहकारी समितियों को देने से हाथ खड़े कर रहा है।
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मंडल में यूरिया का लक्ष्य, उपलब्धता और जरूरत (मीट्रिक टन)
जिला लक्ष्य उपलब्धता जरूरत
बांदा 5,037 2,299 2738
चित्रकूट 2459 1188 1271
महोबा 255 286 -
हमीरपुर 1491 1460 -
योग- 9242 5233 4009
रबी मौसम के लिए (प्री-पोस्टिंग) उपलब्ध यूरिया खाद
जिला उपलब्धता
बांदा 2,298
चित्रकूट 817
महोबा 1401
हमीरपुर 740
योग 5256
खाद न मिली तो फसल हो जाएगी बर्बाद
कलेक्टर पुरवा के किसान कैलाश यादव का कहना है कि एक माह से यूरिया के लिए बिक्री केंद्रों के चक्कर लगा रहा है। धान को यूरिया की अब जरूरत है। खाद न मिलने से बेड़ पीली पड़ रही है। जल्द खाद नहीं मिली तो फसल बर्बाद हो जाएगी।
खाद के लिए काट रहे हैं चक्कर
जारी गांव के किसान भगवानदीन का कहना है कि वह दो एकड़ में धान लगाए हैं। यूरिया के लिए मंडी समिति के एग्रो बिक्री केंद्र में 15 दिन से चक्कर लगा रहा है। खाद नहीं मिल रही। फसल खराब हो रही है। समय पर खाद नहीं मिली तो उत्पादन पर असर पड़ेगा।
स्टॉक से 30 फीसदी खाद दे दी गई
रबी मौसम के लिए प्री-पोस्टिंग की खाद से महज 30 फीसदी ही स्टॉक निकाला जा सकता है। यह स्टॉक समितियों में पहुंचा दिया गया है। शेष स्टॉक में रखी यूरिया खाद अक्तूबर में रबी फसल के लिए समितियों में पहुंचाई जाएगी। -पुष्पेंद्र कुशवाहा, क्षेत्रीय प्रबंधक, पीसीएफ, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा

डीएम ने यूरिया की किल्लत को देखते हुए दो रैक यूरिया के लिए प्रमुख सचिव आयुक्त एवं निबंधक (सहकारिता) को पत्र लिखा है। जल्द खाद उपलब्ध होगी।-संतोष बहादुर सिंह
अपर जिलाधिकारी, बांदा

भगवानदीन।

भगवानदीन।- फोटो : BANDA

मंडी परिसर में स्थित केंद्र में खाद न होने पर गोदाम का बंद शटर।

मंडी परिसर में स्थित केंद्र में खाद न होने पर गोदाम का बंद शटर।- फोटो : BANDA

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